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Hathras News: करवाचौथ पर निकला उम्मीदों का चांद, कारोबारियों की चांदी

Thu, 29 Oct 2026 01:41 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस Updated Thu, 29 Oct 2026 01:41 AM IST
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The moon of hope appeared on Karva Chauth, businessmen made money.
शहर के एक ज्वेलर्स के यहां करवाचौथ के लिए खरीदारी करतीं महिलाएं। संवाद  - फोटो : Samvad
हाथरस। करवाचौथ के त्योहार ने जिले की अर्थव्यवस्था की धमनियों में नई ऊर्जा का संचार किया है। त्योहार की पूर्व संध्या तक शहर के बाजारों में देर रात तक खरीदारों की भीड़ उमड़ती रही। विभिन्न व्यापारिक क्षेत्रों में पिछले एक पखवाड़े में करीब 90 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड कारोबार दर्ज किया गया है।
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त्योहारी मांग ने बाजार में नकदी के प्रवाह को अभूतपूर्व गति दी है, जिससे छोटे पटरी दुकानदारों से लेकर बड़े शोरूम संचालकों के चेहरे खिल उठे हैं। करवा चौथ पर पत्नी को उपहार देने और सुहाग के प्रतीक स्वरूप आभूषणों की खरीदारी से सराफा कारोबार सबसे शीर्ष पर रहा, जहां करीब 45 करोड़ रुपये की सोने-चांदी व हीरों की बिक्री हुई।
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वहीं महिलाओं के रूप निखार और कॉस्मेटिक्स का कारोबार 20 करोड़ रुपये के स्तर को छू गया। पारंपरिक परिधानों व साड़ियों के बाजार में 15 करोड़, ड्राई फ्रूट्स, चॉकलेट व फैंसी गिफ्ट हैंपर्स में करीब पांच करोड़, करवा, सींक, छलनी और पूजन सामग्री के पारंपरिक बाजार में करीब पांच करोड़ रुपये का कारोबार हुआ।
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अर्थशास्त्री का नजरिया
पर्व आधारित उपभोग से बढ़ता है मनी सर्कुलेशन
करवा चौथ जैसे सांस्कृतिक पर्व अब केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं रहे, बल्कि ये स्थानीय स्तर पर डिमांड ड्राइवर बन चुके हैं। जब एक साथ आभूषण, कपड़ा, सौंदर्य सेवा और गिफ्टिंग सेक्टर में 90 करोड़ रुपये जैसी बड़ी राशि बाजार में आती है, तो इससे अर्थव्यवस्था में मल्टीप्लायर इफेक्ट पैदा होता है। बड़े शोरूम से लेकर चूड़ी पहनाने वाले और मिट्टी के करवे बनाने वाले कारीगरों तक धन का विकेंद्रीकरण होता है। इससे न केवल स्थानीय स्तर पर प्रत्यक्ष रोजगार और दिहाड़ी आमदनी बढ़ती है, बल्कि त्योहारी मांग के चलते खुदरा बाजार में कैश-फ्लो मजबूत होता है, जो आगामी धनतेरस और दिवाली के लिए भी एक बेहद सकारात्मक आर्थिक आधार तैयार करता है।
-डॉ. वर्षिका गुप्ता, सहायक प्रवक्ता, अर्थशास्त्र, आरडी कॉलेज हाथरस।

हल्के वजन के गहने व मंगलसूत्र की सर्वाधिक मांग
इस बार करवा चौथ पर सोने-चांदी की ऊंची कीमतों के बावजूद पुरुषों ने उपहार स्वरूप मंगलसूत्र, डायमंड रिंग, कंगन और चांदी के करवा-छलनी की जमकर खरीदारी की। कामकाजी महिलाओं के बीच रोजमर्रा में पहनी जाने वाली लाइटवेट डिजाइनर ज्वेलरी पहली पसंद बनी रही। जिलेभर में हर साल ही करोड़ों रुपये का आभूषण का कारोबार होता है।
-दीपेश अग्रवाल, सराफा कारोबारी।

हाइड्राफेशियल व ब्राइडल पैकेज का दबदबा
करवा चौथ पर हर सुहागिन महिलाएं सबसे खास दिखना चाहती हैं। शहर के छोटे-बड़े ब्यूटी पार्लरों में दो दिन पहले से ही स्लॉट बुक हैं। महिलाओं ने पारंपरिक फेशियल की जगह आधुनिक हाइड्राफेशियल, ओ-थ्री प्लस और एचडी मेकओवर को प्राथमिकता दी। कॉस्मेटिक की दुकानों पर ब्रांडेड लिपस्टिक, सिंदूर, नेलपेंट और शृंगार किट की जोरदार बिक्री हुई।
-सीमा सिंह, ब्यूटी एक्सपर्ट।

राजपूती बंधेज, बनारसी साड़ी और रेडीमेड लहंगे छाए
लाल, मैरून, रानी गुलाबी और पीले रंगों की बनारसी, जॉर्जेट, गोटा-पत्ती और राजपूती बंधेज साड़ियों की सबसे अधिक मांग रही। इसके अलावा युवतियों व नई नवेली दुल्हनों ने इंडो-वेस्टर्न गाउन और हल्के लहंगे भी पसंद किए। कपड़ा बाजार में पिछले वर्ष की तुलना में करीब 20 प्रतिशत अधिक उठान देखा गया और कारोबार 15 करोड़ का आंकड़ा पार कर गया।

-तोशीबा अग्रवाल, फैशन डिजाइनर।

कस्टमाइज्ड गिफ्ट हैंपर्स व विदेशी चॉकलेट्स भाईं
करवा चौथ पर पारंपरिक मिठाइयों के साथ-साथ अब प्रीमियम ड्राई फ्रूट्स, कस्टमाइज्ड चॉकलेट बॉक्सेज और पर्सनलाइज्ड गिफ्ट आइटम्स का चलन काफी बढ़ गया है। पतियों द्वारा अपनी जीवनसंगिनी को सरप्राइज देने के लिए महंगे परफ्यूम, फोटो-फ्रेम और स्पेशल हैंपर्स तैयार कराए गए, जो ग्राहकों को खूब पसंद आ रहे हैं।
-सुमित गुप्ता, कन्फेक्शनरी कारोबाबरी।
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