हाथरस जिला चिकित्सालय: तो क्या दिवंगत और निलंबित चिकित्सक भी दे रहे उपचार, जा चुके फिर भी लगी हैं पट्टिकाएं
हाथरस के बागला जिला चिकित्सालय में डॉक्टर सस्पेंड हो चुके हैं या आ नहीं रहे हैँ, फिर भी ऐसे चिकित्सकों के नाम अस्पताल की ओपीडी में लिखे हैंं। जिन्हें देखकर मरीजों में असमंजस बना रहता है।
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नित नए कारनामों से चर्चाओं में रहने वाले हाथरस के बागला जिला चिकित्सालय में चौंकाने वाला मामला सामने आया है। इस अस्पताल में दिवंगत और निलंबित चिकित्सक मरीजों का उपचार कर रहे हैं। जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल में अंकित नाम यही दिखा रहे हैं। अस्पताल में आने वाले मरीज चिकित्सकों का नाम देखकर उन्हें इधर-उधर ढूंढते हैं। चिकित्सक को न पाकर मरीज निराश हो जाते हैं।
बागला जिला अस्पताल में रोजाना हजारों मरीज उपचार के लिए आते हैं। सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से भी यहां मरीजों को रेफर किया जाता है। पिछले दिनों जिला अस्पताल में रंगाई-पुताई हुई थी। तब अस्पताल की ओपीडी में चिकित्सक कक्ष के बाहर उन चिकित्सकों के नाम अंकित किए गए थे, जो कक्ष में बैठते हैं। समय के साथ काफी चिकित्सक स्थानांतरित हो गए। कुछ चिकित्सक निलंबित चल रहे हैं तो एक चिकित्सक डॉ. अजय कुमार सैनी का 2 जनवरी को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। इसके बावजूद अस्पताल की ओपीडी में कक्ष संख्या 11 के बाहर उनका नाम आज भी अंकित है। मरीज उनका नाम देखकर भ्रमित हो जाते हैं।
दूसरी ओर जिला महिला अस्पताल की निश्चेतक डॉ. शालिनी गुप्ता लंबे समय से बिना किसी सूचना अनुपस्थित चल रही थीं। इस पर सख्ती दिखाते हुए स्वास्थ्य विभाग ने उन्हें निलंबित कर दिया था। इसके बावजूद जिला महिला अस्पताल के बोर्ड पर अभी उनका नाम अंकित है।
जो चिकित्सक इस समय अस्पताल में तैनात नहीं हैं, उनका नाम बोर्ड पर नहीं होना चाहिए। अगर ऐसा है तो चिकित्सकों का नाम अस्पताल से हटाए जाएंगे।-डॉ. मंजीत सिंह, सीएमओ हाथरस।