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Hathras News: बढ़े बीमार...व्यवस्था लाचार, एक बिस्तर पर दो-दो बच्चों को दिया जा रहा उपचार

Thu, 03 Aug 2023 12:24 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 03 Aug 2023 12:24 AM IST
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Sickness increased...system helpless, treatment being given to two children on one bed
मौसम का बदलाव बच्चों को बीमार बना रहा है। नवजात से लेकर तीन साल तक के बच्चे सर्दी, जुकाम, खांसी और दस्त की चपेट में आ रहे हैं। हालात यह है कि जिला महिला अस्पताल का 12 बिस्तर वाला विशेष नवजात शिशु देखभाल कक्ष (स्पेशल न्यू बॉर्न केयर यूनिट) पूरी तरह से भर गया है और एक-एक बिस्तर पर दो-दो बच्चों को उपचार दिया जा रहा है।
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चिकित्सक मानते हैं कि इस तरह से उपचार देने में संक्रमण और बढ़ सकता हैं, लेकिन बीमार बच्चों को लेकर आए अभिभावकों के दबाव में उन्हें भर्ती करना पड़ रहा है। ओपीडी में हर दिन लगभग 30-40 बच्चे पहुंच रहे हैं। पहले के मुकाबले संख्या काफी बढ़ गई है। बागला संयुक्त जिला अस्पताल से लेकर जिला महिला अस्पताल में जगह की कितनी कमी है। जिला महिला अस्पताल की ओपीडी से लेकर ओटी, लैब व विशेष नवजात शिशु देखभाल कक्ष में जगह की कमी है। जगह कम होने की वजह से ओपीडी में ही परिवार नियोजन, किशोर स्वास्थ्य क्लीनिक को छोटे-छोटे चैंबर में संचालित करना पड़ रहा है। परिजन अपने नवजात से लेकर 28 दिन तक के बीमार बच्चों को लेकर यहां पहुंचते हैं तो स्टाफ बिस्तर खाली नहीं होने की बात कहकर उन्हें लौटा रहा है।
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मौसम का बदलाव बना रहा बीमार

जुलाई महीने में मौसम के अलग-अलग रंग देखने को मिले। कभी झमाझम बारिश हुई तो कभी तेज धूप निकली। बारिश होने से जहां पारा एकाएक नीचे खिसकने से मौसम ठंडा हुआ तो तेज धूप निकलने से अधिकतम तापमान ऊपर की ओर चढ़ गया था। इससे गर्मी और उमस बढ़ी। इससे बच्चे ही नहीं हर वर्ग के लोग बीमार हो रहे हैं।
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नाती की तबीयत ठीक नहीं हुई, इस वजह से अस्पताल लेकर आए हैं। अभी डॉक्टर और बच्चों को देख रहे हैं। नंबर आने पर नाती को दिखाना है।



विश्रा, निवासी, कुम्हरई।










मौसम में हो रहे बदलाव को देखते हुए अभिभावकों को छोटे-छोटे बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।अधिकांश बच्चे सर्दी, जुकाम, खांसी व दस्त से पीडि़त आ रहे हैं।




डॉ. अनूप शर्मा, बाल रोग विशेषज्ञ, जिला महिला चिकित्सालय।







- एसएनसीयू में बिस्तर भरे हुए हैं। मरीज के परिजन बच्चों को भर्ती करने के लिए दबाव बनाते हैं। एक बेड पर दो बीमार बच्चे होने की वजह से संक्रमण फैलने का खतरा रहता है। मजबूरी में स्टाफ को परिजनों के दबाव के आगे झुकना पड़ता है और एक-एक बेड पर दो-दो बच्चे भर्ती करने पड़ रहे हैं। फिर भी एहतियात बरतने की पूरी कोशिश की जाती है।





शैली सिंह, सीएमएम, महिला चिकित्सालय






इन बात का रखें ध्यान:


बच्चों के कमरे में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।

अभिभावक बच्चों को ठंडे शीतल पेय और आइस क्रीम न दें।

बच्चों को सूती व पूरी आस्तीन के कपड़े पहनाकर रखें।

मच्छरों के प्रकोप से बच्चों को बचाने का इंतजाम करें।
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