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मरीजों को दी जा रही पर्ची, एक-एक दवा का रखा जा रहा हिसाब
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संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
जौनपुर जिले में सरकारी अस्पताल की दवा निजी मेडिकल स्टोर पर बेचे जाने का मामला सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। सीएमएस ने अब एक एक दवा का हिसाब रखना शुरू कर दिया है। ओपीडी के पर्चे के साथ अब डॉक्टर दवा की पर्ची भी रोगी को अलग से बनाकर कर दे रहे हैं, ताकि दवा वितरण का हिसाब रखा जा सके।
प्रदेश के विभिन्न जिला अस्पतालों की दवाओं को निजी मेडिकल स्टोर पर बेचने की शिकायतें मिलने पर पिछले दिनों जौनपुर के दौरे पर गए उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक द्वारा जिला चिकित्सालय के बाहर मेडिकल स्टोर से खरीदी गई कुछ दवाओं के बैच नंबर का मिलान किया गया।
जिसमें पाया गया कि निजी मेडिकल स्टोर से खरीदी गई दवाओं के बैच नंबर सरकारी दवा खरीद के हैं। इस खुलासे के बाद तीन फार्मासिस्टों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया और डिप्टी सीएम ने तीनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की।
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इसके बाद पूरे प्रदेश में सरकारी दवाओं के वितरण को लेकर सख्त निर्देश दिए गए हैं। जिसके बाद से जिला अस्पताल के सीएमएस ने अब नई व्यवस्था लागू की है। सीएमएस डॉ. सूर्य प्रकाश ने बताया कि दवाओं का हिसाब सही रखने के लिए अब दवा पर्ची भी डॉक्टरों द्वारा मरीजों को दी जा रही है। इस पर्ची से ही मरीज को दवा उपलब्ध कराई जा रही है।
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जौनपुर जिले में सरकारी अस्पताल की दवा निजी मेडिकल स्टोर पर बेचे जाने का मामला सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। सीएमएस ने अब एक एक दवा का हिसाब रखना शुरू कर दिया है। ओपीडी के पर्चे के साथ अब डॉक्टर दवा की पर्ची भी रोगी को अलग से बनाकर कर दे रहे हैं, ताकि दवा वितरण का हिसाब रखा जा सके।
प्रदेश के विभिन्न जिला अस्पतालों की दवाओं को निजी मेडिकल स्टोर पर बेचने की शिकायतें मिलने पर पिछले दिनों जौनपुर के दौरे पर गए उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक द्वारा जिला चिकित्सालय के बाहर मेडिकल स्टोर से खरीदी गई कुछ दवाओं के बैच नंबर का मिलान किया गया।
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जिसमें पाया गया कि निजी मेडिकल स्टोर से खरीदी गई दवाओं के बैच नंबर सरकारी दवा खरीद के हैं। इस खुलासे के बाद तीन फार्मासिस्टों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया और डिप्टी सीएम ने तीनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की।
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इसके बाद पूरे प्रदेश में सरकारी दवाओं के वितरण को लेकर सख्त निर्देश दिए गए हैं। जिसके बाद से जिला अस्पताल के सीएमएस ने अब नई व्यवस्था लागू की है। सीएमएस डॉ. सूर्य प्रकाश ने बताया कि दवाओं का हिसाब सही रखने के लिए अब दवा पर्ची भी डॉक्टरों द्वारा मरीजों को दी जा रही है। इस पर्ची से ही मरीज को दवा उपलब्ध कराई जा रही है।