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हाथरस : रक्षा सूत्र का रखा मान, भाई ने खून देकर बचाई बहन की जान
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हाथरस : अपनी बहन के साथ गोविंद उपाध्याय। संवाद
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
रक्षाबंधन पर भाई की कलाई पर राखी बांधने के साथ बहन की रक्षा का कवच निभाने वाले इन भाइयों में से कई ऐसे हैं जिनकी बहन को बीमारी के समय खून की जरूरत पड़ी है। ऐसे में वह बहन के जीवन की रक्षा के लिए आगे आए। उन्होंने बहन को खून देकर उसके जीवन की रक्षा की। इन भाइयों ने रक्षा सूत्र का मान रखते हुए भाई ने खून देकर बहन की जान बचाई है।
शहर से सटे गांव जोगिया निवासी टिंकू राना की बहन का अलीगढ़ में ऑपरेशन हुआ था। इस दौरान उन्हें रक्त की जरूरत पड़ी थी। टिंकू राना आनन फानन अलीगढ़ पहुंचे। उन्होंने कुछ दिन पहले ही अपनी बहन को खून देकर उनकी जान बचाई है। अब वह स्वस्थ हैं। टिंकू नि:स्वार्थ सेवा संस्थान में कार्यकारिणी सदस्य भी है। वह समय समय पर आमजन की सेवा के लिए समर्पित रहते हैं।
शहर से सटे गांव रघानिया निवासी अधिवक्ता गोविंद उपाध्याय की बहन की तबियत खराब हो गई थी। काफी समय से उनका उपचार भी चल रहा था। अचानक बहन का हिमोग्लोबिन कम हो गया। इस दौरान गोविंद उपाध्याय ने अपनी बहन को खून देकर उनकी जान बचाई। वह इस समय स्वस्थ है। गौरतलब है कि गोविंद उपाध्याय सामाजिक क्रियाकलापों में व समाज सेवा के कार्यों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते हैं। संवाद
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रक्षाबंधन पर भाई की कलाई पर राखी बांधने के साथ बहन की रक्षा का कवच निभाने वाले इन भाइयों में से कई ऐसे हैं जिनकी बहन को बीमारी के समय खून की जरूरत पड़ी है। ऐसे में वह बहन के जीवन की रक्षा के लिए आगे आए। उन्होंने बहन को खून देकर उसके जीवन की रक्षा की। इन भाइयों ने रक्षा सूत्र का मान रखते हुए भाई ने खून देकर बहन की जान बचाई है।
शहर से सटे गांव जोगिया निवासी टिंकू राना की बहन का अलीगढ़ में ऑपरेशन हुआ था। इस दौरान उन्हें रक्त की जरूरत पड़ी थी। टिंकू राना आनन फानन अलीगढ़ पहुंचे। उन्होंने कुछ दिन पहले ही अपनी बहन को खून देकर उनकी जान बचाई है। अब वह स्वस्थ हैं। टिंकू नि:स्वार्थ सेवा संस्थान में कार्यकारिणी सदस्य भी है। वह समय समय पर आमजन की सेवा के लिए समर्पित रहते हैं।
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शहर से सटे गांव रघानिया निवासी अधिवक्ता गोविंद उपाध्याय की बहन की तबियत खराब हो गई थी। काफी समय से उनका उपचार भी चल रहा था। अचानक बहन का हिमोग्लोबिन कम हो गया। इस दौरान गोविंद उपाध्याय ने अपनी बहन को खून देकर उनकी जान बचाई। वह इस समय स्वस्थ है। गौरतलब है कि गोविंद उपाध्याय सामाजिक क्रियाकलापों में व समाज सेवा के कार्यों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते हैं। संवाद

हाथरस : अपनी बहन के साथ टिंकू राना। संवाद- फोटो : HATHRAS
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