यह है हाथरस शहर: बारिश से सड़कें बनी तालाब, जलभराव में तैरते दिखे जलनिकासी के दावे, दिक्कतें झेल रहे राहगीर
भारतीय मौसम विज्ञान द्वारा हाथरस और उसके आसपास के क्षेत्रों में अगले 48 घंटों के दौरान भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार 20 जुलाई से 21 जुलाई तक जिले में भारी वर्षा होने की प्रबल संभावना है।
विस्तार
हाथरस शहर व क्षेत्र में 20 जुलाई की सुबह हुई बारिश ने शहर की जलनिकासी व्यवस्था की फिर पोल खोल दी। हल्की से मध्यम बारिश के बाद ही कई मोहल्लों, कॉलोनियों और मुख्य बाजारों में पानी भर गया। निचले इलाकों में सड़कें तालाब की मानिंद नजर आईं और लोगों को घरों से निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने शहर के कई इलाकों में जलभराव की समस्या का जायजा लिया। समस्या केवल चार या छह इलाकों तक सीमित नहीं थी, बल्कि ज्यादातर इलाकों में यही हाल था। स्टेट बैंक कॉलोनी, श्रीनगर, पंजाबी मार्केट, डाकखाना वाली गली समेत शहर के कई हिस्सों में हल्की बारिश के बाद ही पानी भर जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि नालों की नियमित सफाई, जलनिकासी नेटवर्क के विस्तार और जर्जर सड़कों के पुनर्निर्माण के बिना इस समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है।
हमारे मोहल्ले की हालत काफी खराब है। यहां की सबसे बड़ी समस्या ही जलभराव है। जलभराव के बाद कीचड़ व गदंगी यहां हमेशा बनी रहती है। अक्सर इस समस्या को यहां के लोग उठाते है, लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिलता।-तेजवीर सिंह निवासी नगला तंदुला
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हम मोहनगंज में काफी समय से रह रहे हैं, यह शहर का सबसे अहम रास्ता है, लेकिन यहां की जलभराव की समस्या के निस्तारण के लिए कभी कोई कदम नहीं उठाया गया। बारिश के समय यहां पैदल राहगीरों का आवागमन पूरी तरह ठप हो जाता है।-महेश कुमार निवासी मोहनगंज
नगला तंदुला में तीन-चार दिन तक नहीं निकलता पानी
टीम सबसे पहले दोपहर एक बजे मोहल्ला नगला तंदुला पहुंची। यहां हल्की बारिश के बाद ही सड़कों और निचले इलाकों में पानी भर गया था। स्थानीय निवासी दुर्गेश कुमार ने बताया कि जलभराव का पानी निकलने में तीन से चार दिन तक लग जाते हैं। कई मकानों के आसपास पानी जमा रहने से गंदगी और मच्छरों की समस्या भी बढ़ जाती है। अधिक बारिश होने से पानी अक्सर घरों में भी भर जाता है।
बारिश में शवयात्रा ले जाना भी मुश्किल
दोपहर करीब डेढ़ बजे टीम शहर के पत्थरवाली श्मशान रोड पर पहुंची। यहां सामान्य दिनों में भी कीचड़ की समस्या बनी रहती है। सोमवार की बारिश के बाद सड़क पर पानी भर गया। स्थानीय निवासी शकील ने बताया कि सड़क नीची और जर्जर होने के कारण पिछले करीब छह वर्षों से यह स्थिति बनी हुई है। शवयात्रा के साथ आने वालों को भी गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है।
मोहनगंज में राहगीरों के लिए रास्ता बंद
टीम को शहर के प्रमुख बाजार मोहनगंज में भी लोग जलभराव की स्थिति से जूझते हुए दिखे। पैदल राहगीरों के लिए रास्ता लगभग बंद हो गया था, जबकि दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों के वाहन अधिक जलभराव होने के कारण बंद पड़ गए थे। कुछ वाहन चालक बड़ी दिक्कतों के साथ जलभराव को पार कर पा रहे थे। राहगीर दिनेश कुमार ने बताया वह इस रास्ते से आना नहीं चाह रहे थे, लेकिन बारिश के कारण शार्टकट लिया था, अब स्कूटर बंद हो गया।
कंचन नगर में 600 परिवार मुश्किल में
आगरा रोड स्थित कंचन नगर कॉलोनी में बारिश शुरू होने के करीब आधे घंटे बाद ही कॉलोनी की सड़कों पर पानी भर गया। करीब 600 परिवार जलभराव की समस्या से प्रभावित हैं। स्थानीय स्थानीय निवासी प्रवीन गुप्ता का कहना है कि आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत के बाद अस्थायी रूप से पानी निकलवा दिया जाता है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया जाता। नालियों में पानी का निकास सही नहीं होने से गंदगी भी फैलती है।
48 घंटों के लिए भारी बारिश का अलर्ट
भारतीय मौसम विज्ञान द्वारा हाथरस और उसके आसपास के क्षेत्रों में अगले 48 घंटों के दौरान भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार 20 जुलाई से 21 जुलाई तक जिले में भारी वर्षा होने की प्रबल संभावना है। इसके साथ ही गरज-चमक के साथ बिजली चमकने की भी आशंका है। 21 जुलाई से 22 जुलाई को भी हाथरस, मथुरा, अलीगढ़, आगरा और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है।