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खुल गया राज: 30 साल पहले लापता हुआ था बुद्ध सिंह, घर के आंगन को आठ फुट खोदने पर निकला कंकाल

Thu, 26 Sep 2024 11:45 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस Published by: चमन शर्मा Updated Thu, 26 Sep 2024 11:45 PM IST
सार

घर के आंगन में जिस जगह से खुदाई के बाद कंकाल मिला है वहीं उर्मिला चारपाई बिछाकर सोती थी। उस स्थान पर कई जगह मिट्टी का भराव भी कराया गया। पंजाबी सिंह की सूचना पर ही पुलिस ने खुदाई कराई थी।

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missing 30 years ago skeleton of Buddha Singh was found
कंकाल निकालने के लिए घर के बरामदे में खोदाई करते मजदूर - फोटो : संवाद

विस्तार

30 साल से लापता जिस बुद्ध सिंह को उसके परिवार वाले और रिश्तेदार एक शहर से दूसरे शहर में तलाश रहे थे, उसका कंकाल घर के आंगन की खुदाई के बाद बरामद कर लिया गया। बुद्ध सिंह के बेटे ने ही अफसरों के सामने पेश होकर कहा था कि उसके पिता की हत्या उसकी मां और दो भाइयों ने एक ग्रामीण की मदद से की थी और शव घर के आंगन में दबा दिया था। हालांकि जिस तरह से शव दबाने की पुख्ता जगह और दूसरी जानकारियां पुलिस को दी गईं उसके आधार पर तो शव बुद्ध सिंह का ही है, लेकिन पुलिस फिर भी वैज्ञानिक साक्ष्यों के लिए कंकाल का डीएनए कराएगी।

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मुरसान क्षेत्र के गांव गिलोंदपुर गांव के बुद्ध सिंह पेशे से किसान थे। यह गांव में अपनी पत्नी उर्मिला और चार बेटों प्रदीप, मुकेश उर्फ खन्ना, बस्तीराम और पंजाबी सिंह के साथ रहते थे। वर्ष 1994 में बुद्ध सिंह अचानक लापता हो गए थे। कुछ दिन परिवार वालों ने तलाशा लेकिन फिर सभी थक हारकर बैठ गए। जिस वक्त बुद्ध सिंह गायब हुआ था उस समय उसके बड़े बेटे प्रदीप की उम्र तेइस साल थी, जबकि उससे छोटे मुकेश की उम्र 21 साल थी, बस्तीराम की उम्र 14 साल थी और सबसे छोटा पंजाबी सिंह नौ साल का था। 
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एक लंबा समय बीत जाने के बाद गांव के लोग और रिश्तेदार भी बुद्ध सिंह भूल चुके थे। उसे लेकर कोई जिक्र भी नहीं होता था। मगर अब तीस साल बाद इस पूरे घटनाक्रम में उस वक्त नया मोड़ आया जब बुद्ध सिंह के सबसे छोटे बेटे पंजाबी सिंह ने जो अब 39 साल का है डीएम के सामने पेश होकर कहा कि उसके पिता का कत्ल किया गया था। उसने बताया कि पुख्ता तारीख तो नहीं पता लेकिन घटना 1994 की ही है और सर्दियों के दिन थे। 

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कत्ल में उसकी मां और उसके भाई शामिल थे। पिता की हत्या करके उनका शव घर के आंगन में दबाया गया था। अगर पुलिस खुदाई करा ले तो कुछ साक्ष्य मिल सकते हैं। डीएम ने तत्काल पुलिस को जांच के आदेश दिए। जांच में पता चला कि बुद्ध सिंह गायब हुआ था और आज तक पता नहीं चला है। पुलिस की रिपोर्ट के बाद डीएम के आदेश पर 26 सितंबर को घर के आंगन की खुदाई शुरू हो गई।
निकला कंकाल
तीन मजदूर लगाए गए थे। रात को करीब नौ बजे खुदाई खत्म हुई और कंकाल बरामद कर लिया गया। पंजाबी सिंह ने घर के आंगन में जिस स्थान पर बताया था खुदाई बिलकुल वहीं हुई। लिहाजा पुलिस का मानना है कि शव बुद्ध सिंह का ही है लेकिन वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए अब डीएनए कराया जाएगा।

पंजाबी सिंह की सूचना पर घर के आंगन की खुदाई कराई गई थी। उसने ही बताया था कि उसके पिता बुद्ध सिंह की हत्या 30 साल पहले की गई थी। कंकाल भी बरामद हो गया है। इस आधार पर तो कंकाल बुद्ध सिंह का ही माना जा रहा है। लेकिन फिर भी सही रिपोर्ट डीएनए डेस्ट के बाद ही आएगी। कंकाल का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।-निपुण अग्रवाल, एसपी, हाथरस

पंजाबी सिंह ने यह की थी शिकायत

पंजाबी सिंह ने एक माह पूर्व डीएम और एसपी से शिकायत करते हुए अपने दो भाइयों पर आरोप लगाया था कि यह दोनों उसे जान से मारना चाहते हैं। इन दोनों ने करीब 30 साल पूर्व उसके पिता बुद्ध सिंह को मां व एक अन्य ग्रामीण के साथ मिलकर मौत के घाट उतार दिया था और उनके शव को घर में दबा दिया गया। पंजाबी सिंह का कहना है कि घटना के समय उसकी उम्र करीब नौ वर्ष थी। सर्दी का समय था। उस दौरान गांव के ही एक व्यक्ति का उनके घर पर काफी आना-जाना था। पिता इसका विरोध करते थे, लेकिन उनके दोनों भाई इस व्यक्ति का साथ देते थे।

करीब 30 साल पहले इन चारों ने मिलकर पिता बुद्ध सिंह की गला दबाकर हत्या कर दी और मकान में गड्ढा खोदकर दबा दिया। पंजाबी सिंह का कहना है कि घटना के समय परिवार वालों ने उसे बुरी तरह डरा दिया था। वह पुरानी बातों को धीरे-धीरे भूल चुका था, लेकिन अब परिवार के लोग उसके साथ मारपीट करते हुए घटना से जुड़ी बातों को दोहराते हैं। एसपी ने सीओ सादाबाद से इस मामले की जांच कराई। सीओ की रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने एसडीएम सदर खोदाई कराने का आदेश दिया।


जहां शव गढ़ा था वहीं चारपाई बिछाकर सोती थी उर्मिला
घर के आंगन में जिस जगह से खुदाई के बाद कंकाल मिला है वहीं उर्मिला चारपाई बिछाकर सोती थी। उस स्थान पर कई जगह मिट्टी का भराव भी कराया गया। पंजाबी सिंह की सूचना पर ही पुलिस ने खुदाई कराई थी। पंजाबी सिंह का कहना है कि शव उसके पिता बुद्ध सिंह का ही है। क्योंकि उसकी आंखों के सामने ही पिता की हत्या की गई थी। उसके सामने ही रात को गड्ढा खोदकर पिता का शव वहां दबाया गया था। पंजाबी सिंह ने अफसरों को यहां तक बताया था कि 15 फुट खुदाई करानी होगी तभी शव बरामद होगा। उसने पुलिस को बताया कि कुछ समय तक तो उसकी मां और भाइयों को यह डर बना रहा कि कहीं खुलासा न हो जाए। लेकिन जब समय बीतता गया तो सब चिंता मुक्त होते चले गए।

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