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हाथरस : होली पर पानी बचाने का लें संकल्प
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
शहर में साल-दर-साल भूगर्भ जल स्तर नीचे खिसक रहा है। होली पर हर बार बड़े पैमाने पर पानी की बर्बादी होती है। अगर यह सब नहीं रुका तो आने वाले समय में हालात और ज्यादा भयावह हो सकते हैं। ऐसे में जरूरी है कि लोग होली के मौके पर पानी बचाने का संकल्प लें। शहरी क्षेत्र में भूगर्भ जल स्तर में गिरावट का यह आलम है कि यहां पानी का स्तर 100 फीट से नीचे पहुंच गया है।
सड़कों पर बिना अनुमति के धड़ल्ले से सबमर्सिबल की बोरिंग हो रही है। जो लोग छिड़काव से लेकर सड़कें धोने के नाम पर जमकर पानी की बर्बादी करते हैं, उन पर सख्ती करने की जरूरत महसूस की जा रही है। जरूरी कदम उठाकर ही शहर में भूजल संपदा के क्षय को रोका जा सकता है।
उल्लेखनीय है कि शहर में करीब 35 हजार मकान हैं। इन मकानों में लाखों की संख्या में लोग रहते हैं। अधिकांश घरों में सबमर्सिबल लगी हुई हैं। यह सबमर्सिबल पानी भी नहीं दे पा रही हैं। एक अनुमान के मुताबिक हर रोज शहर में एक दर्जन के लगभग सबमर्सिबल लग रही हैं।
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अमृत योजना की जलापूर्ति का इंतजार
हाथरस। केंद्र सरकार द्वारा लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए अमृत योजना के तहत सैकड़ों किलोमीटर की पानी की पाइप लाइन बिछाई जा चुकी है। पानी के स्टॉक के लिए ओवरहैड टैंक भी अलग-अलग इलाकों में बनाए जा रहे हैं। लोगों को आधार कार्ड के जरिये कनेक्शन भी दिए जा रहे हैं। यदि अमृत योजना के तहत लोगों को पेयजल पहुंचने लग जाएगा तो काफी राहत मिलेगी। लोगों को उम्मीद है कि इस साल में अमृत योजना के तहत पेयजल आपूर्ति शुरू हो जाएगी।
पानी जीवन के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। दिन-प्रतिदिन पानी की कमी होती जा रही है। उसे ध्यान में रखते हुए पानी को बचाने के लिए हर संभव सबको प्रयास करना चाहिए। इस होली पर पानी बर्बादी न करें।
-हरीश शर्मा, वरिष्ठ अधिवक्ता।
यदि जल है तो जीवन है। इस अमूल्य संपदा को बचाने के लिए होली पर सभी लोग पानी को बचाने संकल्प लें। गर्मियों की शुरुआत के साथ पानी की बर्बादी रोकें। पक्षियों के लिए पानी मुंडेर पर रखें।
-मनोज अग्रवाल समाजसेवी।
पानी के महत्व को समझते हुए रंग की होली न खेलें। सूखे गुलाल की होली खेलकर अपने जीवन में उल्लास लाएं। जिनको पानी नहीं मिल पा रहा है, वह पानी को संरक्षण देकर सभी के जीवन में खुशियां लाने का काम करें।
-प्रवीण वार्ष्णेय, समाजसेवी
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शहर में साल-दर-साल भूगर्भ जल स्तर नीचे खिसक रहा है। होली पर हर बार बड़े पैमाने पर पानी की बर्बादी होती है। अगर यह सब नहीं रुका तो आने वाले समय में हालात और ज्यादा भयावह हो सकते हैं। ऐसे में जरूरी है कि लोग होली के मौके पर पानी बचाने का संकल्प लें। शहरी क्षेत्र में भूगर्भ जल स्तर में गिरावट का यह आलम है कि यहां पानी का स्तर 100 फीट से नीचे पहुंच गया है।
सड़कों पर बिना अनुमति के धड़ल्ले से सबमर्सिबल की बोरिंग हो रही है। जो लोग छिड़काव से लेकर सड़कें धोने के नाम पर जमकर पानी की बर्बादी करते हैं, उन पर सख्ती करने की जरूरत महसूस की जा रही है। जरूरी कदम उठाकर ही शहर में भूजल संपदा के क्षय को रोका जा सकता है।
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उल्लेखनीय है कि शहर में करीब 35 हजार मकान हैं। इन मकानों में लाखों की संख्या में लोग रहते हैं। अधिकांश घरों में सबमर्सिबल लगी हुई हैं। यह सबमर्सिबल पानी भी नहीं दे पा रही हैं। एक अनुमान के मुताबिक हर रोज शहर में एक दर्जन के लगभग सबमर्सिबल लग रही हैं।
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अमृत योजना की जलापूर्ति का इंतजार
हाथरस। केंद्र सरकार द्वारा लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए अमृत योजना के तहत सैकड़ों किलोमीटर की पानी की पाइप लाइन बिछाई जा चुकी है। पानी के स्टॉक के लिए ओवरहैड टैंक भी अलग-अलग इलाकों में बनाए जा रहे हैं। लोगों को आधार कार्ड के जरिये कनेक्शन भी दिए जा रहे हैं। यदि अमृत योजना के तहत लोगों को पेयजल पहुंचने लग जाएगा तो काफी राहत मिलेगी। लोगों को उम्मीद है कि इस साल में अमृत योजना के तहत पेयजल आपूर्ति शुरू हो जाएगी।
पानी जीवन के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। दिन-प्रतिदिन पानी की कमी होती जा रही है। उसे ध्यान में रखते हुए पानी को बचाने के लिए हर संभव सबको प्रयास करना चाहिए। इस होली पर पानी बर्बादी न करें।
-हरीश शर्मा, वरिष्ठ अधिवक्ता।
यदि जल है तो जीवन है। इस अमूल्य संपदा को बचाने के लिए होली पर सभी लोग पानी को बचाने संकल्प लें। गर्मियों की शुरुआत के साथ पानी की बर्बादी रोकें। पक्षियों के लिए पानी मुंडेर पर रखें।
-मनोज अग्रवाल समाजसेवी।
पानी के महत्व को समझते हुए रंग की होली न खेलें। सूखे गुलाल की होली खेलकर अपने जीवन में उल्लास लाएं। जिनको पानी नहीं मिल पा रहा है, वह पानी को संरक्षण देकर सभी के जीवन में खुशियां लाने का काम करें।
-प्रवीण वार्ष्णेय, समाजसेवी