{"_id":"5894c13d4f1c1b4a40e823d6","slug":"if-no-roads-will-boycott-the-elections","type":"story","status":"publish","title_hn":"सड़क नहीं बनी तो करेंगे चुनाव का बहिष्कार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सड़क नहीं बनी तो करेंगे चुनाव का बहिष्कार
अमर उजाला, हाथरस
Updated Fri, 03 Feb 2017 11:30 PM IST
विज्ञापन
ग्राम कुम्हरई मे ग्रामीणों को समझाते रालोद नेता डा. अनिल चौधरी।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
क्षेत्र की ग्राम पंचायत शहबाजपुर के माजरा गांव अल्हैदीनपुर के ग्रामीण पिछले कई वर्षों से समस्याओं से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों ने एकजुट होकर पंचायत की और गांव में सड़क निर्माण कराने की मांग उठाई। मांग पूरी नहीं होने पर चुनाव का बहिष्कार करने का ऐलान किया। ग्रामीणों ने एक स्वर से गांव की सड़क बनवाने की मांग उठाई।
ग्रामीणों ने ऐलान किया कि अगर चुनाव से पहले गांव की सड़क नहीं बनी तो ग्रामीण विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों द्वारा गांव में वोट मांगने के लिए आने वाले प्रत्याशियों को जमकर खरी-खोटी भी सुनाई जा रही हैं। प्रत्याशियों को उनके आक्रोश का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने कहा कि गांव में आज तक किसी भी जनप्रतिनिधि द्वारा यहां विकास कार्य नहीं कराए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की मुख्य सड़क (गड़ौला-रामपुर) मार्ग और जलेसर से गांव के लिए आने वाला जलालपुर मार्ग पिछले कई वर्षों से जर्जर हालत में है। ग्रामीणों का कहना है कि इस बदहाल सड़क पर रात तो दूर, दिन में भी आवागमन दूभर हो रहा है।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार करते हुए कहा कि प्रत्याशियों द्वारा हर चुनाव से पूर्व उन्हें समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया जाता है मगर चुनाव जीतने के बाद कोई भी जनप्रतिनिधि आज तक गांव में घूमने के लिए हीं नहीं आता है।
विकास तो दूर की बात है, गांव में बिजली, सड़क और पानी के लिए भी लोग परेशान हैं। ग्रामीणों ने ऐलान किया कि अगर चुनाव से पहले गांव की जर्जर सड़क का निर्माण नहीं किया गया तो उन्हें विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करने को मजबूर होना पडे़गा।
अनिल चौधरी के समझाने के बाद ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार का निर्णय लिया वापस
सादाबाद क्षेत्र के ग्राम कुम्हरई में पिछले एक सप्ताह से गांव में विकास कार्य न होने के चलते ग्रामवासियों द्वारा विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया था। वहीं, बुधवार को तहसीलदार कुमारचंद्र जवालिया एवं बीडीओ मोहम्मद जाकिर भी गांव पहुंचे थे और ग्रामीणों को काफी समझाया, लेकिन अधिकांश ग्रामीण विकास कार्य न होने के चलते बहिष्कार पर अडे़ हुए थे। शुक्रवार को रालोद प्रत्याशी एवं पूर्व विधायक डॉ. अनिल चौधरी, रालोद नेता केशव चौधरी, ईशान चौधरी आदि के साथ ग्राम कुम्हरई पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत की और समझाया। इसके बाद ग्रामीणों ने बहिष्कार का निर्णय स्थिगित कर दिया।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने ऐलान किया कि अगर चुनाव से पहले गांव की सड़क नहीं बनी तो ग्रामीण विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों द्वारा गांव में वोट मांगने के लिए आने वाले प्रत्याशियों को जमकर खरी-खोटी भी सुनाई जा रही हैं। प्रत्याशियों को उनके आक्रोश का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने कहा कि गांव में आज तक किसी भी जनप्रतिनिधि द्वारा यहां विकास कार्य नहीं कराए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की मुख्य सड़क (गड़ौला-रामपुर) मार्ग और जलेसर से गांव के लिए आने वाला जलालपुर मार्ग पिछले कई वर्षों से जर्जर हालत में है। ग्रामीणों का कहना है कि इस बदहाल सड़क पर रात तो दूर, दिन में भी आवागमन दूभर हो रहा है।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार करते हुए कहा कि प्रत्याशियों द्वारा हर चुनाव से पूर्व उन्हें समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया जाता है मगर चुनाव जीतने के बाद कोई भी जनप्रतिनिधि आज तक गांव में घूमने के लिए हीं नहीं आता है।
विकास तो दूर की बात है, गांव में बिजली, सड़क और पानी के लिए भी लोग परेशान हैं। ग्रामीणों ने ऐलान किया कि अगर चुनाव से पहले गांव की जर्जर सड़क का निर्माण नहीं किया गया तो उन्हें विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करने को मजबूर होना पडे़गा।
अनिल चौधरी के समझाने के बाद ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार का निर्णय लिया वापस
सादाबाद क्षेत्र के ग्राम कुम्हरई में पिछले एक सप्ताह से गांव में विकास कार्य न होने के चलते ग्रामवासियों द्वारा विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया था। वहीं, बुधवार को तहसीलदार कुमारचंद्र जवालिया एवं बीडीओ मोहम्मद जाकिर भी गांव पहुंचे थे और ग्रामीणों को काफी समझाया, लेकिन अधिकांश ग्रामीण विकास कार्य न होने के चलते बहिष्कार पर अडे़ हुए थे। शुक्रवार को रालोद प्रत्याशी एवं पूर्व विधायक डॉ. अनिल चौधरी, रालोद नेता केशव चौधरी, ईशान चौधरी आदि के साथ ग्राम कुम्हरई पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत की और समझाया। इसके बाद ग्रामीणों ने बहिष्कार का निर्णय स्थिगित कर दिया।