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चार लाख पौधे रोपने को बनाई रणनीति
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 02 Jun 2016 11:50 PM IST
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हाथरस। राज्य में 24 घंटे की अवधि में पांच करोड़ पौधे लगाकर उत्तर प्रदेश का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराकर विश्व कीर्तिमान स्थापित करने के लिए जिले में जोर-शोर से तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस कीर्तिमान को हासिल करने के लिए जिले में भी करीब चार लाख पौधे लगाए जाएंगे। इसके लिए चुनाव की तरह ही अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी तय करने के निर्देश डीएम ने दिए हैं।
जिले में चार लाख पौधों को रोपित करने के लिए 39 स्थलों का चयन किया गया है। 310 हेक्टेयर क्षेत्र में यह पौधे रोपे जाएंगे। मंगलवार को कलेक्ट्रेट में हुई बैठक में डीएम अविनाश कृष्ण सिंह ने प्रदेश शासन के सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल इस वृहद पौधरोपण कार्यक्रम के जिले में सफलता पूर्वक क्रियान्वयन के संबंध में वानिकी, ग्राम्य विकास एवं अन्य विभागीय अधिकारियों से चर्चा की।
बीडीओ सेक्टर, एसडीएम वरिष्ठ जोनल अफसर
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के तहत जिले में प्रत्येक विकास खंड को सेक्टर तथा प्रत्येक तहसील को जोन बनाया जाएगा। प्रत्येक बीडीओ संबंधित ब्लाक के सेक्टर अधिकारी, प्रत्येक तहसीलदार संबंधित तहसील के जोनल अधिकारी तथा एसडीएम वरिष्ठ जोनल अधिकारी नामित होंगे।
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वन विभाग के कंट्रोल रूम को दें डाटा
डीएम ने जिले में प्रत्येक पौधरोपण स्थल के लिए दो निष्पक्ष गवाह और दो ऑडिटर के चयन करने के लिए सभी बीडीओ को समुचित निर्देश दिए। प्रत्येक सेक्टर अधिकारी द्वारा फोटोग्राफर एवं वीडियोग्राफर का स्थलवार डाटा बेस निर्धारित प्रारूप में तैयार कर वन विभाग के कंट्रोल रूम को उपलब्ध कराया जाएगा।
हसायन में सर्वाधिक 17 स्थलों पर पौधरोपण
डीएफओ एके कश्यप ने बताया कि वृहद पौधरोपण कार्यक्रम के तहत जिले में चार लाख पौधे लगाने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए ब्लॉक मुरसान में तीन, हाथरस में एक, सासनी में पांच, सिकंदराराऊ में 13 और हसायन में सर्वाधिक 17 स्थलों का चयन किया गया है।
160 गवाह, 40 फोटोग्राफरों की जरूरत
डीएफओ ने बताया कि निर्धारित कार्ययोजना के मुताबिक इस कार्यक्रम के लिए 160 गवाह, 160 ऑडिटर, 40 फोटोग्राफर तथा आठ हजार श्रमिकों की आवश्यकता होगी। उन्होंने बताया कि अभी पौधरोपण की तिथि फिक्स नहीं हुई है।
यह अधिकारी थे मौजूद
बैठक में परियोजना निदेशक डीआरडीए चंद्रशेखर शुक्ला, जिला विकास अधिकारी मंजू सिंह, डीआईओएस जेके मलिक, डीआईओ यतीशचंद्र गुप्ता, जिला उद्यान अधिकारी एससी गुप्ता, जिला कृषि अधिकारी शिव कुमार, बीएसए रेखा सुमन, एलडीएम एके सक्सेना आदि थे।
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जिले में चार लाख पौधों को रोपित करने के लिए 39 स्थलों का चयन किया गया है। 310 हेक्टेयर क्षेत्र में यह पौधे रोपे जाएंगे। मंगलवार को कलेक्ट्रेट में हुई बैठक में डीएम अविनाश कृष्ण सिंह ने प्रदेश शासन के सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल इस वृहद पौधरोपण कार्यक्रम के जिले में सफलता पूर्वक क्रियान्वयन के संबंध में वानिकी, ग्राम्य विकास एवं अन्य विभागीय अधिकारियों से चर्चा की।
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बीडीओ सेक्टर, एसडीएम वरिष्ठ जोनल अफसर
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के तहत जिले में प्रत्येक विकास खंड को सेक्टर तथा प्रत्येक तहसील को जोन बनाया जाएगा। प्रत्येक बीडीओ संबंधित ब्लाक के सेक्टर अधिकारी, प्रत्येक तहसीलदार संबंधित तहसील के जोनल अधिकारी तथा एसडीएम वरिष्ठ जोनल अधिकारी नामित होंगे।
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वन विभाग के कंट्रोल रूम को दें डाटा
डीएम ने जिले में प्रत्येक पौधरोपण स्थल के लिए दो निष्पक्ष गवाह और दो ऑडिटर के चयन करने के लिए सभी बीडीओ को समुचित निर्देश दिए। प्रत्येक सेक्टर अधिकारी द्वारा फोटोग्राफर एवं वीडियोग्राफर का स्थलवार डाटा बेस निर्धारित प्रारूप में तैयार कर वन विभाग के कंट्रोल रूम को उपलब्ध कराया जाएगा।
हसायन में सर्वाधिक 17 स्थलों पर पौधरोपण
डीएफओ एके कश्यप ने बताया कि वृहद पौधरोपण कार्यक्रम के तहत जिले में चार लाख पौधे लगाने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए ब्लॉक मुरसान में तीन, हाथरस में एक, सासनी में पांच, सिकंदराराऊ में 13 और हसायन में सर्वाधिक 17 स्थलों का चयन किया गया है।
160 गवाह, 40 फोटोग्राफरों की जरूरत
डीएफओ ने बताया कि निर्धारित कार्ययोजना के मुताबिक इस कार्यक्रम के लिए 160 गवाह, 160 ऑडिटर, 40 फोटोग्राफर तथा आठ हजार श्रमिकों की आवश्यकता होगी। उन्होंने बताया कि अभी पौधरोपण की तिथि फिक्स नहीं हुई है।
यह अधिकारी थे मौजूद
बैठक में परियोजना निदेशक डीआरडीए चंद्रशेखर शुक्ला, जिला विकास अधिकारी मंजू सिंह, डीआईओएस जेके मलिक, डीआईओ यतीशचंद्र गुप्ता, जिला उद्यान अधिकारी एससी गुप्ता, जिला कृषि अधिकारी शिव कुमार, बीएसए रेखा सुमन, एलडीएम एके सक्सेना आदि थे।