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हाथरस : सासनी विधानसभा क्षेत्र का अस्तित्व खत्म होने से विकास की उम्मीदों को लगा झटका
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सासनी (हाथरस)
परिसीमन में विधानसभा क्षेत्र का अस्तित्व खत्म होने के बाद क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियों को तगड़ा झटका लगा है। एक तरह से क्षेत्र की राजनीतिक पहचान ही विधानसभा सीट खत्म होने के साथ खत्म हो गई। विधानसभा सासनी ने कई विधायक ही नहीं, बल्कि कई सांसदों को जिताने में अहम भूमिका निभाई थी, लेकिन नये परिसीमन से सभी आंकड़े उलट गए हैं। क्षेत्र में राजनीति में सक्रिय लोगों की संख्या भी कम होती जा रही है।
विधानसभा क्षेत्र खत्म होने का असर इस क्षेत्र के विकास पर भी पड़ा है। क्षेत्र की जनता को आज तक अपना कोई नुमाइंदा नहीं मिला है। जब सासनी विधानसभा क्षेत्र था, तब भी यहां बाहरी लोगों की ही नुमाइंदगी रही। इस कारण चुने हुए जनप्रतिनिधियों ने इस क्षेत्र के विकास को खास तवज्जो नहीं दी। उच्च शिक्षा एवं स्वास्थ्य, तकनीकी शिक्षा के अलावा कोई भी औद्योगिक इकाई आज तक स्थापित नहीं हुई है। एक मात्र कांच उद्योग भी अस्तित्व खो बैठा है। कई दशकों से यहां की कांच फैक्टरियों की चिमनियों ने धुआं नहीं उगला है। संवाद
विधानसभा खत्म होने से क्षेत्र का विकास बाधित हुआ है। शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में आज भी पहले जैसी स्थिति है। कोई भी औद्योगिक इकाई नहीं है। इस कारण लोग बाहर पलायन कर रहे हैं। परिसीमन को गलत खत्म किया गया है।
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-दीपेश कुमार भार्गव
विधानसभा क्षेत्र खत्म होने से क्षेत्र की राजनीतिक गतिविधियां भी खत्म हो गई हैं। परिसीमन में इस विधानसभा क्षेत्र को गलत खत्म किया गया है। उच्च शिक्षा की वर्षों पुरानी मांग यथावत है। स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है। इस कारण लोग पलायन कर रहे हैं।
- सुधीर कुमार अग्रवाल
विधानसभा क्षेत्र सासनी के रहते जनप्रतिनिधि जनता की बात सुनने के लिए बाध्य थे, लेकिन विधानसभा क्षेत्र खत्म होने से सियासत बदल गई है। सासनी के विकास की तरफ कोई सोचता नहीं है। विधानसभा क्षेत्र का खत्म होना विकास में बाधक है।
-प्रकाशचंद्र शर्मा
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परिसीमन में विधानसभा क्षेत्र का अस्तित्व खत्म होने के बाद क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियों को तगड़ा झटका लगा है। एक तरह से क्षेत्र की राजनीतिक पहचान ही विधानसभा सीट खत्म होने के साथ खत्म हो गई। विधानसभा सासनी ने कई विधायक ही नहीं, बल्कि कई सांसदों को जिताने में अहम भूमिका निभाई थी, लेकिन नये परिसीमन से सभी आंकड़े उलट गए हैं। क्षेत्र में राजनीति में सक्रिय लोगों की संख्या भी कम होती जा रही है।
विधानसभा क्षेत्र खत्म होने का असर इस क्षेत्र के विकास पर भी पड़ा है। क्षेत्र की जनता को आज तक अपना कोई नुमाइंदा नहीं मिला है। जब सासनी विधानसभा क्षेत्र था, तब भी यहां बाहरी लोगों की ही नुमाइंदगी रही। इस कारण चुने हुए जनप्रतिनिधियों ने इस क्षेत्र के विकास को खास तवज्जो नहीं दी। उच्च शिक्षा एवं स्वास्थ्य, तकनीकी शिक्षा के अलावा कोई भी औद्योगिक इकाई आज तक स्थापित नहीं हुई है। एक मात्र कांच उद्योग भी अस्तित्व खो बैठा है। कई दशकों से यहां की कांच फैक्टरियों की चिमनियों ने धुआं नहीं उगला है। संवाद
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विधानसभा खत्म होने से क्षेत्र का विकास बाधित हुआ है। शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में आज भी पहले जैसी स्थिति है। कोई भी औद्योगिक इकाई नहीं है। इस कारण लोग बाहर पलायन कर रहे हैं। परिसीमन को गलत खत्म किया गया है।
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-दीपेश कुमार भार्गव
विधानसभा क्षेत्र खत्म होने से क्षेत्र की राजनीतिक गतिविधियां भी खत्म हो गई हैं। परिसीमन में इस विधानसभा क्षेत्र को गलत खत्म किया गया है। उच्च शिक्षा की वर्षों पुरानी मांग यथावत है। स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है। इस कारण लोग पलायन कर रहे हैं।
- सुधीर कुमार अग्रवाल
विधानसभा क्षेत्र सासनी के रहते जनप्रतिनिधि जनता की बात सुनने के लिए बाध्य थे, लेकिन विधानसभा क्षेत्र खत्म होने से सियासत बदल गई है। सासनी के विकास की तरफ कोई सोचता नहीं है। विधानसभा क्षेत्र का खत्म होना विकास में बाधक है।
-प्रकाशचंद्र शर्मा