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हाथरस : साल भर गंदगी और जलभराव से जूझते रहे बाशिंदे

Sun, 25 Dec 2022 11:51 PM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 25 Dec 2022 11:51 PM IST
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Hathras: Residents struggled with filth and waterlogging throughout the year
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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पूरा साल बीत गया लेकिन शहर के लोगोें को गंदगी और जलभराव की समस्या से निजात नहीं मिली। जलेसर रोड पर कूड़ा निस्तारण प्लांट भी शुरू नहीं हो सका। गंदे पानी की निकासी की समस्या का समाधान भी नहीं हो सका।
उल्लेखनीय है कि शहर के सीमा विस्तार के बाद आबादी बढ़ गई। इस हिसाब से बुनियादी सुविधाओं का संकट है। शहर में हर रोज कई टन कूड़ा घरों से निकलता है। शहर में कूड़ा डलाबघर के भी लिए भी पर्याप्त जगह नहीं है। इस कारण लोग शहर के मुख्य चौराहों व खाली पड़ी भूमि पर कूड़े को डाल रहे हैं। इस कारण गंदगी लोगों दिनचर्या में शामिल हो गई है।
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जलेसर रोड बना नया कूड़ाघर
शहर के जलेसर रोड स्थित सीवेज फार्म की भूमि पर पालिका ने कूड़ा निस्तारण प्लांट बनाया है। इस प्लांट के बनने के बाद वहां एकत्रित कूड़े का आज तक निस्तारण नहीं हुआ है। इसके अलावा अब कूड़ा डालने का नया स्थान शहर का जलेसर रोड बन गया है। यहां कूड़े से आने वाली दुर्गंध के चलते यहां से गुजरने वाले लोगों को नाक को बंद करके निकलना पड़ता है। केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा कूड़े को दो भागों में बांटा है। गीला कूड़ा खाद बनाने के काम आएगा, जबकि सूखा कूड़ा अन्य काम जैर्से इंट बनाने व सड़कों पर प्लास्टि की पर्त डालने का प्राविधान है। इसके बाद भी शहर के घरों से एकत्रित कर रहे कूड़े को एक में मिलाकर डंपिंग ग्राउंड पहुंचाया जा रहा है। इस कारण सूखा व गीला कूड़ा निस्तारण के इंतजाम कागजी साबित हो रहे हैं।
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स्वच्छता समितियां चली केवल कागजों पर
स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए शहर के सभी वार्डों में स्वच्छता समितियों का गठन किया गया है। समिति द्वारा स्वच्छता की निगरानी करनी थी। ये समितियां भी नगर पालिका के कागजों में चल रही है। स्वच्छता की रैंक के लिए सर्वे करने वालों को शहर में गंदगी का दंश नजर नहीं आता है। इस कारण साल-दर-साल रैंकिंग का अच्छा प्रदर्शन आ रहा है। जागरुकता का अभाव होने के कारण लोग गंदगी से होने वाले नुकसान से भी अनजान हैं।
सिंगल यूज प्लास्टिक पर नहीं लगा प्रतिबंध
शासन स्तर से सिंगल यूज प्लास्टिक को प्रतिबंधित कर दिया गया है। इसकी रोकथाम के लिए समय-समय पर अभियान भी चलाए गए। इसके बाद शहर के मुख्य बाजारों में धड़ल्ले से सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग हो रहा है। पॉलिथीन जल निकासी में बाधा खड़ी कर रही है। दूसरी ओर पानी की निकासी के पर्याप्त इंतजाम नही हैं। इस कारण बिन बारिश के जलभराव होना आम बात है।
बाशिंदों की व्यथा
कूड़े के ढेर से उठने वाली बदबू के कारण सांस लेना दूभर हो रहा है। नगर पालिका कूड़ा निस्तारण में हीलाहवाली बरत रही है। इसका खामियाजा बाशिंदों व राहगीरों को झेलना पड़ रहा है। जल्द से जल्द निस्तारण किया जाए।
-श्रीकृष्ण
एक तरफ सरकार स्वच्छता की बात कर रही है। दूसरी ओर शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। कूड़ा निस्तारण प्लांट से भी कूड़े का सही तरीके से निस्तारण नही कर पा रहा है। मुश्किलों से जूझना पड़ रहा है।
-सुनहरीलाल
स्वच्छता के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसके बाद भी शहर में गंदगी खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। गली मोहल्ले में गंदगी के ढेर लगे रहते हैं। गंदगी के चलते पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा है।

-मुकेश सेंगर
सफाई से बीमारियां दूर रहती हैं। जगह-जगह गंदगी के ढेर दावों को खोखला कर रहे हैं। शहर में पर्याप्त सफाई के अलावा जलनिकासी के भी पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। गंदगी व जलभराव के चलते कठिनाइयों के बीच जीवन यापन करना पड़ रहा है।
-जितेंद्र सिंह
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