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Hathras News: युवक ने कर्ज के चलते रची थी खुद के अपहरण की कहानी
Sun, 14 Apr 2024 02:30 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Sun, 14 Apr 2024 02:30 AM IST
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कोतवाली मुरसान क्षेत्र के गांव कोटा से बीते दिनों संदिग्ध हालात में लापता हुए मोबाइल फोन दुकान संचालक ने कर्ज के चलते खुद ही अपने अपहरण की साजिश रची थी। पुलिस के मुताबिक युवक ने कर्ज होने की वजह से अपहरण की झूठी कहानी रची थी। मुरसान पुलिस, स्वाट और सर्विलांस टीम ने युवक को राजस्थान के उदयपुर से महिला मित्र के साथ बरामद कर लिया है।
बता दें कि कोतवाली मुरसान क्षेत्र के गांव कोटा में मोबाइल की दुकान चलाने वाला अनिल कुमार पुत्र जगदीश बाबू संदिग्ध हालात में दुकान से लापता हो गया था। उसकी दुकान के फर्श पर खून के निशान मिले थे। एएसपी, सीओ सादाबाद व कोतवाली प्रभारी निरीक्षक पुलिस बल के साथ मौके पहुंच गए थे और घटना की जानकारी ली थी।
घटना की गंभीरता के दृष्टिगत फील्ड यूनिट व फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। परिजनों से जानकारी करने पर पता चलाप कि कि युवक आठ अप्रैल को रात दस बजे दुकान पर आया था और दुकान पर ही सो गया था। उसके बाद अगले दिन नौ अप्रैल की सुबह दुकान पर कार्य करने वाला मिस्त्री आया तो दुकान का शटर खुला था। सामान अस्त-व्यस्त था। फर्श पर खून के निशान मिले थे। घटना के संबंध में युवक के पिता जगदीश बाबू ने कोतवाली मुरसान में मुकदमा दर्ज कराया था।
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एसपी निपुण अग्रवाल ने सीओ सादाबाद गोपाल सिंह के नेतृत्व में टीमों का गठन किया। पुलिस टीमों ने सर्विलांस सेल की तकनीकी सहायता की मदद से अपहृत अनिल कुमार को राजस्थान के उदयपुर से महिला मित्र के साथ बरामद कर लिया। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसकी गांव कोटा में बीएस मोबाइल पॉइंट के नाम से दुकान है। उस पर काफी कर्ज हो गया था, जिससे वह काफी परेशान रहता था।
कुछ दिनों पहले उसकी एक महिला से मित्रता हो गई थी। आठ अप्रैल की दोपहर के बाद वह अपाचे बाइक से आगरा के लिए निकला और आगरा पहुंचकर अपने मोबाइल फोन एक दुकान पर बेच दिए। वहां से नकदी लेकर महिला मित्र से फोन पर वार्ता की व उसको लेकर हाथरस आ गया। हाथरस में दुकान में ब्लड प्रेशर बढ़ जाने से उसकी नाक से खून आने लगा। कुछ समय बाद नाक से खून बंद हो गया।
वह अपनी दुकान की नकदी व आगरा से लाए गए नकद रुपये बैग में रखकर, अपने मोबाइल फोन को काउंटर में डिब्बे के अंदर छोड़कर और अपने साथ कीपैड फोन लेकर चल दिया था। नाक से जो खून गिरा था, उससे दीवार पर एन लिख दिया, जिससे घर वालों को यह पता चल जाए कि नकसीर फूटने से यह खून फैला है।
दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर निकालकर नौ अप्रैल को सुबह चार बजे वह पैदल-पैदल कपूरा चौराहा होते हुए हतीसा ओवरब्रिज के नीचे आया। यहां पर राया की तरफ से एक खाली ऑटो बुक कर महिला मित्र के साथ मथुरा चला गया। वहां से ट्रेन मे बैठकर उदयपुर चला गया था। युवक को बरामद करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक थाना मुरसान मनोज कुमार, प्रभारी स्वाट/सर्विलांस गिरीशचंद्र गौतम शामिल रहे।
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बता दें कि कोतवाली मुरसान क्षेत्र के गांव कोटा में मोबाइल की दुकान चलाने वाला अनिल कुमार पुत्र जगदीश बाबू संदिग्ध हालात में दुकान से लापता हो गया था। उसकी दुकान के फर्श पर खून के निशान मिले थे। एएसपी, सीओ सादाबाद व कोतवाली प्रभारी निरीक्षक पुलिस बल के साथ मौके पहुंच गए थे और घटना की जानकारी ली थी।
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घटना की गंभीरता के दृष्टिगत फील्ड यूनिट व फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। परिजनों से जानकारी करने पर पता चलाप कि कि युवक आठ अप्रैल को रात दस बजे दुकान पर आया था और दुकान पर ही सो गया था। उसके बाद अगले दिन नौ अप्रैल की सुबह दुकान पर कार्य करने वाला मिस्त्री आया तो दुकान का शटर खुला था। सामान अस्त-व्यस्त था। फर्श पर खून के निशान मिले थे। घटना के संबंध में युवक के पिता जगदीश बाबू ने कोतवाली मुरसान में मुकदमा दर्ज कराया था।
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एसपी निपुण अग्रवाल ने सीओ सादाबाद गोपाल सिंह के नेतृत्व में टीमों का गठन किया। पुलिस टीमों ने सर्विलांस सेल की तकनीकी सहायता की मदद से अपहृत अनिल कुमार को राजस्थान के उदयपुर से महिला मित्र के साथ बरामद कर लिया। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसकी गांव कोटा में बीएस मोबाइल पॉइंट के नाम से दुकान है। उस पर काफी कर्ज हो गया था, जिससे वह काफी परेशान रहता था।
कुछ दिनों पहले उसकी एक महिला से मित्रता हो गई थी। आठ अप्रैल की दोपहर के बाद वह अपाचे बाइक से आगरा के लिए निकला और आगरा पहुंचकर अपने मोबाइल फोन एक दुकान पर बेच दिए। वहां से नकदी लेकर महिला मित्र से फोन पर वार्ता की व उसको लेकर हाथरस आ गया। हाथरस में दुकान में ब्लड प्रेशर बढ़ जाने से उसकी नाक से खून आने लगा। कुछ समय बाद नाक से खून बंद हो गया।
वह अपनी दुकान की नकदी व आगरा से लाए गए नकद रुपये बैग में रखकर, अपने मोबाइल फोन को काउंटर में डिब्बे के अंदर छोड़कर और अपने साथ कीपैड फोन लेकर चल दिया था। नाक से जो खून गिरा था, उससे दीवार पर एन लिख दिया, जिससे घर वालों को यह पता चल जाए कि नकसीर फूटने से यह खून फैला है।
दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर निकालकर नौ अप्रैल को सुबह चार बजे वह पैदल-पैदल कपूरा चौराहा होते हुए हतीसा ओवरब्रिज के नीचे आया। यहां पर राया की तरफ से एक खाली ऑटो बुक कर महिला मित्र के साथ मथुरा चला गया। वहां से ट्रेन मे बैठकर उदयपुर चला गया था। युवक को बरामद करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक थाना मुरसान मनोज कुमार, प्रभारी स्वाट/सर्विलांस गिरीशचंद्र गौतम शामिल रहे।