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Hathras News: अब एडीपीआरओ का वेतन रोकने पर सीडीओ-डीपीआरओ में ठनी
Fri, 17 Jan 2025 01:02 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Fri, 17 Jan 2025 01:02 AM IST
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अब अपर जिला पंचायतराज अधिकारी (एडीपीआरओ) का वेतन रोके जाने पर मुख्य विकास अधिकारी और डीपीआरओ में ठन गई है। सीडीओ द्वारा बैठक में गैरहाजिर रहने पर एडीपीआरओ का एक दिन का वेतन रोक जाने के आदेश के बाद डीपीआरओ सुबोध जोशी ने सीडीओ को पत्र भेजकर आपत्ति जता दी है।
डीपीआरओ ने वरिष्ठ कोषाधिकारी को भी पत्र भेजकर एडीपीआरओ का रुका हुआ वेतन आहरित करने की सिफारिश भी कर दी है। डीपीआरओ ने सीडीओ को भेजे पत्र में कहा है कि 10 जनवरी को एडीपीआरओ द्वारा बैठक में प्रतिभाग न करने के कारण उनका वेतन अवरूद्ध किया गया है। एडीपीआरओ के आकस्मिक अवकाश, 45 दिन तक के अर्जित एवं चिकित्सा अवकाश स्वीकृत करने का अधिकार डीपीआरओ में निहित है। इस अधिकार के अनुसार एडीपीआरओ का 9 व 10 जनवरी का आकस्मिक अवकाश उन्होंने स्वीकृत किया था।
उन्होंने कहा है कि जिला पंचायतराज अधिकारी की अनुपस्थिति में आहरण एवं वितरण को छोड़कर समस्त नैतिक कार्यों का संपादन और विभिन्न बैठकों में प्रतिभाग करना एडीपीआरओ के पद के कर्तव्य एवं दायित्वों में शामिल है। आकस्मिक अवकाश पर होने के बावजूद एडीपीआरओ का 10 जनवरी का वेतन अवरुद्ध किए जाने का कोई औचित्य नहीं है।
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पत्र में डीपीआरओ ने यह भी कहा है कि 10 जनवरी को अचानक स्वास्थ्य खराब हो जाने के संबंध में उन्होंने सीडीओ और डीएम राहुल पांडेय को दूरभाष एवं व्हाट्स एप पर संदेश के माध्यम से सूचित करते हुए एडीओ पंचायत कृष्णकांत को बैठक में प्रतिभाग किए जाने के लिए निर्देशित किया था। एडीओ पंचायत बैठक में उपस्थित रहे थे।
डीपीआरओ ने तो यहां तक कह दिया है कि शासनादेश के विचलन एवं प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत वेतन अवरूद्ध होने पर यदि एडीपीआरओ द्वारा किसी न्यायिक संस्था की शरण ली जाती है और उस संस्था द्वारा कोई विपरीत संज्ञान लिया जाता है तो इसके लिए उनकी कोई जिम्मेदारी नहीं होगी। उन्होंने वरिष्ठ कोषाधिकारी को पत्र भेजकर प्रस्तुत बिल के सापेक्ष एडीपीआरओ का 10 जनवरी का रुका हुआ वेतन आहरित किए जाने की संस्तुति की है। लेखाकार को भी एडीपीआरओ के 10 जनवरी के वेतन को शामिल करते हुए वेतन बिल कोषागार में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
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डीपीआरओ ने वरिष्ठ कोषाधिकारी को भी पत्र भेजकर एडीपीआरओ का रुका हुआ वेतन आहरित करने की सिफारिश भी कर दी है। डीपीआरओ ने सीडीओ को भेजे पत्र में कहा है कि 10 जनवरी को एडीपीआरओ द्वारा बैठक में प्रतिभाग न करने के कारण उनका वेतन अवरूद्ध किया गया है। एडीपीआरओ के आकस्मिक अवकाश, 45 दिन तक के अर्जित एवं चिकित्सा अवकाश स्वीकृत करने का अधिकार डीपीआरओ में निहित है। इस अधिकार के अनुसार एडीपीआरओ का 9 व 10 जनवरी का आकस्मिक अवकाश उन्होंने स्वीकृत किया था।
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उन्होंने कहा है कि जिला पंचायतराज अधिकारी की अनुपस्थिति में आहरण एवं वितरण को छोड़कर समस्त नैतिक कार्यों का संपादन और विभिन्न बैठकों में प्रतिभाग करना एडीपीआरओ के पद के कर्तव्य एवं दायित्वों में शामिल है। आकस्मिक अवकाश पर होने के बावजूद एडीपीआरओ का 10 जनवरी का वेतन अवरुद्ध किए जाने का कोई औचित्य नहीं है।
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पत्र में डीपीआरओ ने यह भी कहा है कि 10 जनवरी को अचानक स्वास्थ्य खराब हो जाने के संबंध में उन्होंने सीडीओ और डीएम राहुल पांडेय को दूरभाष एवं व्हाट्स एप पर संदेश के माध्यम से सूचित करते हुए एडीओ पंचायत कृष्णकांत को बैठक में प्रतिभाग किए जाने के लिए निर्देशित किया था। एडीओ पंचायत बैठक में उपस्थित रहे थे।
डीपीआरओ ने तो यहां तक कह दिया है कि शासनादेश के विचलन एवं प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत वेतन अवरूद्ध होने पर यदि एडीपीआरओ द्वारा किसी न्यायिक संस्था की शरण ली जाती है और उस संस्था द्वारा कोई विपरीत संज्ञान लिया जाता है तो इसके लिए उनकी कोई जिम्मेदारी नहीं होगी। उन्होंने वरिष्ठ कोषाधिकारी को पत्र भेजकर प्रस्तुत बिल के सापेक्ष एडीपीआरओ का 10 जनवरी का रुका हुआ वेतन आहरित किए जाने की संस्तुति की है। लेखाकार को भी एडीपीआरओ के 10 जनवरी के वेतन को शामिल करते हुए वेतन बिल कोषागार में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।