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Hathras News: फिर बढ़ा वायरल बुखार का प्रकोप, बच्चे की मौत
Sat, 22 Feb 2025 01:33 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Sat, 22 Feb 2025 01:33 AM IST
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मौसम में बार-बार आ रहे बदलाव से वायरल बुखार का प्रकोप फिर बढ़ गया है। बुखार से पीड़ित एक बच्चे की शुक्रवार को मौत हो गई।सरकारी व निजी अस्पतालों में बुखार पीड़ितों की संख्या बढ़ गई है। इनमें बच्चे और बुजुर्ग ही नहीं, नौजवान भी शामिल हैं।
मुरसान क्षेत्र के गांव कोटा निवासी अरवाज के पांच माह के बेटे सिफान को बृहस्पतिवार की रात को दूध पीने के बाद बुखार आ गया। शुक्रवार दोपहर को परिजन बच्चे को उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर आए। यहां चिकित्सक ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। बच्चे के पिता ने बताया कि बुखार आने के बाद बच्चा लगातार उल्टी कर रहा था। दूध न पचने पर उसे जिला अस्पताल लेकर आए। सिफान उनका इकलौता बेटा था। बच्चे की मृत्यु की बात सुनकर परिजन रोने-बिलखने लगे और शव को गांव लेकर चले गए।
इधर, वायरल बुखार के साथ-साथ खांसी, जुकाम के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। बुखार की चपेट में आने के बाद लोगों को लगभग 5 से 6 दिनों तक इससे राहत नहीं मिल रही है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन आने वाले एक हजार से अधिक मरीजों में 40 फीसदी मरीज वायरल से पीड़ित होकर पहुंच रहे हैं। इसी तरह का हाल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का भी है। यहां भी काफी मरीज वायरल बुखार, सर्दी, खांसी, जुकाम से पीड़ित होकर आ रहे हैं। चिकित्सक मरीजों को बदलते हुए मौसम से बचने की सलाह दे रहे हैं।
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- वायरल बुखार के लक्षण-
-नियमित अंतराल पर तेज बुखार आता है।
-ठंड लगने के साथ बुखार आना।
-जोड़ों के पास तेज दर्द।
-चेहरे पर सूजन और उल्टी होना
वायरल बुखार से बचने के उपाय
-साबुन से बार-बार हाथ धोने चाहिए।
-भीड़-भाड़ वाली जगहों से दूर रहें।
-बिना हाथ धोए अपने चेहरे, मुंह और नाक को छूने से परहेज करें।
-संक्रमित व्यक्ति के खांसने, उबासी लेने और छींकने से दूर रहें।
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बदलते मौसम में वायरल बुखार, खांसी और जुकाम के मरीज बढ़ रहे हैं। इन्हें उचित परामर्श के साथ दवाएं भी दी जा रही हैं। लोगों को इस मौसम में विशेष एहतियात बरतने की सलाह दी जा रही है।
-डॉ.सूर्यप्रकाश, सीएमएस
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मुरसान क्षेत्र के गांव कोटा निवासी अरवाज के पांच माह के बेटे सिफान को बृहस्पतिवार की रात को दूध पीने के बाद बुखार आ गया। शुक्रवार दोपहर को परिजन बच्चे को उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर आए। यहां चिकित्सक ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। बच्चे के पिता ने बताया कि बुखार आने के बाद बच्चा लगातार उल्टी कर रहा था। दूध न पचने पर उसे जिला अस्पताल लेकर आए। सिफान उनका इकलौता बेटा था। बच्चे की मृत्यु की बात सुनकर परिजन रोने-बिलखने लगे और शव को गांव लेकर चले गए।
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इधर, वायरल बुखार के साथ-साथ खांसी, जुकाम के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। बुखार की चपेट में आने के बाद लोगों को लगभग 5 से 6 दिनों तक इससे राहत नहीं मिल रही है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन आने वाले एक हजार से अधिक मरीजों में 40 फीसदी मरीज वायरल से पीड़ित होकर पहुंच रहे हैं। इसी तरह का हाल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का भी है। यहां भी काफी मरीज वायरल बुखार, सर्दी, खांसी, जुकाम से पीड़ित होकर आ रहे हैं। चिकित्सक मरीजों को बदलते हुए मौसम से बचने की सलाह दे रहे हैं।
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- वायरल बुखार के लक्षण-
-नियमित अंतराल पर तेज बुखार आता है।
-ठंड लगने के साथ बुखार आना।
-जोड़ों के पास तेज दर्द।
-चेहरे पर सूजन और उल्टी होना
वायरल बुखार से बचने के उपाय
-साबुन से बार-बार हाथ धोने चाहिए।
-भीड़-भाड़ वाली जगहों से दूर रहें।
-बिना हाथ धोए अपने चेहरे, मुंह और नाक को छूने से परहेज करें।
-संक्रमित व्यक्ति के खांसने, उबासी लेने और छींकने से दूर रहें।
बदलते मौसम में वायरल बुखार, खांसी और जुकाम के मरीज बढ़ रहे हैं। इन्हें उचित परामर्श के साथ दवाएं भी दी जा रही हैं। लोगों को इस मौसम में विशेष एहतियात बरतने की सलाह दी जा रही है।
-डॉ.सूर्यप्रकाश, सीएमएस