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हाथरस : बहनों ने किया भाइयों के माथे पर तिलक, लिया रक्षा का वचन
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हाथरस : भाई दूज पर भाई को तिलक लगाती बहन। संवाद
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
गोवर्धन पूजा के बाद शुक्रवार को भाई दूज का पर्व हर्षोल्लास से मनाया गया। बहनों ने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर और आरती उतार उनकी लंबी उम्र की कामना की और उनसे रक्षा का वचन लिया। इसके बदले भाइयों ने बहनों को उपहार भेंट किए। बड़ी संख्या में भाई बहनों के साथ यमुना स्नान के लिए भी गए।
भाई-बहन के आत्मीय रिश्ते को दर्शाने वाले इस पर्व का इंतजार कई दिनों से था। सुबह से दूज को लेकर लोगों में उत्साह दिखाई दिया। धर्माचार्यों के अनुसार पूजा के लिए पूरा दिन शुभ रहा। बहनों ने भाइयों के माथे पर तिलक लगाया, मिठाई खिलाकर उनका मुंह मीठा कराया और उनकी आरती उतारी। भाइयों ने बहनों के पांव छूकर उनका आशीर्वाद लिया। सामर्थ्य के अनुसार उन्हें दक्षिणा और उपहार भेंट किए।
बहनों ने भाइयों की दीर्घायु की कामना के साथ उपवास भी रखा। वहीं भाइयों ने बहनों को उपहार भी दिए। कई बहनें घर पर भाइयों के इंतजार में रहीं तो कई बहनें भाइयों के घर उनका तिलक करने पहुंचीं। भाई दूज के दिन भी बहनों ने बाजारों में खरीदारी की। बहनें मिठाई और गोला आदि सामान खरीदती नजर आईं। भाई दूज को यम द्वितीया भी कहा जाता है, इसलिए कई भाई-बहन यमुना स्नान के लिए भी गए। संवाद
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गोवर्धन पूजा के बाद शुक्रवार को भाई दूज का पर्व हर्षोल्लास से मनाया गया। बहनों ने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर और आरती उतार उनकी लंबी उम्र की कामना की और उनसे रक्षा का वचन लिया। इसके बदले भाइयों ने बहनों को उपहार भेंट किए। बड़ी संख्या में भाई बहनों के साथ यमुना स्नान के लिए भी गए।
भाई-बहन के आत्मीय रिश्ते को दर्शाने वाले इस पर्व का इंतजार कई दिनों से था। सुबह से दूज को लेकर लोगों में उत्साह दिखाई दिया। धर्माचार्यों के अनुसार पूजा के लिए पूरा दिन शुभ रहा। बहनों ने भाइयों के माथे पर तिलक लगाया, मिठाई खिलाकर उनका मुंह मीठा कराया और उनकी आरती उतारी। भाइयों ने बहनों के पांव छूकर उनका आशीर्वाद लिया। सामर्थ्य के अनुसार उन्हें दक्षिणा और उपहार भेंट किए।
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बहनों ने भाइयों की दीर्घायु की कामना के साथ उपवास भी रखा। वहीं भाइयों ने बहनों को उपहार भी दिए। कई बहनें घर पर भाइयों के इंतजार में रहीं तो कई बहनें भाइयों के घर उनका तिलक करने पहुंचीं। भाई दूज के दिन भी बहनों ने बाजारों में खरीदारी की। बहनें मिठाई और गोला आदि सामान खरीदती नजर आईं। भाई दूज को यम द्वितीया भी कहा जाता है, इसलिए कई भाई-बहन यमुना स्नान के लिए भी गए। संवाद
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