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पल्लेदारों की संख्या बढ़े तो तेज होगी गेहूं की उतराई
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संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
इन-दिनों क्रय केंद्रों से वेयर हाउस के लिए गेहूं पर्याप्त मात्रा में पहुंच रहा है। यदि अधिकारी गेहूं उतारने के लिए पल्लेदारों की संख्या बढ़ा दें तो ट्रक चालकों को होल्डिंग चार्ज के रूप में मिलने वाले 1,500 रुपयों से पल्लेदारों का भुगतान हो जाएगा और ट्रकों को खाली करने के काम में भी तेजी आएगी। कोरोना काल में पल्लेदारों को भी काम मिलेगा।
उल्लेखनीय है कि इन दिनों जिले के 53 क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद हो रही है। अब तक तीन लाख कुंतल से अधिक गेहूं खरीदा जा चुका है। जिले के सात हजार से अधिक किसान गेहूं को बेच चुके हैं। इस बीच वेयर हाउस पर गेहूं उतारने में पल्लेदारों को दिक्कत आ रही है।
इस कारण वेयर हाउस पर ट्रकों की लाइन लग रही है। 24 घंटे से ज्यादा ट्रक खड़ा होने पर चालकों द्वारा होल्डिंग चार्ज के रूप में 15 सौ रुपये लिए जाते हैं। यदि वेयर हाउस में पल्लेदारों की संख्या बढ़ा दी जाए तो इससे ट्रकों को खाली करने के काम में तेजी आएगी और विभाग को होल्डिंग चाज्र के रूप में होने वाला आर्थिक नुकसान भी बच जाएगा।
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छह रुपये क्विंटल है उतराई का खर्चा
अधिकारियों का कहना है कि शासन स्तर से ट्रक से गेहूं उतारने पर पल्लेदारों के लिए छह रुपये क्विंटल के हिसाब से भुगतान की व्यवस्था की गई है, लेकिन वर्तमान में महंगाई के हिसाब से यह पैसा काफी कम है। हालांकि ठेकेदार पल्लेदारों की संख्या में इजाफा करने की कोशिश कर हैं।
ट्रक चालक जो होल्डिंग चार्ज लेते हैं, वह ठेकेदार को देना पड़ता है, इसलिए ठेकेदार पल्लेदारों की संख्या बढ़ा रहे हैं। अब स्थिति धीरे धीरे सही हो जाएगी। अन्य जिलों में वेयर हाउस में ट्रकों की लंबी लाइन है, यहां तो कुछ नहीं है।
-राजेश कुमार, डिप्टी आरएमओ
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इन-दिनों क्रय केंद्रों से वेयर हाउस के लिए गेहूं पर्याप्त मात्रा में पहुंच रहा है। यदि अधिकारी गेहूं उतारने के लिए पल्लेदारों की संख्या बढ़ा दें तो ट्रक चालकों को होल्डिंग चार्ज के रूप में मिलने वाले 1,500 रुपयों से पल्लेदारों का भुगतान हो जाएगा और ट्रकों को खाली करने के काम में भी तेजी आएगी। कोरोना काल में पल्लेदारों को भी काम मिलेगा।
उल्लेखनीय है कि इन दिनों जिले के 53 क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद हो रही है। अब तक तीन लाख कुंतल से अधिक गेहूं खरीदा जा चुका है। जिले के सात हजार से अधिक किसान गेहूं को बेच चुके हैं। इस बीच वेयर हाउस पर गेहूं उतारने में पल्लेदारों को दिक्कत आ रही है।
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इस कारण वेयर हाउस पर ट्रकों की लाइन लग रही है। 24 घंटे से ज्यादा ट्रक खड़ा होने पर चालकों द्वारा होल्डिंग चार्ज के रूप में 15 सौ रुपये लिए जाते हैं। यदि वेयर हाउस में पल्लेदारों की संख्या बढ़ा दी जाए तो इससे ट्रकों को खाली करने के काम में तेजी आएगी और विभाग को होल्डिंग चाज्र के रूप में होने वाला आर्थिक नुकसान भी बच जाएगा।
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छह रुपये क्विंटल है उतराई का खर्चा
अधिकारियों का कहना है कि शासन स्तर से ट्रक से गेहूं उतारने पर पल्लेदारों के लिए छह रुपये क्विंटल के हिसाब से भुगतान की व्यवस्था की गई है, लेकिन वर्तमान में महंगाई के हिसाब से यह पैसा काफी कम है। हालांकि ठेकेदार पल्लेदारों की संख्या में इजाफा करने की कोशिश कर हैं।
ट्रक चालक जो होल्डिंग चार्ज लेते हैं, वह ठेकेदार को देना पड़ता है, इसलिए ठेकेदार पल्लेदारों की संख्या बढ़ा रहे हैं। अब स्थिति धीरे धीरे सही हो जाएगी। अन्य जिलों में वेयर हाउस में ट्रकों की लंबी लाइन है, यहां तो कुछ नहीं है।
-राजेश कुमार, डिप्टी आरएमओ