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पराग डेयरी में गोवंश के शवों को फिर कुत्तों ने नोंचा
Thu, 09 May 2019 12:03 AM IST
Mohd Rafeek
न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
Published by: Mohd Rafeek
Updated Thu, 09 May 2019 12:03 AM IST
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पराग डेयरी में बनी अस्थायी गोशाला में मृत गोवंश का मांस नोचते कुत्ते।
- फोटो : अमर उजाला
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सासनी। पराग डेयरी परिसर में बनी अस्थायी गोशाला के हालत सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। पशुओं के मरने का सिलसिला बुधवार को भी जारी रहा। बुधवार को भी यहां दो और गोवंश मृत पाए गए। आवारा कुत्ते मृत गोवंश का मांस नोंच रहे थे। बुधवार को मृत पशुओं का अलीगढ़ में पशु चिकित्सक की टीम ने पोस्टमार्टम कराया।
इधर, मुख्य विकास अधिकारी एके सिंह एवं परियोजना निर्देशक अश्विनी कुमार मिश्र, एसडीएम हरिशंकर यादव एवं मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डीपी सिंह ने पराग डेयरी में बनी अस्थायी गोशाला का निरीक्षण किया। अभी तक गोवंश की देखभाल के लिए तैनात कर्मचारी मृत गोवंश को चुपचाप दफन करा देते थे, जिससे गोशाला में बंद गोवंश की संख्या तेजी से कम हो रही है।
दरअसल, डीएम द्वारा अधिकारियों के पेच कसने के बाद पराग डेयरी परिसर में बनी अस्थायी गोशाला में अव्यवस्थाओं का लगातार खुलासा हो रहा है। यहां रह रहे गोवंश के लिए चारे-पानी के भी लाले पड़ रहे हैं। बुधवार को इस गोशाला में पशुओं के पीने के लिए पानी भी मयस्सर नहीं था। सबमर्सिबल खराब पड़ी थी। गोवंश प्यास से बेहाल नजर आया। चिकित्सा व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठे। बुधवार को फिर अधिकारियों की टीम ने अस्थायी गोशाला का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। यहां मौजूद कर्मियों को आवश्यक संसाधन जुटाने के निर्देश दिए।
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इधर, मुख्य विकास अधिकारी एके सिंह एवं परियोजना निर्देशक अश्विनी कुमार मिश्र, एसडीएम हरिशंकर यादव एवं मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डीपी सिंह ने पराग डेयरी में बनी अस्थायी गोशाला का निरीक्षण किया। अभी तक गोवंश की देखभाल के लिए तैनात कर्मचारी मृत गोवंश को चुपचाप दफन करा देते थे, जिससे गोशाला में बंद गोवंश की संख्या तेजी से कम हो रही है।
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दरअसल, डीएम द्वारा अधिकारियों के पेच कसने के बाद पराग डेयरी परिसर में बनी अस्थायी गोशाला में अव्यवस्थाओं का लगातार खुलासा हो रहा है। यहां रह रहे गोवंश के लिए चारे-पानी के भी लाले पड़ रहे हैं। बुधवार को इस गोशाला में पशुओं के पीने के लिए पानी भी मयस्सर नहीं था। सबमर्सिबल खराब पड़ी थी। गोवंश प्यास से बेहाल नजर आया। चिकित्सा व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठे। बुधवार को फिर अधिकारियों की टीम ने अस्थायी गोशाला का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। यहां मौजूद कर्मियों को आवश्यक संसाधन जुटाने के निर्देश दिए।
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