Hathras News: बैटरी कारोबारी के यहां छापे का विरोध, जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन
ज्ञापन में व्यापारियों ने कहा है कि केंद्रीय जीएसटी के कुछ अधिकारी दुर्गेश वार्ष्णेय के प्रतिष्ठानों और कुछ उनके निवास स्थान में घुस गए। यह तरीका बिल्कुल अनुचित और अनाधिकृत था।
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उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के पदाधिकारियों ने बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी राहुल पांडेय से मुलाकात कर उन्हें वित्त मंत्री और जीएसटी के सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में दो दिन पूर्व बैटरी निर्माता व आरएसएस के सह विभाग संपर्क प्रमुख दुर्गेश वार्ष्णेय की फैक्टरी व प्रतिष्ठान पर सीजीएसटी टीम द्वारा की गई कार्रवाई का विरोध किया गया है।
ज्ञापन में व्यापारियों ने कहा है कि केंद्रीय जीएसटी के कुछ अधिकारी दुर्गेश वार्ष्णेय के प्रतिष्ठानों और कुछ उनके निवास स्थान में घुस गए। यह तरीका बिल्कुल अनुचित और अनाधिकृत था। टीम ने लगभग 21 घंटे तक निवास स्थान, व्यापार स्थल और गोदाम पर निरीक्षण किया। दुर्गेश वार्ष्णेय के साथ केवल उनके एकाउंटेंट के अलावा किसी को भी नहीं रहने दिया और उनके सीए को भी साथ रहने की अनुमति नहीं दी, जोकि निहायत गलत और नियम विरुद्ध है।
व्यापारियों ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने एकाउंटेंट से कुछ ऐसी जानकारी मांगी, जो उन्हें मालूम नहीं था। इसके लिए एक अधिकारी ने उनको तमाचा मारा। व्यापारी को हिरासत में लेने की धमकी दी गई, जो बहुत ही अनुचित और व्यापारियों के लिए अपमानजनक है। बताया गया कि इस तरह की घटनाएं पूर्व में चार-पांच उद्योगपतियों के प्रतिष्ठानों पर हो चुकी हैं।
व्यापारियों ने मांग की कि किसी भी विभाग के निरीक्षण के समय व्यापार मंडल के कम से कम दो और परिवार के सदस्यों साथ रहने की इजाजत दी जाए। व्यापारी के वकील या सीए को भी साथ रखने की इजाजत दी जाए। जीएसटी अधिकारियों द्वारा व्यापारी या स्टाफ से मारपीट या गाली-गलौज न की जाए। दुर्व्यवहार करने वालों को दंडित किया जाए।
ज्ञापन देने वालों में प्रदेश महामंत्री राधेश्याम अग्रवाल, जिलाध्यक्ष मनोज अग्रवाल राया वाले, जिलाध्यक्ष उद्योग मंच नन्नूमल गुप्ता, सुनील अग्रवाल, नितिन वार्ष्णेय, अनूप अग्रवाल, नवीन गुप्ता, गौरांग अग्रवाल, आनंद गोयल, सुरेश अग्रवाल, वैभव मोहता आदि अनेक व्यापारी शामिल थे।