{"_id":"67c0c8426c3dbcfeaa0786fc","slug":"the-villagers-raised-slogans-and-the-consolidation-workers-returned-hasayan-news-c-57-1-sali1014-102173-2025-02-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hathras News: ग्रामीणों ने की नारेबाजी, वापस लौटे चकबंदी कर्मचारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hathras News: ग्रामीणों ने की नारेबाजी, वापस लौटे चकबंदी कर्मचारी
Fri, 28 Feb 2025 01:47 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Fri, 28 Feb 2025 01:47 AM IST
विज्ञापन
नगला रति स्थित पंचायतघर पर बैठक में शोर-शराबा करते ग्रामीण। स्रोत : स्वयं
- फोटो : Samvad
गांव नगला रति के ग्राम पंचायत मिनी सचिवालय परिसर में चकबंदी विभाग के कर्मचारियों ने ग्रामीणों के साथ बैठक की। ग्रामीण बैठक में चकबंदी वापस जाओ के पोस्टर-बैनर लेकर पहुंच गए और नारेबाजी की। ग्रामीणों के तेवर देखकर कर्मचारी बैठक की कार्यवाही रजिस्टर में दर्ज कर वापस चले गए।
ग्रामीणों ने कहा कि जब ग्राम पंचायत में रहने वाले ग्रामीण ही चकबंदी कराना नहीं चाह रहे तो फिर चकबंदी विभाग के कर्मचारी बार-बार चकबंदी कराए जाने की कार्यवाही प्रारंभ करने और किसानों से वार्ता करने क्यों आ जाते हैं। बैठक में चकबंदी विभाग के लेखपाल ने ग्रामीणों व छोटे किसानों को उनकी ग्राम पंचायत में दबी हुई जमीन वापस मिलने सहित अन्य लाभ होने के बारे में भी जानकारी दी।
गौरतलब है कि प्रशासन के आदेश पर ग्राम पंचायत कलूपुरा नगला रति में चकबंदी की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। पूर्व में भी विभागीय अधिकारी व कर्मचारी ग्रामीणों के साथ बैठक कर चुके हैं। तब भी ग्रामीणोें ने उनसे साफ कह दिया था कि वह चकबंदी नहीं चाहते। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
ग्रामीणों ने कहा कि जब ग्राम पंचायत में रहने वाले ग्रामीण ही चकबंदी कराना नहीं चाह रहे तो फिर चकबंदी विभाग के कर्मचारी बार-बार चकबंदी कराए जाने की कार्यवाही प्रारंभ करने और किसानों से वार्ता करने क्यों आ जाते हैं। बैठक में चकबंदी विभाग के लेखपाल ने ग्रामीणों व छोटे किसानों को उनकी ग्राम पंचायत में दबी हुई जमीन वापस मिलने सहित अन्य लाभ होने के बारे में भी जानकारी दी।
विज्ञापन
गौरतलब है कि प्रशासन के आदेश पर ग्राम पंचायत कलूपुरा नगला रति में चकबंदी की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। पूर्व में भी विभागीय अधिकारी व कर्मचारी ग्रामीणों के साथ बैठक कर चुके हैं। तब भी ग्रामीणोें ने उनसे साफ कह दिया था कि वह चकबंदी नहीं चाहते। संवाद
विज्ञापन