{"_id":"603d376d8ebc3edbfe58dede","slug":"school-reopen-after-11th-month-hathras-news-ali257558167","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना काल के बाद स्कूलों में गूंजी बच्चों की किलकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना काल के बाद स्कूलों में गूंजी बच्चों की किलकारी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
कोरोना काल के बाद सोमवार को फिर से जिलेभर के स्कूलों में बच्चों की किलकारी गूंजी। करीब 11 महीने के बाद कक्षा एक से पांचवीं के विद्यार्थियों की पीठ पर बैग दिखाई दिए। बड़े ही उत्साह के साथ बच्चे स्कूल पहुंचे। जहां विद्यार्थियों को थर्मल स्क्रीनिंग व सैनिटाइज के बाद स्कूल में एंट्री दी गई, वहीं बच्चों को स्कूल भेजकर अभिभावक भी खुश दिखे। यह अलग बात है कि पहले दिन उन्हें बच्चों को तैयारी करने में थोड़ी परेशानी हुई। छठवीं से आठवीं और नौवीं से बारहवीं कक्षा के मुकाबले ज्यादा बच्चे पहुंचे। बड़ों के साथ छोटे बच्चे भी बैग लेकर स्कूल पहुंच गए।
कोविड-19 के चलते पहली से आठवीं तक के बच्चे अब तक एप के जरिये ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे थे। दिसंबर माह में नौंवी से बारहवीं तक की कक्षाएं लगाने के बाद अच्छे परिणाम आने पर शिक्षा विभाग ने छठी से आठवीं की कक्षाएं एक फरवरी से लगाने का फैसला लिया। अब एक मार्च से पांचवीं तक के बच्चों भी स्कूल जाना शुरू हो गए हैं।
करीब ग्यारह माह बाद स्कूल में कक्षाएं लगनी शुरू हुईं तो पांचवीं तक के बच्चों के चेहरों पर उत्साह देखा गया। शिक्षकों ने कोविड-19 के नियमों का पालन करते हुए सभी बच्चों को स्कूल में एंट्री दी। शिक्षकों ने कहा कि कोविड-19 के चलते प्रभावित पढ़ाई का स्कूल खुलने से पूर्ति होगी।
विज्ञापन
- सोमवार को पहली से पांचवीं तक के सभी राजकीय और निजी स्कूलों को खोल दिया गया है। स्कूल खुलने के बाद स्कूलों में कोविड-19 को लेकर सभी तैयारियां पूरी की गई हैं। पहले दिन सभी बिंदुओं पर जांच की गई। इसके साथ ही शिक्षा विभाग की ओर से जारी किए गए सभी नियमों का पालन भी किया गया है। - मनोज कुमार मिश्र, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
विज्ञापन
कोरोना काल के बाद सोमवार को फिर से जिलेभर के स्कूलों में बच्चों की किलकारी गूंजी। करीब 11 महीने के बाद कक्षा एक से पांचवीं के विद्यार्थियों की पीठ पर बैग दिखाई दिए। बड़े ही उत्साह के साथ बच्चे स्कूल पहुंचे। जहां विद्यार्थियों को थर्मल स्क्रीनिंग व सैनिटाइज के बाद स्कूल में एंट्री दी गई, वहीं बच्चों को स्कूल भेजकर अभिभावक भी खुश दिखे। यह अलग बात है कि पहले दिन उन्हें बच्चों को तैयारी करने में थोड़ी परेशानी हुई। छठवीं से आठवीं और नौवीं से बारहवीं कक्षा के मुकाबले ज्यादा बच्चे पहुंचे। बड़ों के साथ छोटे बच्चे भी बैग लेकर स्कूल पहुंच गए।
कोविड-19 के चलते पहली से आठवीं तक के बच्चे अब तक एप के जरिये ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे थे। दिसंबर माह में नौंवी से बारहवीं तक की कक्षाएं लगाने के बाद अच्छे परिणाम आने पर शिक्षा विभाग ने छठी से आठवीं की कक्षाएं एक फरवरी से लगाने का फैसला लिया। अब एक मार्च से पांचवीं तक के बच्चों भी स्कूल जाना शुरू हो गए हैं।
विज्ञापन
करीब ग्यारह माह बाद स्कूल में कक्षाएं लगनी शुरू हुईं तो पांचवीं तक के बच्चों के चेहरों पर उत्साह देखा गया। शिक्षकों ने कोविड-19 के नियमों का पालन करते हुए सभी बच्चों को स्कूल में एंट्री दी। शिक्षकों ने कहा कि कोविड-19 के चलते प्रभावित पढ़ाई का स्कूल खुलने से पूर्ति होगी।
विज्ञापन
- सोमवार को पहली से पांचवीं तक के सभी राजकीय और निजी स्कूलों को खोल दिया गया है। स्कूल खुलने के बाद स्कूलों में कोविड-19 को लेकर सभी तैयारियां पूरी की गई हैं। पहले दिन सभी बिंदुओं पर जांच की गई। इसके साथ ही शिक्षा विभाग की ओर से जारी किए गए सभी नियमों का पालन भी किया गया है। - मनोज कुमार मिश्र, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी