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हाथरस : वैक्सीन की कमी से धीमी पड़ी टीकाकरण की रफ्तार
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संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए 18 साल से ऊपर वालों को कोरोनारोधी टीके की एहतियाती खुराक देने के अभियान की रफ्तार वैक्सीन की कमी से धीमी पड़ गई है। जिले में 994165 लोगों को 30 सितंबर तक एहतियाती खुराक लगाने का लक्ष्य दिया गया है, लेकिन वैक्सीन की कमी से अभियान की रफ्तार धीमी हो गई है। ऐसे में 75 दिनों में लक्ष्य पूरा करना विभाग के लिए चुनौतीपूर्ण हो गया है।
जिले में बीते कुछ दिनों से कोविशील्ड वैक्सीन की कमी होने से एहतियाती खुराक लगाने का अभियान प्रभावित हो रहा है। टीकाकरण के नये सत्र भी आयोजित नहीं हो पा रहे हैं। एहतियाती खुराक के टीकाकरण के शुभारंभ में स्वास्थ्य विभाग ने हर रोज सत्र आयोजित कर लोगों को टीका लगाने का दावा किया था, लेकिन अब इन सत्रों का आयोजन मुश्किल हो रहा है।
एहतियाती खुराक लगवाने वालों की संख्या नहीं बढ़ पा रही है, जबकि जिले में 15 जुलाई से कोरोनारोधी टीके की एहतियाती खुराक लगाना शुुरू किया गया था। वैक्सीन की कमी से अब तक मात्र 4.5 फीसदी लोगों को ही टीका लगाया जा सका है।
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- वैक्सीन की कमी से एहतियाती खुराक लगाने के अभियान में दिक्कत आ रही है। जैसे-जैसे हमें वैक्सीन उपलब्ध हो रही है, वैसे-वैसे टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। एहतियाती खुराक लगवाने के लिए लोग जागरूक भी कम हैं।
-डॉ. विजेंद्र सिंह, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी
- मैंने तो आज कोरोना रोधी टीके की तीसरी डोज लगवा ली है। इससे मैं और मेरा परिवार सुरक्षित महसूस कर रहा है। दूसरों को भी इसे लगवा लेना चाहिए।
अरविंद कुमार, निवासी नगला मल्लू
- कोरोना रोधी टीके की तीसरी डोज पूरी तरह से सुरक्षित है। इससे हमें कोरोना से लड़ने की शक्ति मिलती है। इसलिए सभी को तीसरी डोज लगवा लेनी चाहिए।
आशीष, निवासी नगर क्षेत्र
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कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए 18 साल से ऊपर वालों को कोरोनारोधी टीके की एहतियाती खुराक देने के अभियान की रफ्तार वैक्सीन की कमी से धीमी पड़ गई है। जिले में 994165 लोगों को 30 सितंबर तक एहतियाती खुराक लगाने का लक्ष्य दिया गया है, लेकिन वैक्सीन की कमी से अभियान की रफ्तार धीमी हो गई है। ऐसे में 75 दिनों में लक्ष्य पूरा करना विभाग के लिए चुनौतीपूर्ण हो गया है।
जिले में बीते कुछ दिनों से कोविशील्ड वैक्सीन की कमी होने से एहतियाती खुराक लगाने का अभियान प्रभावित हो रहा है। टीकाकरण के नये सत्र भी आयोजित नहीं हो पा रहे हैं। एहतियाती खुराक के टीकाकरण के शुभारंभ में स्वास्थ्य विभाग ने हर रोज सत्र आयोजित कर लोगों को टीका लगाने का दावा किया था, लेकिन अब इन सत्रों का आयोजन मुश्किल हो रहा है।
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एहतियाती खुराक लगवाने वालों की संख्या नहीं बढ़ पा रही है, जबकि जिले में 15 जुलाई से कोरोनारोधी टीके की एहतियाती खुराक लगाना शुुरू किया गया था। वैक्सीन की कमी से अब तक मात्र 4.5 फीसदी लोगों को ही टीका लगाया जा सका है।
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- वैक्सीन की कमी से एहतियाती खुराक लगाने के अभियान में दिक्कत आ रही है। जैसे-जैसे हमें वैक्सीन उपलब्ध हो रही है, वैसे-वैसे टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। एहतियाती खुराक लगवाने के लिए लोग जागरूक भी कम हैं।
-डॉ. विजेंद्र सिंह, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी
- मैंने तो आज कोरोना रोधी टीके की तीसरी डोज लगवा ली है। इससे मैं और मेरा परिवार सुरक्षित महसूस कर रहा है। दूसरों को भी इसे लगवा लेना चाहिए।
अरविंद कुमार, निवासी नगला मल्लू
- कोरोना रोधी टीके की तीसरी डोज पूरी तरह से सुरक्षित है। इससे हमें कोरोना से लड़ने की शक्ति मिलती है। इसलिए सभी को तीसरी डोज लगवा लेनी चाहिए।
आशीष, निवासी नगर क्षेत्र