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Hathras News: मंशा नेक, बजट की कमी ने बिगाड़ा खेल
Fri, 22 May 2026 02:11 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Fri, 22 May 2026 02:11 AM IST
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चारा खाती गाय। संवाद
- फोटो : Samvad
प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई पशु सहभागिता योजना जिले के उन पशुपालकों के लिए चुनौतियों का सबब बन गई है, जिन्होंने निराश्रित गोवंश को गोद लेकर उनकी देखभाल का बीड़ा उठाया है। महज डेढ़ हजार रुपये की सहायता राशि से इनके लिए गोवंश का पेट भर पाना मुश्किल हो रहा है।
किसानों का कहना है कि सरकार से प्रतिदिन मिलने वाली 50 रुपये की धनराशि से तो सिर्फ आधा पेट भूसा ही आ पाता है। ऊपर से यदि गाय बीमार हो जाए, तो इलाज का खर्च अलग से उठाना पड़ता है।
गौरतलब है कि योजना में इच्छुक किसानों और पशुपालकों को बेसहारा गायों की देखभाल के लिए 1,500 प्रति गोवंश प्रतिमाह (डीबीटी के माध्यम से) देने का प्रावधान है। नियम के मुताबिक, एक परिवार अधिकतम चार गायें अपने पास रख सकता है, जिससे उन्हें हर महीने 6,000 तक की सहायता मिल सके। फिलहाल विभाग ने जिले में 148 किसान व पशुपालाकों को निराश्रित पशु दे रखे हैं।
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हजारों पशुपालक पुण्य और पैसे की आस में सरकारी आश्रय स्थलों से गायें अपने घर ले आए, लेकिन अब यही योजना उनके गले की फांस बन चुकी है।
चारे का खर्च : एक वयस्क गाय रोजाना पांच लीटर दूध देती है। भूसे और पशु आहार की मौजूदा कीमतों को देखें, तो एक गाय के रखरखाव का न्यूनतम खर्च 200 से 250 रुपये का आता है।
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किसानों का कहना है कि सरकार से प्रतिदिन मिलने वाली 50 रुपये की धनराशि से तो सिर्फ आधा पेट भूसा ही आ पाता है। ऊपर से यदि गाय बीमार हो जाए, तो इलाज का खर्च अलग से उठाना पड़ता है।
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गौरतलब है कि योजना में इच्छुक किसानों और पशुपालकों को बेसहारा गायों की देखभाल के लिए 1,500 प्रति गोवंश प्रतिमाह (डीबीटी के माध्यम से) देने का प्रावधान है। नियम के मुताबिक, एक परिवार अधिकतम चार गायें अपने पास रख सकता है, जिससे उन्हें हर महीने 6,000 तक की सहायता मिल सके। फिलहाल विभाग ने जिले में 148 किसान व पशुपालाकों को निराश्रित पशु दे रखे हैं।
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हजारों पशुपालक पुण्य और पैसे की आस में सरकारी आश्रय स्थलों से गायें अपने घर ले आए, लेकिन अब यही योजना उनके गले की फांस बन चुकी है।
चारे का खर्च : एक वयस्क गाय रोजाना पांच लीटर दूध देती है। भूसे और पशु आहार की मौजूदा कीमतों को देखें, तो एक गाय के रखरखाव का न्यूनतम खर्च 200 से 250 रुपये का आता है।