शांत स्वभाव से सबका मन मोह लिया जसोदा बेन ने
हर कोई उनके शांत स्वभाव की सराहना करता रहा। दोनों दिन खुटीपुरी और हाथरस के मंदिरों में सुबह और शाम के समय उन्होंने पूजा-अर्चना की। जो भी उनसे मिला वह उनकी सराहना करते हुए नहीं थका। बुधवार सुबह वह यहां से मथुरा के लिए रवाना हो गईं।
जसोदा बेन काफी धार्मिक प्रवृत्ति की हैं। इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शादी समारोह में शामिल होने के बाद वह हाथरस के अलीगढ़ रोड स्थित महादेव मंदिर और खुटीपुरी में बंशी वाला मंदिर में पूजा-अर्चना की। मंगलवार की देर रात चामड़ गेट नई धर्मशाला में वर माला का कार्यक्रम होने के बाद मुरसान के गांव खुटीपुरी निवासी दूल्हा मनमोहन कौशिक और बलिया निवासी दुल्हन अनुपमा तिवारी को आशीर्वाद दिया। आशीर्वाद कार्यक्रम के बाद लगभग 15 मिनट तक जसोदा बेन वहीं रुकीं।
रात्रि विश्राम के लिए अलीगढ़ रोड स्थित शिल्पा गेस्ट हाउस में रुकीं। सुबह उन्होंने गेस्ट हाउस परिसर में ही बने महादेव के मंदिर में पूजा-अर्चना की। सांसद पत्नी श्वेता दिवाकर भी बुधवार की सुबह उनसे मिलने के लिए गेस्ट हाउस पहुंचीं। गुलदस्ता और प्रतीक चिह्न भेंटकर उनका स्वागत किया। छोटे भाई की शादी के कामों को छोड़कर भाजपा नेता और गुजरात में आरएसएस के कार्यों में सक्रिय रहे ब्रजमोहन कौशिक पीएम की पत्नी के साथ साए की तरह रहे।
गेस्ट हाउस से जसोदा बेन गांव खुटीपुरी स्थित बंशी वाला मंदिर पहुंचीं और पूजा के कार्यक्रम में शामिल हुईं। दूल्हे के पिता राजेश कुमार कौशिक, माता सुनीता देवी, ब्रजमोहन कौशिक, दिनेश शर्मा, योगेश कौशिक, आशा कौशिक से भी मिलीं और फोटो सेशन कराया। इनके अलावा भाजपा जिला उपाध्यक्ष गौरव आर्य, युवा नेता आदित्य शर्मा, मोहन पंडित और सुनीत आर्य भी पीएम की पत्नी से मिले। भाजपा नेता ब्रजमोहन कौशिक के आवास पर सुबह का नाश्ता करने के बाद आधा घंटे रुकीं और वह उन्हीं के साथ मथुरा के लिए रवाना हो गईं।