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Hathras News: अब पंजीकृत मोबाइल नंबर पर आएगी पैथोलॉजी जांच रिपोर्ट
Wed, 25 Feb 2026 02:04 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Wed, 25 Feb 2026 02:04 AM IST
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बागला जिला अस्पताल की ओपीडी में लगी मरीजों की लाइन। संवाद
- फोटो : Samvad
अब मरीजों को अपनी पैथोलॉजी जांच रिपोर्ट लेने के लिए जिला अस्पताल के चक्कर नहीं काटने होंगे और न ही लंबी लाइनों में खड़ा होना पड़ेगा। जांच रिपोर्ट तैयार होते ही उसे सीधे मरीज के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजा जाएगा। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के तहत अब सोमवार से यह सेवा शुरू कर दी गई है।
कोरोना के दौरान पायलट प्रोजेक्ट के रूप में 15 अगस्त 2020 को छह केंद्र शासित प्रदेशों में एबीडीएम की शुरुआत हुई। एक साल बाद योजना पूरे देश में लागू हुई। योजना का उद्देश्य था कि सरकारी अस्पताल आने वाले मरीजों को अकारण घंटों लाइन में न लगना पड़े और सुलभता से इलाज मिल सके।
इसके तहत पर्चा बनने से लेकर परामर्श लेने, दवा व जांचों के लिए ऑनलाइन व्यवस्था की गई थी, लेकिन संसाधनों की कमी इस व्यवस्था पर हावी रही। स्वास्थ्य विभाग धीरे-धीरे एक-एक चरण पूरा कर रहा है। तीन महीने पहले ऑनलाइन पर्चों की व्यवस्था शुरू की गई थी।
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अब 90 फीसद पर्चे ऑनलाइन ही बनाए जा रहे हैं। अब दूसरे चरण में ओपीडी में टोकन व्यवस्था शुरू की जानी थी, लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी व आधुनिक उपकरण जैसे टैबलेट, कंप्यूटर व इंटरनेट न होने के कारण यह काम अधूरा है।
ऑनलाइन हुई जांच रिपोर्ट
जांच रिपोर्ट के लिए पंजीकरण के समय अब एबीडीएम पोर्टल पर मरीजों का मोबाइल नंबर भी अपडेट किया जा रहा है। सोमवार से इस व्यवस्था को शुरू कर दिया गया है। सोमवार को 112 जांच के नमूने लिए गए थे। मंगलवार को 153 मरीजों के नमूने लिए गए। सीएमएस डाॅ. सूर्यप्रकाश ने बताया कि इन सभी के मोबाइल नंबर पंजीकृत किए गए हैं। इनकी आभा आईडी एप व व्हाट्स एप जांच रिपोर्ट भेजी जा रही है, जिनके पास व्हाट्स एप नहीं है, उन्हें लिखित संदेश भेजकर रिपोर्ट तैयार होने की सूचना भेजी जा रही है।
हर जानकारी ऑनलाइन रखने की तैयारी
ऑनलाइन पर्चे में मोबाइल नंबर के आधार पर आभा आईडी भी लिंक की जा रही है। सीएमएस ने बताया कि लोग जल्द ही पर्चे पर मिलने वाले परामर्श व लिखी गईं दवाओं की जानकारी पर आभा एप पर देख सकेंगे। टोकन नंबर से पर्चा, परामर्श, दवा व जांच एप पर ही नजर आएगी। साथ ही अगली बार चिकित्सकों को दिखाने के लिए पुराना पर्चा नहीं लाना होगा।
शत-प्रतिशत जांच रिपोर्ट अब मोबाइल पर मरीजों को भेजना शुरू कर दी गई हैं। एबीडीएम के अंतर्गत अन्य चरणों को भी जल्द लागू किया जाएगा, जिससे लोग टोकन लेकर निर्धारित समय पर ही अस्पताल पहुंच सकें और परामर्श ले सकें। इसके लिए तैयारी की जा रही है।
डाॅ. सूर्यप्रकाश, सीएमएस
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कोरोना के दौरान पायलट प्रोजेक्ट के रूप में 15 अगस्त 2020 को छह केंद्र शासित प्रदेशों में एबीडीएम की शुरुआत हुई। एक साल बाद योजना पूरे देश में लागू हुई। योजना का उद्देश्य था कि सरकारी अस्पताल आने वाले मरीजों को अकारण घंटों लाइन में न लगना पड़े और सुलभता से इलाज मिल सके।
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इसके तहत पर्चा बनने से लेकर परामर्श लेने, दवा व जांचों के लिए ऑनलाइन व्यवस्था की गई थी, लेकिन संसाधनों की कमी इस व्यवस्था पर हावी रही। स्वास्थ्य विभाग धीरे-धीरे एक-एक चरण पूरा कर रहा है। तीन महीने पहले ऑनलाइन पर्चों की व्यवस्था शुरू की गई थी।
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अब 90 फीसद पर्चे ऑनलाइन ही बनाए जा रहे हैं। अब दूसरे चरण में ओपीडी में टोकन व्यवस्था शुरू की जानी थी, लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी व आधुनिक उपकरण जैसे टैबलेट, कंप्यूटर व इंटरनेट न होने के कारण यह काम अधूरा है।
ऑनलाइन हुई जांच रिपोर्ट
जांच रिपोर्ट के लिए पंजीकरण के समय अब एबीडीएम पोर्टल पर मरीजों का मोबाइल नंबर भी अपडेट किया जा रहा है। सोमवार से इस व्यवस्था को शुरू कर दिया गया है। सोमवार को 112 जांच के नमूने लिए गए थे। मंगलवार को 153 मरीजों के नमूने लिए गए। सीएमएस डाॅ. सूर्यप्रकाश ने बताया कि इन सभी के मोबाइल नंबर पंजीकृत किए गए हैं। इनकी आभा आईडी एप व व्हाट्स एप जांच रिपोर्ट भेजी जा रही है, जिनके पास व्हाट्स एप नहीं है, उन्हें लिखित संदेश भेजकर रिपोर्ट तैयार होने की सूचना भेजी जा रही है।
हर जानकारी ऑनलाइन रखने की तैयारी
ऑनलाइन पर्चे में मोबाइल नंबर के आधार पर आभा आईडी भी लिंक की जा रही है। सीएमएस ने बताया कि लोग जल्द ही पर्चे पर मिलने वाले परामर्श व लिखी गईं दवाओं की जानकारी पर आभा एप पर देख सकेंगे। टोकन नंबर से पर्चा, परामर्श, दवा व जांच एप पर ही नजर आएगी। साथ ही अगली बार चिकित्सकों को दिखाने के लिए पुराना पर्चा नहीं लाना होगा।
शत-प्रतिशत जांच रिपोर्ट अब मोबाइल पर मरीजों को भेजना शुरू कर दी गई हैं। एबीडीएम के अंतर्गत अन्य चरणों को भी जल्द लागू किया जाएगा, जिससे लोग टोकन लेकर निर्धारित समय पर ही अस्पताल पहुंच सकें और परामर्श ले सकें। इसके लिए तैयारी की जा रही है।
डाॅ. सूर्यप्रकाश, सीएमएस