फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hathras News ›   In Hathras, on the target of hunters 'black deer'

हाथरस में भी शिकारियों के निशाने पर ‘काला हिरण’

Sun, 08 Apr 2018 11:33 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस। Updated Sun, 08 Apr 2018 11:33 PM IST
विज्ञापन
 In Hathras, on the target of hunters 'black deer'
Black buck
 जिस काले हिरण के शिकार करने पर फिल्म अभिनेता सलमान खान को जेल जाना पड़ा, वही काला हिरण इस जिले में सुरक्षा का मोहताज है। सिकंदराराऊ तहसील के टटी डंडिया, मुबारिकपुर कपसिया और ऐंचोला शहादतपुर के जंगलों में काले हिरण (ब्लैक बग) की अच्छी-खासी तादाद है।
विज्ञापन


इन गांवों के जंगलों में विचरण करने वाले यह हिरण अक्सर शिकारियों के निशाने पर रहते हैं। वो तो भला हो स्थानीय लोगों का, जो उन्होंने इन हिरणों की सुरक्षा का जिम्मा संभाल रखा है, वरना अकेले वन विभाग के भरोसे इनको सुरक्षित रखना आसान नहीं है। सलमान खान प्रकरण के बाद जिस तरह काले हिरण की सुरक्षा का मुद्दा देश भर में सुर्खियां बटोर रहा है, उसके बाद यहां का वन विभाग भी हरकत में आया है। विभाग ने स्थानीय लोगों की मदद से इन हिरणों के चारे-पानी और सुरक्षा के इंतजाम किए हैं, जिससे इनकी संख्या अब तेजी से बढ़ रही है।
विज्ञापन


वन विभाग ने सिकंदराराऊ के जंगलों में अंतिम बार 2010 में काले हिरण की गिनती कराई थी। उस समय इनकी तादाद 70 से 72 के बीच थी, लेकिन वर्तमान में इनकी तादाद 100 से 110 के बीच होने का वन विभाग का अनुमान है। ब्लैक बग के अलावा यहां चीतल, बारहसिंगा भी अच्छी-खासी संख्या में हैं। कुछ समय पूर्व यहां बेहद दुर्लभ सफेद हिरण की भी मौजूदगी पाई गई थी, जिसके बाद वन विभाग और स्थानीय लोग इनकी हिफाजत को लेकर और ज्यादा सक्रिय हुए। इन गांवों के लोगों ने इन हिरणों की हिफाजत के लिए वन्य जीव संरक्षण समिति भी बना रखी है, जो समय-समय पर इन हिरणों के संरक्षण के लिए आवाज उठाती रही है। इतने पर भी यह हिरण कुत्तों और शिकारियों के शिकार बन जाते हैं। आए-दिन इनके शव इन जंगलों में देखे जाते हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


पहले से कम हुआ शिकार 
हालांकि विभाग की मानें तो इन हिरणों के शिकार में पहले के मुकाबले काफी कमी आई है। इसका श्रेय स्थानीय लोगों की जागरूकता को जाता है। लोगों ने खुद ही इन हिरणों की हिफाजत का जिम्मा संभाल रखा है। यही वजह है कि इनकी संख्या तेजी से बढ़ रही है। आने वाले वर्षों में इनकी संख्या में और इजाफा देखने को मिल सकता है।

पानी की हौदियां बनवाईं, पौधे लगवाए
इस मासूम प्राणी को अनुकूल माहौल देने के लिए वन विभाग ने स्थानीय लोगों की मदद से इस क्षेत्र में काफी सुविधाएं विकसित कराई हैं। मसलन, उनके पानी पीने के लिए जगह-जगह हौदियां बनाई गई हैं। वन्य जीव बहुल क्षेत्र में बड़े पैमाने पर पौधरोपण भी कराया गया है। 


हिरणों की सुरक्षा को लेकर विभाग पूरी तरह गंभीर है। हिरणों के चारे-पानी के इंतजाम के साथ ही उनको अनुकूल माहौल देने पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है। विभाग ने इनकी सुरक्षा और संरक्षा के लिए प्रोजेक्ट भी तैयार करके शासन को भेजा है।
-मुकेश कुमार, प्रभागीय वनाधिकारी हाथरस
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed