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हाथरस : पानी की किल्लत के विरोध में गिजरौली के बाशिंदों ने किया प्रदर्शन
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हाथरस : गिजरौली में हैंडपंप खराब होने के विरोध में प्रदर्शन करते लोग। संवाद
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
शहरी सीमा में शामिल हुए गिजरौली क्षेत्र के लोग इस समय पानी के संकट से जूझ रहे हैं। यहां 40 इंडिया मार्क टू हैंडपंप शोपीस बने हुए हैं। बिजली जाने पर लोग जैसे-तैसे पानी का जुगाड़ करते हैं। रविवार को लोगों ने पानी के संकट को लेकर नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन भी किया।
तीन साल पहले हुए सीमा विस्तार में गिजरौली ग्राम पंचायत नगर की सीमा में शामिल हुई थी। करीब 15 हजार की आबादी वाली इस ग्राम पंचायत के लोगों को यह लगता था कि अब उन्हें शहर जैसी सुविधाएं मिलने लगेंगी, लेकिन हुआ इसके विपरीत वर्तमान में इस इलाके के लोग भीषण गर्मी में पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं। यहां लगे 70 इंडिया मार्क टू हैंडपंपों में से 35 हैंडपंप तो जल स्तर नीचा होने के कारण पानी छोड़ गए हैं।
करीब 10 हैंडपंपों की लंबे समय से मरम्मत नहीं हुई है। जब इन हैंडपंपों की बोरिंग कराई गई थी तो इसका स्तर 125 फीट गहरा था, लेकिन भूगर्भ जल स्तर में गिरावट से इन हैंडपंपों का पानी 150 से लेकर 165 फीट तक नीचे पानी पहुंच गया हैं। कई हैंडपंपों की रिबोरिंग भी नहीं हुई है। गर्मी में इन हैंडपंपों की खराबी से इलाके के लोगों के सामने पीने के लिए पानी की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। संवाद
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शहर में शामिल होने के बाद यहां पानी की किल्लत और बढ़ गई है। ज्यादातर इंडिया मार्क टू हैंडपंप खराब हैं। बिजली गुल हो जाए तो और ज्यादा समस्या खड़ी हो जाती है। नगर पालिका प्रशासन को यह हैंडपंप जल्द ठीक करवाने चाहिए।
-चंद्रशेखर
कई हैंडपंपों की तो रिबोरिंग ही नहीं हुई है और कई हैंडपंपों का अस्तित्व ही समाप्त हो गया है। कई बार शिकायत करने के बावजूद न जल निगम के अधिकारी सुनते हैं और न ही नगर पालिका प्रशासन कोई ध्यान देता है। भीषण गर्मी में पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा।
-महेंद्र
तीन-चार साल पहले जरूर यह हैंडपंप रिबोर कराए गए थे। उसके बाद भूजल स्तर नीचे चला गया तो ज्यादातर इंडिया मार्क टू हैंडपंपों से पानी की आपूर्ति बंद हो गई है। इसकी वजह से समस्या पैदा हो गई है। कोई भी सक्षम अधिकारी जवाब नहीं देता।
-दीपचंद्र
भीषण गर्मी में जब बिजली चली जाती है तो पानी का इंतजाम करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है। ज्यादातर इंडिया मार्क टू हैंडपंप खराब पड़े हैं। शहर की सीमा में शामिल होने का हमें कोई फायदा नहीं मिला। पानी का संकट और झेल रहे हैं।
-लेखराज सिंह
जहां-जहां भी इंडिया मार्क टू हैंडपंप खराब होने की जानकारी मिल रही है, उन्हें ठीक कराया जा रहा है। वैसे नगर पालिका पर इस बार शासन ने काफी कम बजट भेजा है। इसकी वजह से भी हैंडपंपों की मरम्मत और रिबोरिंग का काम प्रभावित हो रहा है।
-सोमप्रकाश, सहायक अभियंता वाटर वर्क्स, हाथरस
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शहरी सीमा में शामिल हुए गिजरौली क्षेत्र के लोग इस समय पानी के संकट से जूझ रहे हैं। यहां 40 इंडिया मार्क टू हैंडपंप शोपीस बने हुए हैं। बिजली जाने पर लोग जैसे-तैसे पानी का जुगाड़ करते हैं। रविवार को लोगों ने पानी के संकट को लेकर नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन भी किया।
तीन साल पहले हुए सीमा विस्तार में गिजरौली ग्राम पंचायत नगर की सीमा में शामिल हुई थी। करीब 15 हजार की आबादी वाली इस ग्राम पंचायत के लोगों को यह लगता था कि अब उन्हें शहर जैसी सुविधाएं मिलने लगेंगी, लेकिन हुआ इसके विपरीत वर्तमान में इस इलाके के लोग भीषण गर्मी में पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं। यहां लगे 70 इंडिया मार्क टू हैंडपंपों में से 35 हैंडपंप तो जल स्तर नीचा होने के कारण पानी छोड़ गए हैं।
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करीब 10 हैंडपंपों की लंबे समय से मरम्मत नहीं हुई है। जब इन हैंडपंपों की बोरिंग कराई गई थी तो इसका स्तर 125 फीट गहरा था, लेकिन भूगर्भ जल स्तर में गिरावट से इन हैंडपंपों का पानी 150 से लेकर 165 फीट तक नीचे पानी पहुंच गया हैं। कई हैंडपंपों की रिबोरिंग भी नहीं हुई है। गर्मी में इन हैंडपंपों की खराबी से इलाके के लोगों के सामने पीने के लिए पानी की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। संवाद
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शहर में शामिल होने के बाद यहां पानी की किल्लत और बढ़ गई है। ज्यादातर इंडिया मार्क टू हैंडपंप खराब हैं। बिजली गुल हो जाए तो और ज्यादा समस्या खड़ी हो जाती है। नगर पालिका प्रशासन को यह हैंडपंप जल्द ठीक करवाने चाहिए।
-चंद्रशेखर
कई हैंडपंपों की तो रिबोरिंग ही नहीं हुई है और कई हैंडपंपों का अस्तित्व ही समाप्त हो गया है। कई बार शिकायत करने के बावजूद न जल निगम के अधिकारी सुनते हैं और न ही नगर पालिका प्रशासन कोई ध्यान देता है। भीषण गर्मी में पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा।
-महेंद्र
तीन-चार साल पहले जरूर यह हैंडपंप रिबोर कराए गए थे। उसके बाद भूजल स्तर नीचे चला गया तो ज्यादातर इंडिया मार्क टू हैंडपंपों से पानी की आपूर्ति बंद हो गई है। इसकी वजह से समस्या पैदा हो गई है। कोई भी सक्षम अधिकारी जवाब नहीं देता।
-दीपचंद्र
भीषण गर्मी में जब बिजली चली जाती है तो पानी का इंतजाम करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है। ज्यादातर इंडिया मार्क टू हैंडपंप खराब पड़े हैं। शहर की सीमा में शामिल होने का हमें कोई फायदा नहीं मिला। पानी का संकट और झेल रहे हैं।
-लेखराज सिंह
जहां-जहां भी इंडिया मार्क टू हैंडपंप खराब होने की जानकारी मिल रही है, उन्हें ठीक कराया जा रहा है। वैसे नगर पालिका पर इस बार शासन ने काफी कम बजट भेजा है। इसकी वजह से भी हैंडपंपों की मरम्मत और रिबोरिंग का काम प्रभावित हो रहा है।
-सोमप्रकाश, सहायक अभियंता वाटर वर्क्स, हाथरस