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Hathras News: पैमाइश करने पहुंची टीम, बिटिया के परिजनों ने लौटाया
Thu, 12 Dec 2024 01:05 PM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Thu, 12 Dec 2024 01:05 PM IST
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चंदपा क्षेत्र के गांव में मृत बिटिया के परिवार के मकान की पैमाइश करने गई प्रशासन की टीम को परिजनों ने लौटा दिया। परिजनों ने कहा कि पहले न्यायालय से आदेश लेकर आएं, उसके बाद ही कोई कार्रवाई करें।
पीड़ित परिवार का कहना है कि राज्य सरकार से हुई घोषणा के आधार पर उन्हें घर देने का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। अभी तक राज्य सरकार की ओर से हुई इस घोषणा के आधार पर उन्हें कोई मदद नहीं मिली है।
कोतवाली चंदपा क्षेत्र के गांव में 14 सितंबर 2020 को बिटिया की हत्या कर दी गई थी। यह मुद्दा देश भर में सुर्खियों में रहा था। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इनमें से तीन को न्यायालय ने बरी कर दिया था, जबकि एक दोषी सजा काट रहा है।
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घटना के बाद से ही सीआरपीएफ की टुकड़ी रोजाना की तरह परिवार की सुरक्षा में मुस्तैद है। पीड़ित परिवार घटना के बाद से ही गांव से बाहर सरकारी आवास और सरकारी नौकरी की मांग कर रहा था, लेकिन शासन की ओर से अभी तक परिवार को कोई मदद नहीं दी गई है।
पीड़ित परिवार का कहना है कि एसडीएम मकान की नाप जोख करने आए थे। उनके पास कोई कोर्ट का आदेश नहीं था, इसलिए उन्हें वापस कर दिया गया है। एसडीएम नीरज शर्मा ने बताया कि वह रूटीन प्रक्रिया के तहत गांव में गए थे। वहां मुआयना किया गया है।
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पीड़ित परिवार का कहना है कि राज्य सरकार से हुई घोषणा के आधार पर उन्हें घर देने का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। अभी तक राज्य सरकार की ओर से हुई इस घोषणा के आधार पर उन्हें कोई मदद नहीं मिली है।
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कोतवाली चंदपा क्षेत्र के गांव में 14 सितंबर 2020 को बिटिया की हत्या कर दी गई थी। यह मुद्दा देश भर में सुर्खियों में रहा था। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इनमें से तीन को न्यायालय ने बरी कर दिया था, जबकि एक दोषी सजा काट रहा है।
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घटना के बाद से ही सीआरपीएफ की टुकड़ी रोजाना की तरह परिवार की सुरक्षा में मुस्तैद है। पीड़ित परिवार घटना के बाद से ही गांव से बाहर सरकारी आवास और सरकारी नौकरी की मांग कर रहा था, लेकिन शासन की ओर से अभी तक परिवार को कोई मदद नहीं दी गई है।
पीड़ित परिवार का कहना है कि एसडीएम मकान की नाप जोख करने आए थे। उनके पास कोई कोर्ट का आदेश नहीं था, इसलिए उन्हें वापस कर दिया गया है। एसडीएम नीरज शर्मा ने बताया कि वह रूटीन प्रक्रिया के तहत गांव में गए थे। वहां मुआयना किया गया है।