फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hathras News ›   Voting came close, the silence of the voters did not break

Hathras News: मतदान करीब आया, नहीं टूटी मतदाताओं की चुप्पी

Thu, 11 May 2023 12:16 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस Updated Thu, 11 May 2023 12:16 AM IST
विज्ञापन
Voting came close, the silence of the voters did not break
मतदाताओं की चुप्पी ने राजनीतिक दलों के जानकारों को उलझा दिया है। चुनावी ऊंट किस करवट बैठेगा, मतदाताओं पर किसका जादू चलेगा, अभी तक प्रत्याशी और उनके चुनावी सिपहसालार इसका आकलन नहीं कर पा रहे हैं। बुधवार को दिन भर चाय की दुकानों में पर चुनाव की ही चर्चा होती रही। जातीय गणित के आधार पर हार-जीत का आकलन किया जाता रहा, लेकिन आखिर में सियासी विश्लेषक यही आकर अटक गए कि इस बार मतदाता कुछ बोल नहीं रहे। ऐसे में हार-जीत को लेकर कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।
विज्ञापन




बीते एक पखवाड़े से नगर पंचायत क्षेत्र में प्रचार हुआ। राजनीतिक दलों के साथ निर्दलीय प्रत्याशियों ने खूब दमखम दिखाया। सबने अपने-अपने तरीके से मतदाताओं को रिझाने में कोई कसर बाकी नहीं रखी। घर-घर प्रत्याशी पहुंचे। किसी ने मतदाताओं के पैर पकड़े तो किसी ने हाथ जोड़े। किसी ने अपने चुनावी घोषणा पत्र का हवाला देकर वोट मांगे तो किसी ने राजनीतिक दल की विशेषताएं बताईं।
विज्ञापन




कॉल के जरिये भी प्रचार किया हुआ। स्टार प्रचारकों ने भी प्रत्याशियों को जिताने के लिए पूरी तरह जोर-आजमाइश की। कहीं रोड शो हुआ तो कहीं जुलूस निकाला गया। बुधवार की रात तक प्रत्याशियों ने दम नहीं लिया। वह हर तरीके से मतदाताओं को अपने पक्ष में करने की कोशिश में जुटे रहे। इतने के बावजूद किस नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए कौन प्रत्याशी हावी है और कौन कमजोर, इसका आकलन करना मुश्किल हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन




सभी प्रत्याशियों ने अपने-अपने किले की घेराबंदी कर रखी है और दूसरों के खेमों में सेंधमारी की कोशिश में रात भर जुटे रहे, लेकिन मतदाताओं की खमोशी ने उनकी बेचैनी बढ़ा रखी है। कोई भी प्रत्याशी या उनका समर्थक पुख्ता तौर पर यह दावा नहीं कर पा रहा कि कौन जीत रहा है।





देर रात तक वोटरों को रिझाया
मतदाताओं को रिझाने के लिए बुधवार की रात उम्मीदवारों के लिए अंतिम और भारी रही। प्रशासन की नजरों से बचते हुए उम्मीदवारों ने मतदाताओं को अपने पक्ष में लामबंद करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी। निर्वाचन आयोग के निर्देश पर प्रचार भले ही मंगलवार की शाम से बंद हो गया, लेकिन प्रत्याशी और उनके समर्थक गुपचुप प्रचार में जुटे रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed