Hathras: पीसी बागला डिग्री कॉलेज का आरोपी प्रोफेसर रजनीश प्रयागराज से गिरफ्तार, ऐसे दबोचा, खोले यह राज
हाथरस के एसपी चिरंजीव नाथ सिन्हा ने पीसी बागला डिग्री कॉलेज के प्रोफेसर रजनीश की गिरफ्तारी और पूछताछ का खुलासा किया। आरोपी प्रोफेसर ने 2019 में कुकृत्य का सफर शुरू किया।
विस्तार
हाथरस के पीसी बागला डिग्री कॉलेज के चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर डॉ रजनीश को पुलिस ने प्रयागराज से गिरफ्तार कर लिया है। प्रोफेसर रजनीश पर छात्राओं का यौन शोषण करने, अश्लील वीडियो बनाने और पोर्न साइट पर अपलोड करने के आरोप हैं।
थाना हाथरस गेट पुलिस एवं एसओजी टीम ने थाना हाथरस गेट अंतर्गत पीसी बागला डिग्री कॉलेज के चीफ प्रोक्टर प्रोफेसर डॉ रजनीश को प्रयागराज से गिरफ्तार कर लिया गया है। यौन शोषण तथा वायरल अश्लील वीडियो, फोटो के प्रकरण का खुलासा हाथरस के एसपी हाथरस चिरंजीव नाथ सिन्हा ने किया।
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खुलासे में पता चला कि प्रोफेसर रजनीश को कहां से और किस हालत में गिरफ्तार किया गया, वह कब से छात्राओं का यौन शोषण कर रहा है।
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एसपी हाथरस चिरंजीव नाथ सिन्हा ने किया खुलासा
हाथरस के एसपी चिंरंजीव नाथ सिन्हा और पुलिस टीम प्रोफेसर रजनीश को लेकर पुलिस कार्यालय स्थित सभागार कक्ष पहुंचे। एसपी चिरंजीव नाथ सिन्हा ने बताया कि प्रोफेसर रजनीश को प्रयागराज जिले के सिविल लाइन थाना अंतर्गत सुभाष चौक से 19 मार्च को गिरफ्तार किया गया। प्रो रजनीश गिरफ्तारी से बचने के लिए प्रयागराज अग्रिम जमानत प्राप्त करने के लिए गया था।
यह बताया प्रो रजनीश ने
एसपी चिरंजीव नाथ सिन्हा ने बताया कि अभियुक्त रजनीश कुमार पुत्र स्व0 साहब सिहं निवासी ग्राम जाबरा थाना माँट जनपद मथुरा हाल निवासी चमनबिहार कालोनी थाना हाथरस गेट जनपद हाथरस द्वारा पूछताछ पर बताया गया कि वह वर्ष 2001 में पीसी बागला कॉलेज में बतौर शिक्षक नियुक्त हुआ और वर्ष 2016 में वह इस कालेज में भूगोल विभागाध्यक्ष हो गया। जुलाई 2024 में उसे इस कालेज का चीफ प्रॉक्टर बनाया गया। उसकी शादी वर्ष 1996 में हुयी लेकिन कतिपय कारणों से उसकी कोई संतान नहीं हो पायी और उसकी पत्नी के साथ उसके पारिवारिक संबंध भी अच्छे नहीं रहे है।
यहां से शुरू हुआ अश्लील वीडियो रिकॉर्ड करने का सिलसिला
इस दौरान इसने दूसरी शादी के लिए अन्य लड़कियों से संपर्क किया और इसी दौरान एक लड़की जिससे इसके रिश्ते की बात प्रारम्भ हुई वह एक दिन इसके घर पर आयी और आरोपी प्रोफेसर ने उसके साथ शारीरिक संबंध बना लिए। परन्तु उसके साथ उसका विवाह नहीं हो सका। यह घटना उस दौरान वहां पर रखे हुये कम्प्यूटर सिस्टम में लगे वेब कैम में रिकॉर्ड हो गयी, जो तत्समय ऑन था। जब बाद में कम्प्यूटर चेक करने पर वेब कैम में इस घटना के रिकार्ड होने की जानकारी हुयी तभी से उसके दिमाग में अन्य लड़कियों विशेषकर अपने कॉलेज की छात्राओं के साथ शारिरिक संबंध बनाने और उसकी वीडियो रिकोर्ड करने की योजना उसके दिमाग में आई।
2019 में शुरू किया कुकृत्य का सफर, कॉलेज में यह बनी पहली शिकार
आरोपी ने बताया कि 2019 में कॉलेज में संविदा पर नियुक्त चतुर्थ श्रेणी महिला कर्मचारी को अपने प्रभाव को दिखाकर फंसाया और उसका कई बार यौन शोषण किया। साथ में उसका वीडियो भी बनाया।
ऐसे फंसाता था छात्राओं को
आरोपी ने पूछताछ में बताया कि प्रो रजनीश अपना प्रभाव दिखाते हुए हायर कोर्सेज में दाखिला कराने, नौकरी लगवाने, परीक्षा में अच्छे अंक दिलाकर पास कराने का प्रलोभन देकर छात्राओं को फंसाता था। समय-समय पर उनके गिफ्ट और पैसे भी देता था। जब छात्रा से नजदीकी स्थापित हो जातीं थीं तो अपने भूगोल विभाग के ऑफिशियल चैंबर में उनके साथ शारीरिक संबंध बनाता था।
अश्लील वीडियो रिकोर्ड करने के लिए करता था अलग सॉफ्टवेयर, जिसमें पता ही नहीं चलता था कि ....
प्रो रजनीश छात्राओं की वीडियो रिकोर्ड करने के लिए ऐसे सॉफ्टवेयर का उपयोग करता था, जिसमें फ्रंट स्क्रीन बंद रहती है और बैक एंड में वीडियो रिकोर्ड होती रहती है। छात्रा को भी यह पता नहीं चल पाता था कि उसका वीडियो बनाया जा रहा है।
घर बुलाकर भी करता था यौन शोषण
रिकोर्ड किए वीडियो से प्रो रजनीश छात्रा को डराता था और उसके साथ लगातार यौन शोषण करता था। वह अपने घर पर भी बुलाकर उनका यौन शोषण करता था। कॉलेज से पास आउट होकर जा चुकी छात्राओं के साथ भी उनके साथ यौन शोषण करता था।
पुलिस टीम को 25 हजार पुरस्कार की घोषणा
पुलिस उपमहानिरीक्षक अलीगढ़ परिक्षेत्र ने मामले का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को 25 हजार रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की।
यह है मामला
डॉ रजनीश की हाथरस के पीसी बागला डिग्री कॉलेज में 2001 में नियुक्ति हुई। वह भूगोल विभाग में प्रोफेसर के साथ कॉलेज का चीफ प्रोक्टर भी था। करीब एक महीने पहले केंद्रीय महिला आयोग सहित तमाम पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों के पास एक गुमनाम शिकायती पत्र भेजा गया था। इसमें प्रोफेसर डाॅ. रजनीश के खिलाफ यौन शोषण का आरोप लगाया गया था। साथ ही छात्राओं के अश्लील वीडियो स्वयं बनाकर पोर्न साइट पर अपलोड करने की बात भी सामने आई थी।
एसपी चिरंजीव नाथ सिन्हा ने इस मामले की जांच अपर पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार सिंह से कराई। एएसपी को जांच के दौरान शिकायत में कुछ तथ्य सही मिले। हाथरस गेट कोतवाली के औद्योगिक चौकी इंचार्ज सुनील कुमार की ओर से प्रोफेसर डॉ. रजनीश के खिलाफ दुष्कर्म सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। कॉलेज ने मुकदमा दर्ज होने के बाद प्रो रजनीश को निलंबित कर दिया।
डीएम ने एक चार सदस्यीय जांच समिति गठित की। इस समिति में एसडीएम सदर नीरज शर्मा अध्यक्ष, सीओ योगेंद्र कृष्ण नारयण, तहसीदार चंद्र प्रकाश सिंह व बीएसए स्वाति भारती को सदस्य बनाया गया। डीएम ने सात दिन के अंदर समिति से जांच पूरी कर आख्या मांगी। समिति मामले की जांच कर रही है। एसपी हाथरस ने इस मामले की जांच के लिए तीन टीमों का गठन किया।