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गर्भवतियों के पंजीकरण में हाथरस नंबर वन
hathras
Updated Thu, 25 Feb 2016 12:11 AM IST
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हाथरस (ब्यूरो)। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा 27 जनवरी से तीन फरवरी तक मनाए गए मातृत्व सप्ताह में हाथरस जिला यूपी में नंबर वन रहा है। प्रमुख सचिव परिवार कल्याण एवं चिकित्सा स्वास्थ्य व मिशन डायरेक्टर ने लखनऊ में हुई बैठक में जिले के स्वास्थ्य अधिकारियों की पीठ थपथपाई है। इस सफलता से जिले के अफसर भी फूले नहीं समा रहे।
मातृत्व सप्ताह के तहत जिले में 13,896 गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण किए जाने, उनके स्वास्थ्य एवं पोषण की जांच कर उन्हें आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने और संस्थागत प्रसव में वृद्धि लाने का लक्ष्य दिया गया था। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सीएमओ डॉ. रामवीर सिंह के निर्देशन में जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. विजेंद्र सिंह ने काफी प्रयास किए। गांव-गांव अभियान चलाकर गर्भवती माताओं का पंजीकरण किया गया। अभियान की सीएमओ द्वारा रोजाना समीक्षा भी की गई। समीक्षा के दौरान मिलीं कमियों को भी दूर किया गया। इन प्रयासों से विभाग ने लक्ष्य से काफी अधिक 16,132 गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण किया और उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराईं। इसके अलावा हाईरिस्क प्रेग्नेंसी के तहत 1999 महिलाओं को चिन्हित किया गया, जो कि लक्ष्य का 12.6 फीसदी रहा। इस मामले में भी हाथरस जिला यूपी में टॉप फाइव में रहा। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी विजेंद्र सिंह ने बताया कि इस सफलता का श्रेय पूरी राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम को जाता है। सीएमओ डॉ. रामवीर सिंह ने बताया कि डीएम के निर्देशन में चिकित्सकों व कर्मियों की टीम ने काफी अच्छी मेहनत की, उसी का परिणाम है कि मातृत्व सप्ताह में हाथरस जिला यूपी में नंबर वन रहा है।
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मातृत्व सप्ताह के तहत जिले में 13,896 गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण किए जाने, उनके स्वास्थ्य एवं पोषण की जांच कर उन्हें आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने और संस्थागत प्रसव में वृद्धि लाने का लक्ष्य दिया गया था। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सीएमओ डॉ. रामवीर सिंह के निर्देशन में जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. विजेंद्र सिंह ने काफी प्रयास किए। गांव-गांव अभियान चलाकर गर्भवती माताओं का पंजीकरण किया गया। अभियान की सीएमओ द्वारा रोजाना समीक्षा भी की गई। समीक्षा के दौरान मिलीं कमियों को भी दूर किया गया। इन प्रयासों से विभाग ने लक्ष्य से काफी अधिक 16,132 गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण किया और उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराईं। इसके अलावा हाईरिस्क प्रेग्नेंसी के तहत 1999 महिलाओं को चिन्हित किया गया, जो कि लक्ष्य का 12.6 फीसदी रहा। इस मामले में भी हाथरस जिला यूपी में टॉप फाइव में रहा। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी विजेंद्र सिंह ने बताया कि इस सफलता का श्रेय पूरी राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम को जाता है। सीएमओ डॉ. रामवीर सिंह ने बताया कि डीएम के निर्देशन में चिकित्सकों व कर्मियों की टीम ने काफी अच्छी मेहनत की, उसी का परिणाम है कि मातृत्व सप्ताह में हाथरस जिला यूपी में नंबर वन रहा है।
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