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Hathras News: दहेज के लिए पत्नी की हत्या कर शव फंदे से लटकाने पर पति दोषी करार, 10 साल कैद की सजा
Thu, 08 Feb 2024 07:54 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: चमन शर्मा
Updated Thu, 08 Feb 2024 07:54 PM IST
सार
शादी के कुछ समय बाद से पति ने पत्नी को मानसिक यातनाएं देना शुरू कर दिया। पत्नी लगभग 4-5 माह के गर्भ से थी। पति पर आरोप लगाया गया कि हत्या करके शव को फंदे पर लटकाया गया । न्यायालय ने आरोपी पति को दोषी करार देते हुए 10 साल कैद की सजा सुनाई है।
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अदालत का फैसला
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
हाथरस में विशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी एक्ट) रामप्रताप सिंह के न्यायालय ने गर्भवती पत्नी की दहेज के लिए हत्या के एक मामले में आरोपी पति को दोषी करार देते 10 साल कैद की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी पर अर्थदंड भी लगाया है। न देने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
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अभियोजन अधिवक्ता एडीजीसी प्रतिभा सिंह राजपूत ने बताया कि जनपद फिरोजाबाद के थाना एका क्षेत्र के गांव नगरिया निवासी रामनरेश पुत्र श्यामलाल ने थाना कोतवाली सदर में 20 अक्तूबर 2021 को तहरीर देकर कहा कि उन्होंने अपनी पुत्री की शादी 10 जुलाई 2018 को हाथरस जिले के चेतक पुत्र हरीकृष्ण निवासी विभव नगर कॉलोनी नवीपुर के साथ हिंदू रीति-रिवाज से की थी। शादी के कुछ समय बाद से पूनम के पति चेतक ने उनकी पुत्री को मानसिक यातनाएं देना शुरू कर दिया। इस कारण उनकी पुत्री अपने मायके आती-जाती थी। पुत्री ने उन्हें बताया कि उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया जाता है। उसे कई बार मारने का प्रयास किया जा चुका है।
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इस बारे में ससुर होतीलाल, सारा लक्ष्मी देवी, देवर सनी, ताऊ मलखान सिंह व मौसा श्रीराम पूर्व पुलिस कर्मचारी को अवगत कराया गया, लेकिन उन्होंने मौन रहकर स्वीकृति प्रदान कर रखी थी। उनकी पुत्री लगभग 4-5 माह के गर्भ से थी। 19 अक्तूबर 2021 को 9:45 बजे मोबाइल फोन पर एक व्यक्ति ने उनके पुत्र सुरजीत को बताया कि तुम्हारी बहन पूनम ने फांसी लगा ली है। उन्होंने कहा कि सुनियोजित तरीके से तैयारी करके उनकी पुत्री की हत्या करके उसके शव को फंदे पर लटकाया गया है। ससुरालीजनों ने यह जघन्य अपराध सोच समझकर किया है। इस घटना की सूचना उन्होंने एसएमएस से लड़के के पिता एवं माता को दी, लेकिन उन्होंने एफआईआर दर्ज होने तक कोई जवाब नहीं दिया।
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इस मामले में चेतक, होतीलाल, लक्ष्मी देवी, सनी, मलिखान सिंह व श्रीराम भारती के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ। विवेचक ने विवेचना करते हुए प्रकरण में आरोपी होतीलाल, लक्ष्मी देवी, सनी, मलखान सिंह, व श्रीराम भारती के विरुद्ध कोई साक्ष्य न पाए जाने पर नामजदगी गलत पाई। आरोपी चेतक के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। इस मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश( एससी /एसटी एक्ट) रामप्रताप सिंह के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के उपरांत आरोपी चेतक को दोषी करार देते हुए 10 साल कैद की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी एडीजीसी प्रतिभा सिंह राजपूत ने की।