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हाथरस : आरक्षण की अनंतिम सूची पर मिलीं 191 आपत्तियों का किया निस्तारण
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिला प्रशासन की ओर से तैयार की गई आरक्षण की अनंतिम सूची पर प्राप्त 191 आपत्तियों का निस्तारण कर दिया गया है, लेकिन शासन के आदेश के बाद इन आपत्तियों का निस्तारण करने के बाद आरक्षण की अंतिम सूची को विभाग की ओर से अभी चस्पा नहीं किया गया है। अब विभाग को शासन के अग्रिम आदेश का इंतजार है। इधर, कई राजनेता अब भी आरक्षण की सूची में अपने मनमाफिक फेरबदल कराने की कोशिश में जुटे हैं।
पंचायतराज विभाग की ओर से पिछले दिनों ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत सदस्यों के पदों का आरक्षण निर्धारित किया गया था। इसकी अनंतिम सूची जारी की गई थी। इस सूची पर विभाग की ओर से आपत्तियां मांगी गई थीं। इसमें सबसे ज्यादा आपत्तियां विभाग को ग्राम प्रधान के पदों पर प्राप्त हुईं। यहां तक कि ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों पर नियम विरुद्घ आरक्षण का निर्धारण किए जाने का आरोप भी लगाया और अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं।
इस दौरान विभाग को 191 आपत्तियां प्राप्त हुईं। इन आपत्तियों का विभाग की ओर से 12 मार्च की देर शाम तक निस्तारण कर दिया गया, जिससे 13 मार्च को अंतिम सूची जारी की जा सके। सूत्रों के अनुसार अनंतिम सूची को अंतिम सूची में तब्दील किया जा रहा था। वहीं देर शाम ही शासन स्तर से अंतिम सूची जारी करने पर रोक लगा दी गई। शासन स्तर से इस रोक लगने के बाद राजनेता आरक्षण सूची में फेरबदल कराने की कोशिश में लग गए हैं।
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जिला प्रशासन की ओर से तैयार की गई आरक्षण की अनंतिम सूची पर प्राप्त 191 आपत्तियों का निस्तारण कर दिया गया है, लेकिन शासन के आदेश के बाद इन आपत्तियों का निस्तारण करने के बाद आरक्षण की अंतिम सूची को विभाग की ओर से अभी चस्पा नहीं किया गया है। अब विभाग को शासन के अग्रिम आदेश का इंतजार है। इधर, कई राजनेता अब भी आरक्षण की सूची में अपने मनमाफिक फेरबदल कराने की कोशिश में जुटे हैं।
पंचायतराज विभाग की ओर से पिछले दिनों ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत सदस्यों के पदों का आरक्षण निर्धारित किया गया था। इसकी अनंतिम सूची जारी की गई थी। इस सूची पर विभाग की ओर से आपत्तियां मांगी गई थीं। इसमें सबसे ज्यादा आपत्तियां विभाग को ग्राम प्रधान के पदों पर प्राप्त हुईं। यहां तक कि ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों पर नियम विरुद्घ आरक्षण का निर्धारण किए जाने का आरोप भी लगाया और अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं।
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इस दौरान विभाग को 191 आपत्तियां प्राप्त हुईं। इन आपत्तियों का विभाग की ओर से 12 मार्च की देर शाम तक निस्तारण कर दिया गया, जिससे 13 मार्च को अंतिम सूची जारी की जा सके। सूत्रों के अनुसार अनंतिम सूची को अंतिम सूची में तब्दील किया जा रहा था। वहीं देर शाम ही शासन स्तर से अंतिम सूची जारी करने पर रोक लगा दी गई। शासन स्तर से इस रोक लगने के बाद राजनेता आरक्षण सूची में फेरबदल कराने की कोशिश में लग गए हैं।
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