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अधिसूचित क्षेत्र में फिर अधिग्रहण की हलचल

Sun, 26 Mar 2017 11:18 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला / हाथरस/ विकास शर्मा
ब्यूरो अमर उजाला / हाथरस/ विकास शर्मा Updated Sun, 26 Mar 2017 11:18 PM IST
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In the notified area again the bustle of acquisition
यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण द्वारा सादाबाद के गांव जैतई में लगाया गया बोर्ड। - फोटो : अमर उजाला

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यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा जारी जिले के 403 गांवों के अधिग्रहण की अधिसूचना बेशक ठंडे बस्ते में है, लेकिन प्राधिकरण ने अधिसूचित क्षेत्र में विकास और निर्माण पर पाबंदियां लगानी शुरू कर दी हैं। प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी की तरफ से अधिसूचित क्षेत्र में इस आशय के बोर्ड भी लगवाने शुरू कर दिए गए हैं। सादाबाद और उसके आसपास के गांवों में प्राधिकरण के बोर्ड कई जगहों पर दिखाई दे रहे हैं। इन बोर्ड पर साफ-साफ लिखा है कि प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में उसकी अनुमति के बिना कोई भी निर्माण या विकास कार्य प्रतिबंधित हैं। बोर्ड लगने के बाद अधिसूचित क्षेत्र में हलचल बढ़ गई है। लोगों के सामने यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या फिर से उनकी भूमि अधिग्रहीत करने की तैयारी हो रही है।

हालांकि जानकारों की मानें तो यह बोर्ड लगाने के पीछे प्राधिकरण का मकसद अधिसूचित क्षेत्र में बिना परमीशन के हो रहे निर्माण कार्यों पर रोक लगाना है। प्राधिकरण का मानना है कि अगर बोर्ड लगाने के बाद भी अधिसूचित क्षेत्र में कोई निर्माण या विकास का काम होता है तो इसे गैर कानूनी माना जाएगा और प्राधिकरण इसे ध्वस्त करा सकता है। इस कार्यवाही के बाद अब अधिसूचित क्षेत्र में भूमि मालिकों के लिए अपनी जमीनों पर ही कोई भी आवासीय या गैर आवासीय निर्माण कराना आसान नहीं होगा और न हीं अधिसूचित भूमि का मौजूदा भू उपयोग (लैंड यूज) बदलवाना आसान होगा। उन्हें नियमानुसार तहसील प्रशासन के जरिए प्राधिकरण में इसके लिए आवेदन करना होगा और वहां से विधिवत परमीशन मिलने के बाद ही वह अपनी जमीन पर कोई काम करा सकेंगे। सूत्र बताते हैं कि प्राधिकरण उन जगहों को भी चिन्हित कर रहा है, जहां भविष्य में वह सड़कें, मल्टीप्लेक्स, हॉस्पिटल, औद्योगिक क्षेत्र, आवासीय क्षेत्र, हवाई अड्डा, बस टर्मिनस जैसी सुविधाएं विकसित कर सकता है। प्राधिकरण की टीम इन सुविधाओं के लिए संभावित जगहों का चिह्नांकन करने में जुटी है। अगर किसी की जमीन इन सुविधाओं की जद में आ रही होगी तो प्राधिकरण उसे वहां कोई और काम कराने की इजाजत नहीं देगा। कुल मिलाकर अधिसूचित क्षेत्र में अब जमीन मालिकों को कोई भी काम कराने से पहले यह स्पष्ट करना होगा कि भविष्य में प्राधिकरण की तरफ से उनकी जमीन के किसी दूसरे उद्देश्य के लिए अधिग्रहण की योजना तो विचाराधीन नहीं है। यह स्पष्ट होने के बाद ही उन्हें अपनी जमीन पर कोई भी निर्माण या विकास कराने की अनुमति मिलेगी।
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