{"_id":"5f53cf058ebc3e446940d7ea","slug":"hathras-renewal-of-insurance-of-vehicles-will-not-happen-without-pollution-control-certificate-hathras-news-ali2430582175","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाथरस: प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र के बिना नहीं होगा वाहनों के बीमा का नवीनीकरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथरस: प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र के बिना नहीं होगा वाहनों के बीमा का नवीनीकरण
विज्ञापन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र के बिना अब वाहनों का बीमा रिन्यू नहीं होगा। बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण ने इस संबंध में सभी बीमा कंपनियों को निर्देश भी जारी किए हैं। इस आदेश से टीटीजेड क्षेत्र में वाहनों से होने वाले प्रदूषण से काफी हद तक राहत मिलेगी। यदि कोई दुर्घटना हो जाती है तो प्रदूषण प्रमाणपत्र नहीं होने के कारण दावे का भुगतान मिलने में भी वाहन स्वामी को दिक्कत हो सकती है।
उल्लेखनीय है कि संशोधित मोटर वाहन अधिनियम 2019 में यह प्राविधान किया गया है कि कि अब वाहन धारकों को ऑनलाइन प्रदूषण प्रमाणपत्र रखना अनिवार्य है। वर्तमान में बढ़ते प्रदूषण के कारण आमजन को सांस लेना दूभर हो गया है, इसलिए (आईआरडीएआई) ने आदेश में कहा है कि कंपनियां बीमा पॉलिसी के नवीनीकरण के वक्त वाहनों स्वामियों से ऑनलाइन वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र लें। तभी वाहनों का बीमा करें।
अब बीमा कंपनियों को भी इस नियम का पालन करना होगा। जिले में तीन प्रदूषण जांच केंद्र वर्तमान में कार्यरत हैं। आरआई संतोष कुमार का कहना है कि अब बीमा कराने के लिए ऑनलाइन प्रदूषण प्रमाणपत्र आवश्यक हो गया है। वैसे स्थानीय स्तर पर बिना प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र के कोई काम नहीं किया जा रहा है। अभी इसका लिखित आदेश आना बाकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र के बिना अब वाहनों का बीमा रिन्यू नहीं होगा। बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण ने इस संबंध में सभी बीमा कंपनियों को निर्देश भी जारी किए हैं। इस आदेश से टीटीजेड क्षेत्र में वाहनों से होने वाले प्रदूषण से काफी हद तक राहत मिलेगी। यदि कोई दुर्घटना हो जाती है तो प्रदूषण प्रमाणपत्र नहीं होने के कारण दावे का भुगतान मिलने में भी वाहन स्वामी को दिक्कत हो सकती है।
उल्लेखनीय है कि संशोधित मोटर वाहन अधिनियम 2019 में यह प्राविधान किया गया है कि कि अब वाहन धारकों को ऑनलाइन प्रदूषण प्रमाणपत्र रखना अनिवार्य है। वर्तमान में बढ़ते प्रदूषण के कारण आमजन को सांस लेना दूभर हो गया है, इसलिए (आईआरडीएआई) ने आदेश में कहा है कि कंपनियां बीमा पॉलिसी के नवीनीकरण के वक्त वाहनों स्वामियों से ऑनलाइन वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र लें। तभी वाहनों का बीमा करें।
विज्ञापन
अब बीमा कंपनियों को भी इस नियम का पालन करना होगा। जिले में तीन प्रदूषण जांच केंद्र वर्तमान में कार्यरत हैं। आरआई संतोष कुमार का कहना है कि अब बीमा कराने के लिए ऑनलाइन प्रदूषण प्रमाणपत्र आवश्यक हो गया है। वैसे स्थानीय स्तर पर बिना प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र के कोई काम नहीं किया जा रहा है। अभी इसका लिखित आदेश आना बाकी है।
विज्ञापन