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हाथरस : रोजना दो हजार क्विंटल से ज्यादा हो रही गेहूं की आवक, किसान कर रहे इंतजार
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिकंदराराऊ (हाथरस)
स्थानीय मंडी समिति में सरकारी गेहूं खरीद के लिए लगे आरएफसी सरकारी खरीद केन्द्रों पर गेहूं की खरीद तेजी से की जा रही है। लगभग दो हजार क्विंटल से ज्यादा गेहूं की आवक हो रही है। इस कारण किसानों को कई दिनों तक तोल की प्रतीक्षा करनी पड़ रही है। बारदाना खत्म होना भी समस्या बना हुआ है।
बता दें कि मंडी परिसर में तीन तुलाई केन्द्र आरएफसी के हैं। यहां पर लगातार गेहूं की तुलाई होती मिली। केन्द्र एएमओ शना सजिद के निर्देशन में गेहूं खरीद का काम चल रहा है। प्रतिदिन एक कांटे पर दो सौ क्विंटल गेहूं की खरीद की जा रही है। सरकार ने घोषण की थी कि बटाईदार किसानों का गेहूं भी खरीदा जाएगा। लेकिन कागज न होने के कारण किसान परेशान हो रहे हैं। एएमओ ने बताया कि किसान लेखपाल का प्रमाण पत्र या शपथ नामा या प्रधान के हाथ का लिखा ले आएं कि उनकी खरीद की जाएगी।
गेहूं की आवक प्रतिदिन लगभग दो हजार क्विंटल की है, लेकिन खरीद की अनुमति महज 15 सौ क्विंटल होने से किसानों के गेहूं का ढेर लग गया है। हालांकि गेहूं खरीद की लिमिट 20 से बढ़ाकर 30 क्विंटल करने से किसान खुश हैं। बारदाना खत्म होने की समस्या भी बनी हुई है। मंडी स्थल की सड़क पूरी तरह टूटी पड़ी है। किसानों की गाड़ियों यहां फंस जाती है। समस्याओं को लेकर एसडीएम मनोज कुमार से बात की गई तो उन्होंने आश्वस्त किया है कि समस्या खत्म कर किसानों को पूरी खरीद में राहत प्रदान की जाएगी।
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स्थानीय मंडी समिति में सरकारी गेहूं खरीद के लिए लगे आरएफसी सरकारी खरीद केन्द्रों पर गेहूं की खरीद तेजी से की जा रही है। लगभग दो हजार क्विंटल से ज्यादा गेहूं की आवक हो रही है। इस कारण किसानों को कई दिनों तक तोल की प्रतीक्षा करनी पड़ रही है। बारदाना खत्म होना भी समस्या बना हुआ है।
बता दें कि मंडी परिसर में तीन तुलाई केन्द्र आरएफसी के हैं। यहां पर लगातार गेहूं की तुलाई होती मिली। केन्द्र एएमओ शना सजिद के निर्देशन में गेहूं खरीद का काम चल रहा है। प्रतिदिन एक कांटे पर दो सौ क्विंटल गेहूं की खरीद की जा रही है। सरकार ने घोषण की थी कि बटाईदार किसानों का गेहूं भी खरीदा जाएगा। लेकिन कागज न होने के कारण किसान परेशान हो रहे हैं। एएमओ ने बताया कि किसान लेखपाल का प्रमाण पत्र या शपथ नामा या प्रधान के हाथ का लिखा ले आएं कि उनकी खरीद की जाएगी।
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गेहूं की आवक प्रतिदिन लगभग दो हजार क्विंटल की है, लेकिन खरीद की अनुमति महज 15 सौ क्विंटल होने से किसानों के गेहूं का ढेर लग गया है। हालांकि गेहूं खरीद की लिमिट 20 से बढ़ाकर 30 क्विंटल करने से किसान खुश हैं। बारदाना खत्म होने की समस्या भी बनी हुई है। मंडी स्थल की सड़क पूरी तरह टूटी पड़ी है। किसानों की गाड़ियों यहां फंस जाती है। समस्याओं को लेकर एसडीएम मनोज कुमार से बात की गई तो उन्होंने आश्वस्त किया है कि समस्या खत्म कर किसानों को पूरी खरीद में राहत प्रदान की जाएगी।
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