फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hathras News ›   jila panchayat hathras president loose

जिपं. अध्यक्ष की कुर्सी से हटाए गए विनोद

Wed, 14 Jun 2017 11:49 PM IST
ब्यूूूराे, अमर उजाला, हाथ्ारस
ब्यूूूराे, अमर उजाला, हाथ्ारस Updated Wed, 14 Jun 2017 11:49 PM IST
विज्ञापन
jila panchayat hathras president loose
मतगण्‍ाना में बैठे विनोद उपाध्याय - फोटो : अमर उजाला
जिला पंचायत कार्यालय में बुधवार को इतिहास रचा गया। जिला बनने के बाद पहली बार जिला पंचायत अध्यक्ष विनोद उपाध्याय के खिलाफ यहां अविश्वास प्रस्ताव पेश हुआ। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गौरव कुमार की मौजूदगी में अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया शुरू हुई।
विज्ञापन


अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में कुल 15 जिला पंचायत सदस्यों ने मतदान करके अध्यक्ष को पदमुक्त करने की मांग पर मोहर लगा दी। प्रस्ताव के विरोध में किसी भी सदस्य ने मतदान नहीं किया। बसपा खेमे की तरफ से जिला पंचायत अध्यक्ष विनोद उपाध्याय के अलावा जिला पंचायत सदस्य रामेश्वर उपाध्याय मौजूद रहे, लेकिन दोनों भाइयों ने भी मतदान में हिस्सा नहीं लिया। यही नहीं, बसपा खेमे के आठ और जिला पंचायत सदस्यों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया।
विज्ञापन


सीजेएम ने 15-0 से अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास होने की घोषणा कर दी, जिसके बाद बसपा विरोधी दलों ने मिलकर जीत का जश्न मनाया। एक-दूसरे को मिठाई खिलाई गई। इसके साथ ही जिले में जिला पंचायत अध्यक्ष का पद रिक्त हो गया है और राज्य निर्वाचन आयोग अब इसके चुनाव के लिए नए सिरे से अधिसूचना जारी करेगा। जिला पंचायत में जिला बनने के बाद बसपा खासकर पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय की यह पहली सियासी हार है।
विज्ञापन
विज्ञापन


गौरतलब है कि पिछले साल हुए जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में पूर्व ऊर्जा मंत्री और बसपा के दिग्गज नेता रामवीर उपाध्याय के छोटे भाई विनोद उपाध्याय एक वोट से जीते थे। उन्होंने दिलचस्प मुकाबले में सपा की जिलाध्यक्ष ओमवती यादव को शिकस्त दी थी, लेकिन पिछले दिनों एकाएक सपा, रालोद और भाजपा समर्थित 15 जिला पंचायत सदस्यों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम के सामने जिला पंचायत अध्यक्ष विनोद उपाध्याय के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की मांग उठाई।

इन सदस्यों ने बकायदा डीएम को शपथ पत्र भी सौंपे थे और डीएम ने इनकी वीडियोग्राफी भी करवाई थी। डीएम ने कानूनी राय-मशविरे के बाद अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान के लिए 14 जून की तारीख तय की थी। बुधवार को सुबह से ही मतदान के लिए जिला पंचायत कार्यालय पर अच्छी-खासी गहमागहमी रही। बसपा की तरफ से तो वहां अध्यक्ष के अलावा उनके छोटे भाई रामेश्वर उपाध्याय ही पहुंचे, जबकि सपा की तरफ से पूरा लाव-लश्कर वहां मौजूद था।

सीजेएम की मौजूदगी में भाजपा, सपा एवं रालोद के सभी जिला पंचायत सदस्यों ने एकजुट होकर मतदान किया। किसी भी प्रकार की कोई अव्यवस्था नहीं हो सके, इसके लिए सुबह से ही जिला पंचायत कार्यालय पर जिला प्रशासन और पुलिस सुरक्षा के लिए पूरी तरह मुश्तैद था।


मतदान के लिए जिला न्यायाधीश द्वारा नियुक्त किए गए अध्यक्ष/पीठासीन अधिकारी सीजेएम गौरव कुमार वर्मा ने बताया कि सदन में अविश्वास प्रस्ताव के लिए जिला पंचायत के सदन में जिला पंचायत के 17 सदस्यों ने भाग लिया। अध्यक्ष विनोद उपाध्याय एवं उनके भाई जिला पंचायत सदस्य रामेश्वर उपाध्याय ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया, जबकि अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में जिला पंचायत सदस्य ओमवती यादव, राजाराम फौजी, बिजेंद्र पाल सिंह, इंद्रजीत, प्रमोद कुमार, श्यामसिंह, सीमा देवी, सत्यपाल, ललिता देवी, निर्मला देवी, आशा देवी, सत्तो फौजी, मीनू यादव, पुष्पेंद्र चौधरी, प्रदीप चौधरी उर्फ गुड्डू आदि ने अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed