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हाथरस : धनराशि खपाने को बिना मुहूर्त के ही करा दीं शादियां
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत शासन की ओर से 61 नवयुगलों की शादी कराने के लिए धनराशि भेजी गई थी, लेकिन अभी तक इस धनराशि का इस्तेमाल नहीं हो सका था। अब चूंकि वित्तीय वर्ष समाप्त होने के कगार पर है, इसलिए इस धनराशि को लैप्स होने से बचाने के लिए प्रशासन ने सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन कराया। जल्दबाजी इतनी थी कि प्रशासन ने शादियों के एिल शुभ मुहूर्त तक नहीं निकलवाया। बिना किसी मुहूर्त के ही गायत्री परिवार की पद्धति से इन नवयुगलों को परिणय सूत्र में बांध दिया गया। इसे लेकर वहां काफी चर्चाएं रहीं।
प्रशासन की ओर से शादी समारोह कराने के लिए हमें आमंत्रण दिया गया था। फिलहाल वह प्रशासन के मुहूर्त के अनुसार शादी करा रहे हैं। इन सभी का गायत्री परिवार कार्यालय में पंजीकरण कराया गया है।
-हरस्वरूप शर्मा, आचार्य
शुभ कार्य के लिए कोई मुहूर्त नहीं होता। शुभ कार्य किसी भी मुहूर्त में कराए जा सकते हैं।
-आरबी भास्कर, सीडीओ
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मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत शासन की ओर से 61 नवयुगलों की शादी कराने के लिए धनराशि भेजी गई थी, लेकिन अभी तक इस धनराशि का इस्तेमाल नहीं हो सका था। अब चूंकि वित्तीय वर्ष समाप्त होने के कगार पर है, इसलिए इस धनराशि को लैप्स होने से बचाने के लिए प्रशासन ने सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन कराया। जल्दबाजी इतनी थी कि प्रशासन ने शादियों के एिल शुभ मुहूर्त तक नहीं निकलवाया। बिना किसी मुहूर्त के ही गायत्री परिवार की पद्धति से इन नवयुगलों को परिणय सूत्र में बांध दिया गया। इसे लेकर वहां काफी चर्चाएं रहीं।
प्रशासन की ओर से शादी समारोह कराने के लिए हमें आमंत्रण दिया गया था। फिलहाल वह प्रशासन के मुहूर्त के अनुसार शादी करा रहे हैं। इन सभी का गायत्री परिवार कार्यालय में पंजीकरण कराया गया है।
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-हरस्वरूप शर्मा, आचार्य
शुभ कार्य के लिए कोई मुहूर्त नहीं होता। शुभ कार्य किसी भी मुहूर्त में कराए जा सकते हैं।
-आरबी भास्कर, सीडीओ