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बिजली कटौती से बिगड़ी लोगों की हालत
अमर उजाला, हाथ्ारस
Updated Fri, 14 Apr 2017 11:22 PM IST
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हाथरस जिले में बिजली आपूर्ति का स्तर योगी सरकार बनने के बाद आगरा पीलीपोखर बिजलीघर पर पिछले काफी समय से क्षमता वृद्धि के कार्य होने से नहीं सुधर पाया। हालांकि जिले के बिजली अफसर 30 अप्रैल तक इस क्षमता वृद्धि के कार्य के पूरा होते ही पिछली सरकार से बेहतर बिजली आपूर्ति होने का दावा कर रहे हैं।
वर्तमान स्थिति में जिले के टीटीजेड इलाकों को 12 से 14 और नॉन टीटीजेड इलाकों को 10 से 12 घंटे की आपूर्ति की जा रही है। पिछली सरकार में यही आपूर्ति कागजों में शहर को 24, तहसील को 20 और गांव को 18 घंटे मिल रही थी। हालांकि हाथरस बसपा सरकार में ऊर्जा मंत्री का जिला रह चुका है और नो पावर कट जोन ताज ट्रिपेजियम जोन का भी हिस्सा है, इसलिए हाथरस शहर में अमूमन 20 से 22 घंटे बिजली तो आम तौर पर मिलती ही थी, लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद सपा शासन में 24 घंटे बिजली यहां के लोगों के लिए सपना बनकर रह गई।
आए-दिन यहां मुरादाबाद प्रणाली नियंत्रण कक्ष के आदेश पर तीन से चार घंटों की कटौती होना आम बात हो गई।
यह कटौती भी दो-तीन शिफ्टों में की जाने लगी, जिससे यहां की सप्लाई घटकर बमुश्किल 15-16 घंटे ही रह गई थी। योगी सरकार बनने के बाद भी जिले में बिजली सप्लाई के पुराने हालात ही बरकरार हैं। आज भी हाथरस में लोकल फॉल्ट और प्रणाली नियंत्रण कक्ष के आदेश पर छह से सात घंटे की बिजली आराम से कट जाती है।
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गांव और कस्बों को सात से आठ घंटे ही बिजली मिल पा रही है।
हाथरस जिले में चार विद्युत वितरण खंड हैं, लेकिन वर्तमान स्थिति में प्रथम विद्युत वितरण खंड को छोड़कर बाकी के वितरण खंडों में आपूर्ति का बुरा हाल है। विद्युत वितरण खंड चतुर्थ के एक्सईएन मुकेश कुमार ने बताया कि पिछली सरकार में गांव कस्बों को 18 से 20 घंटे बिजली मिलती थी, लेकिन फिलहाल आगरा में पीलीपोखर बिजलीघर पर क्षमतावृद्धि का कार्य से सिर्फ 10 से 12 घंटे की आपूर्ति मिल पा रही है।
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वर्तमान स्थिति में जिले के टीटीजेड इलाकों को 12 से 14 और नॉन टीटीजेड इलाकों को 10 से 12 घंटे की आपूर्ति की जा रही है। पिछली सरकार में यही आपूर्ति कागजों में शहर को 24, तहसील को 20 और गांव को 18 घंटे मिल रही थी। हालांकि हाथरस बसपा सरकार में ऊर्जा मंत्री का जिला रह चुका है और नो पावर कट जोन ताज ट्रिपेजियम जोन का भी हिस्सा है, इसलिए हाथरस शहर में अमूमन 20 से 22 घंटे बिजली तो आम तौर पर मिलती ही थी, लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद सपा शासन में 24 घंटे बिजली यहां के लोगों के लिए सपना बनकर रह गई।
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आए-दिन यहां मुरादाबाद प्रणाली नियंत्रण कक्ष के आदेश पर तीन से चार घंटों की कटौती होना आम बात हो गई।
यह कटौती भी दो-तीन शिफ्टों में की जाने लगी, जिससे यहां की सप्लाई घटकर बमुश्किल 15-16 घंटे ही रह गई थी। योगी सरकार बनने के बाद भी जिले में बिजली सप्लाई के पुराने हालात ही बरकरार हैं। आज भी हाथरस में लोकल फॉल्ट और प्रणाली नियंत्रण कक्ष के आदेश पर छह से सात घंटे की बिजली आराम से कट जाती है।
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गांव और कस्बों को सात से आठ घंटे ही बिजली मिल पा रही है।
हाथरस जिले में चार विद्युत वितरण खंड हैं, लेकिन वर्तमान स्थिति में प्रथम विद्युत वितरण खंड को छोड़कर बाकी के वितरण खंडों में आपूर्ति का बुरा हाल है। विद्युत वितरण खंड चतुर्थ के एक्सईएन मुकेश कुमार ने बताया कि पिछली सरकार में गांव कस्बों को 18 से 20 घंटे बिजली मिलती थी, लेकिन फिलहाल आगरा में पीलीपोखर बिजलीघर पर क्षमतावृद्धि का कार्य से सिर्फ 10 से 12 घंटे की आपूर्ति मिल पा रही है।