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वर्षों पुराने औद्योगिक शहर में प्रदूषण रोकने के इंतजाम नहीं

Sat, 29 Oct 2022 12:42 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 29 Oct 2022 12:42 AM IST
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No arrangements to stop pollution in years old industrial city
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
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वर्षों पुराने औद्योगिक शहर हाथरस व इसके आसपास के कस्बों में प्रदूषण रोकने के इंतजाम नहीं है। हाथरस को जिला बने 25 साल हो गए लेकिन आज तक प्रदूषण नियंत्रण विभाग का कार्यालय भी नहीं खुला है। प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए अलीगढ़ से मॉनिटरिंग होती है। इससे यह लगता है कि जिले में प्रदूषण नियंत्रण के नाम पर केवल खानापूर्ति हो रही है। यहां औद्योगिक इकाइयां तो लगातार खुल रही हैं लेकिन ज्यादातर इकाइयों के पास प्रदूषण रोकने के इंतजाम नहीं है।
हाथरस ने कई उत्पादों में अपनी-अलग पहचान बना रखी है। हाथरस में हींग, अचार, मुरब्बा, चिप्स, मसाले, नमकीन का तो उत्पादन होता ही है साथ ही कॉटन उद्योग भी यहां की पुरानी पहचान है। इसी बीच चप्पल, हार्डवेयर, बैटरी, ऑटोमोबाइल, गलीचा, रबड़ के सामान, दवाएं, रंग गुलाल आदि की फैक्टरियां चल रही हैं।
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जिले में पांच औद्योगिक क्षेत्र हैं। इसमें अलीगढ़ रोड औद्योगिक क्षेत्र के अलावा सलेमपुर औद्योगिक क्षेत्र बड़े हैं। सादाबाद, सिकंदराराऊ व सहपऊ में भी मिनी औद्योगिक क्षेत्र हैं। यहां उद्योग धंधे बढ़ रहे हैं यह काफी अच्छी बात है लेकिन साथ ही यहां प्रदूषण भी बढ़ रहा है। इस पर रोक नहीं लग रही।
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फैक्टरियों में नहीं है जल और वायु प्रदूषण रोकने के उपकरण
अधिकांश फैक्टरियों में जल व वायु प्रदूषण को रोकने के लिए उपकरण नहीं लगे हैं। बिना ट्रीटमेंट के हवा में धुआं छोड़ा जा रहा है। इससे हवा जहरीली हो रही है। गलीचा, रंग, चादर बनाने वाली फैक्टरियों के अलावा निकिल पॉलिश के प्लांटों से भी खुले में बिना ट्रीटमेंट के पानी नालियों में बहाया जा रहा है। खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां खुले में कचरा बहा रही हैं। कुछ फैक्टरियां खुले में रबड़ जलाई जाती है।
सासनी का ड्रेन परोस रहा बीमारियां
अलीगढ़ से इगलास होते हुए सासनी की सीमा में अलीगढ़ ड्रेन गुजरता है। इस नाले का पानी इतना गंदा है कि देखने में काला लगता है। इस नाले के पास से बड़े बडे लोग नाक बंद कर निकलते हैं। इस पानी से आसपास के किसान सिंचाई भी करते हैं। नाले से यहां रहने वाले लोग बीमार भी हो रहे हैं। काफी औद्योगिक इकाइयों का पानी इस ड्रेन में जाकर मिलता है।

- हाथरस में शहर के आगरा रोड व सादाबाद में मापक यंत्र लगे हुए हैं। एएमयू की टीम द्वारा समय समय पर जांच कर रिपोर्ट दे जाती है। प्रदेश में कार्यालय खोलने के लिए कुछ स्थानों को चयनित किया गया है। अभी हमारे पास लिखित में कोई सूचना नहीं है। इसलिए हमें ज्यादा जानकारी नहीं है। - जेपी सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
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