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Hathras News: दिवाली-छठ पर ट्रेनों में मारामारी, स्पेशल ट्रेनें भी फुल
Tue, 15 Sep 2026 01:43 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Tue, 15 Sep 2026 01:43 AM IST
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प्रतीकात्मक चित्र।
- फोटो : Archive
दिवाली के मद्देनजर अगले दो महीनों तक नियमित ट्रेनों में सीटों की उपलब्धता लगभग न के बराबर है। विशेष रूप से गोरखपुर और बिहार की ओर जाने वाली ट्रेनों में कन्फर्म टिकट मिलना अत्यंत कठिन हो गया है। कई मामलों में वेटिंग टिकट भी जारी नहीं हो पा रहे हैं।
त्योहारी सीजन में घर वापसी की होड़ के कारण यात्री आरक्षण कार्यालयों में भीड़ लगा रहे हैं और तत्काल टिकटों पर निर्भर हैं। रेलवे बोर्ड के आदेश पर संचालित विशेष ट्रेनें भी दिवाली और छठ पर्व के कारण पूरी तरह बुक हो चुकी हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए ट्रेनों में कोचों की संख्या बढ़ाने के साथ ही विशेष ट्रेनों का संचालन भी बढ़ाया जा रहा है।
हाथरस जंक्शन और हाथरस सिटी से गुजरने वाली कई प्रमुख ट्रेनों में आरक्षण की स्थिति चिंताजनक है। उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल के पीआरओ अमित कुमार सिंह का कहना है कि त्योहारी सीजन में अग्रिम आरक्षण की संख्या बढ़ जाती है, इसलिए अंत समय पर त्योहार स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जाता है।
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प्रमुख ट्रेनों में नो रूम की स्थिति
कालका-हावड़ा नेताजी एक्सप्रेस और मुरी एक्सप्रेस के स्लीपर क्लास में रिग्रेट/नो रूम दर्ज हो चुका है। इन ट्रेनों के थर्ड एसी में वेटिंग 70 से 90 के पार है। सेकंड एसी में भी 35 से ऊपर वेटिंग चल रही है। नीलांचल एक्सप्रेस के स्लीपर में भी रिग्रेट दर्ज है। इसके थर्ड व सेकंड एसी में वेटिंग 80 के पार है। फरक्का एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में भी नो रूम का बोर्ड लग चुका है।
मुंबई और गुजरात की ट्रेनों की स्थिति
मुंबई और गुजरात की ओर जाने वाली ट्रेनों की स्थिति भी काफी खराब है। हाथरस सिटी स्टेशन पर रुकने वाली कानपुर अनवरगंज-अहमदाबाद और गोरखपुर-बांद्रा एक्सप्रेस के स्लीपर और थर्ड एसी में बुकिंग पूरी तरह बंद हो चुकी है। सामान्य दिनों में लखनऊ गोमती एक्सप्रेस जैसी जिल इंटरसिटी ट्रेनों में आसानी से आरक्षण मिल जाता है, उनमें भी समस्या है। छह और सात नवंबर को इन ट्रेनों में नो रूम की स्थिति बन रही है।
तत्काल कोटा और रेलवे की व्यवस्थाएं
वर्तमान में कुछ चुनिंदा ट्रेनों के फर्स्ट एसी और इकॉनमी एसी में इक्का-दुक्का सीटें उपलब्ध हैं। ये सीटें भी तेजी से वेटिंग की ओर बढ़ रही हैं। दिवाली से ठीक एक-दो दिन पहले सफर करने वाले यात्रियों के लिए तत्काल कोटा ही एकमात्र विकल्प बचा है। यह कोटा यात्रा से 24 घंटे पहले खुलता है। यात्रियों ने रेलवे से हाथरस और आसपास के स्टेशनों से गुजरने वाली अतिरिक्त पूजा स्पेशल ट्रेनें चलाने की मांग की है।
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त्योहारी सीजन में घर वापसी की होड़ के कारण यात्री आरक्षण कार्यालयों में भीड़ लगा रहे हैं और तत्काल टिकटों पर निर्भर हैं। रेलवे बोर्ड के आदेश पर संचालित विशेष ट्रेनें भी दिवाली और छठ पर्व के कारण पूरी तरह बुक हो चुकी हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए ट्रेनों में कोचों की संख्या बढ़ाने के साथ ही विशेष ट्रेनों का संचालन भी बढ़ाया जा रहा है।
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हाथरस जंक्शन और हाथरस सिटी से गुजरने वाली कई प्रमुख ट्रेनों में आरक्षण की स्थिति चिंताजनक है। उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल के पीआरओ अमित कुमार सिंह का कहना है कि त्योहारी सीजन में अग्रिम आरक्षण की संख्या बढ़ जाती है, इसलिए अंत समय पर त्योहार स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जाता है।
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प्रमुख ट्रेनों में नो रूम की स्थिति
कालका-हावड़ा नेताजी एक्सप्रेस और मुरी एक्सप्रेस के स्लीपर क्लास में रिग्रेट/नो रूम दर्ज हो चुका है। इन ट्रेनों के थर्ड एसी में वेटिंग 70 से 90 के पार है। सेकंड एसी में भी 35 से ऊपर वेटिंग चल रही है। नीलांचल एक्सप्रेस के स्लीपर में भी रिग्रेट दर्ज है। इसके थर्ड व सेकंड एसी में वेटिंग 80 के पार है। फरक्का एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में भी नो रूम का बोर्ड लग चुका है।
मुंबई और गुजरात की ट्रेनों की स्थिति
मुंबई और गुजरात की ओर जाने वाली ट्रेनों की स्थिति भी काफी खराब है। हाथरस सिटी स्टेशन पर रुकने वाली कानपुर अनवरगंज-अहमदाबाद और गोरखपुर-बांद्रा एक्सप्रेस के स्लीपर और थर्ड एसी में बुकिंग पूरी तरह बंद हो चुकी है। सामान्य दिनों में लखनऊ गोमती एक्सप्रेस जैसी जिल इंटरसिटी ट्रेनों में आसानी से आरक्षण मिल जाता है, उनमें भी समस्या है। छह और सात नवंबर को इन ट्रेनों में नो रूम की स्थिति बन रही है।
तत्काल कोटा और रेलवे की व्यवस्थाएं
वर्तमान में कुछ चुनिंदा ट्रेनों के फर्स्ट एसी और इकॉनमी एसी में इक्का-दुक्का सीटें उपलब्ध हैं। ये सीटें भी तेजी से वेटिंग की ओर बढ़ रही हैं। दिवाली से ठीक एक-दो दिन पहले सफर करने वाले यात्रियों के लिए तत्काल कोटा ही एकमात्र विकल्प बचा है। यह कोटा यात्रा से 24 घंटे पहले खुलता है। यात्रियों ने रेलवे से हाथरस और आसपास के स्टेशनों से गुजरने वाली अतिरिक्त पूजा स्पेशल ट्रेनें चलाने की मांग की है।