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जातिगत भेदभाव के विरोध में प्रदर्शन
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 13 May 2016 11:29 PM IST
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पीबीएएस इंटर कॉलेज में एससीएसटी के विद्यार्थियों से जातिगत भेदभाव के आरोप में प्रदर्शन करते आप कार्यकर्ता।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो हाथरस
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हाथरस। पीबीएएस इंटर कॉलेज में अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग के छात्रों से हो रहे भेदभाव का मामला शुक्रवार को और गर्मा गया। इस मामले को लेकर एससीएसटी के सर्वदलीय नेताओं ने बागला कॉलेज पहुंचकर प्रदर्शन किया और प्रधानाचार्य व प्रबंध समिति के खिलाफ एससीएसटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग उठाई।
इन नेताओं ने प्रधानाचार्य डॉ. राधेश्याम वार्ष्णेय पर जातिवादी होने के आरोप लगाए। सेक्शन में भी भेदभाव के आधार पर शिक्षक नियुक्त किए गए। सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के लिए अच्छा कमरा एवं एससीएसटी के बच्चों के लिए गंदा कमरा और कमरे में पंखे आदि की व्यवस्था नहीं होना काफी चिंताजनक है। इन लोगों ने विद्यार्थियों से 542 रुपये के स्थान पर 1,100 रुपये फीस लिए जाने पर भी नाराजगी व्यक्त की। बसपा जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार देशमुख, कांग्रेस नेता राजपाल सिंह पुनियां, भाजपा नेता रामवीर सिंह भैयाजी, सपा नेता विजय सिंह प्रेमी, कांग्रेस नेता योगेश कुमार ओके, विनोद चौधरी, जिला पंचायत सदस्य प्रमोद कुमार, यशपाल सिंह, इंद्रजीत सिंह जाटव, चंद्रमुनी सिंह, रघुवीर सिंह गौतम, अंकुर प्रेमी, ललित कुमार, भगवान सिंह भैया, सुरेश प्रधान के अलावा बड़ी संख्या में राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता मौजूद थे।
पीबीएएस इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य सस्पेंड
हाथरस। विद्यार्थियों से जातिगत भेदभाव के मामले में पीबीएएस इंटर कॉलेज के प्रबंधक प्रदीप बागला ने डीआईओएस जेके मलिक की सिफारिश पर प्रबंध समिति की ओर से प्रधानाचार्य डॉ.राधेश्याम वार्ष्णेय को निलंबित करने की घोषणा की।
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पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने यह भी कहा कि विद्यालय में एडमिशन आदि की प्रक्रिया के बारे में प्रबंध समिति को कोई जानकारी नहीं होती। यह कार्य विद्यालय के प्रधानाचार्य और कार्यालय स्टाफ का होता है। भविष्य में इस प्रकार की किसी भी गतिविधि को कॉलेज में संचालित नहीं होने दिया जाएगा। जांच में जो भी लोग दोषी पाए जाएंगे, उन सभी के खिलाफ विधिवत रूप से कार्रवाई होगी। इसके साथ ही इस मामले की गंभीरता से जांच के लिए डीआईओएस ने अपनी टीम के माध्यम से दूसरे दिन भी कार्यालय के रिकॉर्ड को चेक कराया, जिससे जांच को विधिवत व निष्पक्ष रूप से पूर्ण कराया जा सके।
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इन नेताओं ने प्रधानाचार्य डॉ. राधेश्याम वार्ष्णेय पर जातिवादी होने के आरोप लगाए। सेक्शन में भी भेदभाव के आधार पर शिक्षक नियुक्त किए गए। सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के लिए अच्छा कमरा एवं एससीएसटी के बच्चों के लिए गंदा कमरा और कमरे में पंखे आदि की व्यवस्था नहीं होना काफी चिंताजनक है। इन लोगों ने विद्यार्थियों से 542 रुपये के स्थान पर 1,100 रुपये फीस लिए जाने पर भी नाराजगी व्यक्त की। बसपा जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार देशमुख, कांग्रेस नेता राजपाल सिंह पुनियां, भाजपा नेता रामवीर सिंह भैयाजी, सपा नेता विजय सिंह प्रेमी, कांग्रेस नेता योगेश कुमार ओके, विनोद चौधरी, जिला पंचायत सदस्य प्रमोद कुमार, यशपाल सिंह, इंद्रजीत सिंह जाटव, चंद्रमुनी सिंह, रघुवीर सिंह गौतम, अंकुर प्रेमी, ललित कुमार, भगवान सिंह भैया, सुरेश प्रधान के अलावा बड़ी संख्या में राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता मौजूद थे।
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पीबीएएस इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य सस्पेंड
हाथरस। विद्यार्थियों से जातिगत भेदभाव के मामले में पीबीएएस इंटर कॉलेज के प्रबंधक प्रदीप बागला ने डीआईओएस जेके मलिक की सिफारिश पर प्रबंध समिति की ओर से प्रधानाचार्य डॉ.राधेश्याम वार्ष्णेय को निलंबित करने की घोषणा की।
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पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने यह भी कहा कि विद्यालय में एडमिशन आदि की प्रक्रिया के बारे में प्रबंध समिति को कोई जानकारी नहीं होती। यह कार्य विद्यालय के प्रधानाचार्य और कार्यालय स्टाफ का होता है। भविष्य में इस प्रकार की किसी भी गतिविधि को कॉलेज में संचालित नहीं होने दिया जाएगा। जांच में जो भी लोग दोषी पाए जाएंगे, उन सभी के खिलाफ विधिवत रूप से कार्रवाई होगी। इसके साथ ही इस मामले की गंभीरता से जांच के लिए डीआईओएस ने अपनी टीम के माध्यम से दूसरे दिन भी कार्यालय के रिकॉर्ड को चेक कराया, जिससे जांच को विधिवत व निष्पक्ष रूप से पूर्ण कराया जा सके।