केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल के नाम से डीपीआरओ को धमकी: कोर्ट ने दिया मुकदमा दर्ज करने का आदेश, यह है मामला
हाथरस की डीपीआरओ सुबोध जोशी को केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल के नाम से धमकी का कॉल आया था। डेढ़ महीने तक डीपीआरओ ने हर जगह प्रयास किए, पर मामला दर्ज नहीं हुआ। डीपीआरओ ने कोर्ट की शरण ली और मामले में मुकदमा दर्ज करने के आदेश हो गए।
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हाथरस के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट इंद्रेश के न्यायालय ने जिला पंचायतराज अधिकारी सुबोध जोशी को धमकी देने और अभद्रता करने के मामले में थानाध्यक्ष मुरसान को अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज विवेचना करने का आदेश दिया है। केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल के नाम से धमकी देने का यह मामला काफी सुर्खियों में रहा था।
जिला पंचायतराज अधिकारी सुबोध जोशी ने सीआरपीसी की धारा 156 (3) के तहत न्यायालय में प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। उनके अधिवक्ता योगेश कुमार ने बताया कि डीपीआरओ ने प्रार्थना पत्र के माध्यम से कहा था कि वह जनपद में जिला पंचायतराज अधिकारी के पद पर तैनात हैं। उन्होंने 18 जनवरी 2024 को ग्राम पंचायत इसौंदा विकास खंड सहपऊ का निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के समय निर्मित पंचायत सचिवालय बंद पाया गया। ग्राम सचिवालय किसी अज्ञात व्यक्ति के स्थान पर नियम विरुद्ध संचालित किया जा रहा था। यहां पंचायत सहायक भी मौके पर मौजूद मिलीं। ग्राम पंचायत इसौंदा में निर्मित आरसीसी के निरीक्षण में घटिया ईंट एवं सामग्री का उपयोग किया जाना पाया गया।
निरीक्षण के उपरांत विकास खंड सादाबाद से मुख्यालय वापसी के दौरान 18 जनवरी 2024 को शाम 06.06 बजे मोबाइल नंबर-9756368888 से मेरे मोबाइल नंबर पर दो कॉल प्राप्त हुई। व्यस्तता के कारण कॉल अटैंड नहीं हो सकी। पुनः 6.09 बजे पर इस मोबाइल नंबर से कॉल आई। किसी अज्ञात व्यक्ति ने कहा कि प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल बात करेंगे। वार्ता करने वाले ने अपना परिचय एसपी सिंह बघेल केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री भारत सरकार के रूप में देते हुए कहा कि ग्राम इसौंदा का निरीक्षण आपके द्वारा किया गया है।
प्रधान के खिलाफ कोई भी कार्रवाई न की जाए। जवाब में डीपीआरओ ने कहा कि नियमानुसार जितनी मदद हो सकेगी, मैं करूंगी। तब उन्हें फोन पर धमकाया कि अगर तुम प्रधान की जांच कर सकती हो तो मैं भी तुम्हारी जांच करा सकता हूं। आगरा में तुम्हारी तरह डायरेक्ट अधिकारी डीपीआरओ को निलंबित करा दिया है। डीपीआरओ जालौन की भी जांच कमेटी गठित करा दी है। तब मेरे द्वारा कहा गया कि सर आपकी भाषा धमकी भरी हुई प्रतीत हो रही है तो उन्होंने कहा कि ज्यादा नियम कानून मत पढ़ाओ नहीं तो तुम्हारी भी दूसरे तरीके जांच कराकर स्थानांतरण अथवा निलंबित करा दूंगा। ्र
यह सारी बातें मेरे साथ उपस्थित जिला कंसल्टेंट स्वच्छ भारत मिशन योगेश कुमार सारस्वत, जिला परियोजना प्रबंधक गौरव जैन, चालक धर्मेंद्र सिंह व भूमि संरक्षण अधिकारी इंद्रसेन ने भी सुनी है। मेरे साथ अज्ञात व्यक्ति ने अशोभनीय भाषा का प्रयोग किया है। इसकी शिकायत पुलिस को की गई, लेकिन प्राथमिकी दर्ज नहीं होने पर न्यायालय में प्रार्थना पत्र दाखिल किया। उन्होंने अपने कथनों के समर्थन में मोबाइल की प्राप्त कॉलों के विवरण की छाया प्रति प्रार्थना पत्र के साथ संलग्न की। इस मामले की सुनवाई अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट इंद्रेश के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने थानाध्यक्ष मुरसान को प्रार्थना पत्र में दिए गए कथनों के प्रकाश में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर विधि अनुसार विवेचना कराया जाना सुनिश्चित करने के लिए कहा है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री के नाम से एक अज्ञात नंबर से धमकी मिली थी। इस मामले में मैंने पहले थाना पुलिस और बाद में पुलिस अधीक्षक हाथरस को भी प्रार्थना पत्र भेजा था, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। इसके बाद मैंने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दाखिल किया। मुझे न्यायालय पर पूर्ण भरोसा व विश्वास था। मुझे न्यायालय से न्याय की उम्मीद थी, जो कि पूरी हुई है। -सुबोध जोशी, डीपीआरओ।