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Hathras News: बड़े भाई की मौत के सदमे में छोटे ने भी तोड़ा दम
Fri, 12 Dec 2025 02:09 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Fri, 12 Dec 2025 02:09 AM IST
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क्षेत्र के गांव कोटा में बृहस्पतिवार की सुबह दो सगे भाइयों की दो घंटे के अंतराल पर मौत हो गई। बड़े भाई कुंवरपाल (35) के सीने में दर्द उठा और वह अचेत हो गए। परिजन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया। गांव में शव आने के कुछ देर बाद सदमे में छोटे भाई बॉबी (29) की भी मौत हो गई।
परिजन उसे भी आनन-फानन अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक देर हो गई थी। दो भाइयों की यकायक मौत से गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मुरसान के गांव कोटा निवासी कुंवरपाल मेहनत मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। बृहस्पतिवार की सुबह वह घर के आंगन में कुर्सी पर बैठकर अलाव ताप रहे थे। पत्नी नेमवती के अनुसार अचानक उनके हाथ-पांव इठने लगे। उन्हें गिरता देख पत्नी ने संभालने का प्रयास किया, लेकिन वह कुर्सी से नीचे गिरे और अचेत हो गए। पत्नी ने शोर मचाकर आस-पड़ोसियों को एकत्रित किया।
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ग्रामीण कुंवरपाल को प्राइवेट अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन वहां से मना कर दिया। सुबह लगभग 10 बजे परिजन उन्हें जिला अस्पताल लेकर आए। यहां चिकित्सक ने हार्ट अटैक की आशंका जाहिर करते हुए उन्हें मृत घोषित कर दिया। भाई की मौत की बात सुन बॉबी बदहवास हो गया। वह रोने-बिलखने लगा।
शव गांव ले जाते समय भी वह साथ था। परिजन समझाने का प्रयास कर रहे थे। गांव के प्राथमिक स्कूल परिसर में बने चबूतरे पर शव रखा गया। यहां परिजन व रिश्तेदार विलाप कर रहे थे। बॉबी भी वहीं बैठा था। ग्रामीणों ने बताया कि वह कभी रो रहा था तो कभी हंसने लगता। थोड़ी देर बाद आंसू पोंछकर वह घर जाने की कहकर चला गया।
घर के बाहर से गुजर रहीं महिलाओं ने देखा कि वह आंगन में पड़ा है। कुंवरपाल के शव के पास मौजूद लोगों को खबर दी गई। इसके बाद ग्रामीण बॉबी को अचेत अवस्था में प्राइवेट अस्पताल लेकर पहुंचे। दोपहर 12 बजे उसे जिला अस्पताल लाया गया, जहां उसे भी मृत घोषित कर दिया। बॉबी की मौत की खबर से परिजन व ग्रामीणों के पैरों तले जमीन खिसक गई। परिजन बिना किसी कार्यवाही के शव को गांव ले गए। गांव में गमगीन माहौल में दोनों भाइयों का अंतिम संस्कार किया गया।
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परिजन उसे भी आनन-फानन अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक देर हो गई थी। दो भाइयों की यकायक मौत से गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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मुरसान के गांव कोटा निवासी कुंवरपाल मेहनत मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। बृहस्पतिवार की सुबह वह घर के आंगन में कुर्सी पर बैठकर अलाव ताप रहे थे। पत्नी नेमवती के अनुसार अचानक उनके हाथ-पांव इठने लगे। उन्हें गिरता देख पत्नी ने संभालने का प्रयास किया, लेकिन वह कुर्सी से नीचे गिरे और अचेत हो गए। पत्नी ने शोर मचाकर आस-पड़ोसियों को एकत्रित किया।
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ग्रामीण कुंवरपाल को प्राइवेट अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन वहां से मना कर दिया। सुबह लगभग 10 बजे परिजन उन्हें जिला अस्पताल लेकर आए। यहां चिकित्सक ने हार्ट अटैक की आशंका जाहिर करते हुए उन्हें मृत घोषित कर दिया। भाई की मौत की बात सुन बॉबी बदहवास हो गया। वह रोने-बिलखने लगा।
शव गांव ले जाते समय भी वह साथ था। परिजन समझाने का प्रयास कर रहे थे। गांव के प्राथमिक स्कूल परिसर में बने चबूतरे पर शव रखा गया। यहां परिजन व रिश्तेदार विलाप कर रहे थे। बॉबी भी वहीं बैठा था। ग्रामीणों ने बताया कि वह कभी रो रहा था तो कभी हंसने लगता। थोड़ी देर बाद आंसू पोंछकर वह घर जाने की कहकर चला गया।
घर के बाहर से गुजर रहीं महिलाओं ने देखा कि वह आंगन में पड़ा है। कुंवरपाल के शव के पास मौजूद लोगों को खबर दी गई। इसके बाद ग्रामीण बॉबी को अचेत अवस्था में प्राइवेट अस्पताल लेकर पहुंचे। दोपहर 12 बजे उसे जिला अस्पताल लाया गया, जहां उसे भी मृत घोषित कर दिया। बॉबी की मौत की खबर से परिजन व ग्रामीणों के पैरों तले जमीन खिसक गई। परिजन बिना किसी कार्यवाही के शव को गांव ले गए। गांव में गमगीन माहौल में दोनों भाइयों का अंतिम संस्कार किया गया।