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हाथरस हादसा: शवों के पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में सामने आई यह बात, अधिकतर इस वजह से हुई मौत
Wed, 03 Jul 2024 10:42 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: चमन शर्मा
Updated Wed, 03 Jul 2024 10:42 PM IST
सार
पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकों ने बताया कि अधिकांश मौत दम घुटने की वजह से छाती में परेशानी होने की वजह से हुई। कुछ शवों के पैर पर कुचले जाने के भी निशान मिले। कुछ शवों पर मामूली चोट के निशान भी मिले।
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पोस्ट मार्टम के दौरान पोस्ट मार्टम हाउस पर लगी परिजनों की भीड़
- फोटो : संवाद
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विस्तार
सिकंदराराऊ के गांव फुलरई मुगलगढ़ी में 2 जुलाई को सत्संग में भगदड़ मचने से जिन 121 लोगों की जान गई, उनमें से ज्यादातर की मौत की वजह दम घुटना रही। यह बात शवों के पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में सामने आई है। मरने वालों में 100 से अधिक महिलाएं व बच्चे शामिल हैं।
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हादसे में मरने वालों के शवों का हाथरस, अलीगढ़, एटा व आगरा जिले में पोस्टमार्टम कराया गया। घायलों को इलाज के लिए हाथरस के बागला संयुक्त जिला अस्पताल सहित पड़ोसी जिले के आगरा, अलीगढ़ व एटा के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। जहां उनका उपचार जारी जारी है। 2 जुलाई देर शाम शवों को एंबुलेंस व शव वाहनों से बागला जिला अस्पताल के पोस्टमार्टम गृह पर लाया गया।
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पोस्टमार्टम गृह पर 35 शव पहुंचे। ज्यादातर शव महिलाओं और बच्चों के थे। चिकित्सकों की अलग-अलग पांच टीमों ने इन सभी शवों का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकों ने बताया कि अधिकांश मौत दम घुटने की वजह से छाती में परेशानी होने की वजह से हुई। कुछ शवों के पैर पर कुचले जाने के भी निशान मिले। कुछ शवों पर मामूली चोट के निशान भी मिले।
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