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हाथरस : अब जुगाड़ से हासिल नहीं कर पाएंगे मनचाहा नंबर
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
अब नई गाड़ी खरीदने पर वाहन स्वामी मनचाहा नंबर नहीं पा सकेंगे। गैर मनचाहा नंबर पाने के लिए गाड़ी खरीदने से पहले उसकी बुकिंग करानी होगी। अब नई व्यवस्था के तहत डीलर प्वाइंट पर जैसे ही नई गाड़ी का टैक्स जमा होगा, पंजीयन नंबर भी आवंटित हो जाएगा। नंबर के आवंटन में न ही डीलर का न ही एआरटीओ कार्यालय का कोई दखल होगा। गाड़ी नंबर आवंटन के बाद हालांकि एआरटीओ उसे ऑनलाइन अनुमोदन करेंगे।
इस नई व्यवस्था में डीलर प्वाइंट के पंजीयन में थोड़ा बदलाव भी किया गया है। इस बदलाव के तहत गाड़ी खरीदने वाले के पहले डिजिटल हस्ताक्षर व डॉक्यूमेंट को अपलोड किया जाएगा। उसके बाद गाड़ी का टैक्स जमा होगा। टैक्स जमा होते ही स्वत: नंबर का आवंटन हो जाएगा। नई व्यवस्था का पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू हो गई है।
नई व्यवस्था में गाड़ी मालिक को गैर वीआईपी मनचाहा नंबर पाने के लिए एडवांस में बुकिंग करानी होगी। मालिक को दो पहिया वाहन के लिए एक हजार रुपये और चार पहिया वाहन के लिए पांच हजार रुपये अदा करनें होंगे। इस मामले में एआरटीओ प्रशासन नीतू सिंह का कहना है कि पंजीयन व्यवस्था में कुछ बदलाव किया गया है। जैसा आदेश होगा उस पर अमल किया जाएगा। संवाद
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अब नई गाड़ी खरीदने पर वाहन स्वामी मनचाहा नंबर नहीं पा सकेंगे। गैर मनचाहा नंबर पाने के लिए गाड़ी खरीदने से पहले उसकी बुकिंग करानी होगी। अब नई व्यवस्था के तहत डीलर प्वाइंट पर जैसे ही नई गाड़ी का टैक्स जमा होगा, पंजीयन नंबर भी आवंटित हो जाएगा। नंबर के आवंटन में न ही डीलर का न ही एआरटीओ कार्यालय का कोई दखल होगा। गाड़ी नंबर आवंटन के बाद हालांकि एआरटीओ उसे ऑनलाइन अनुमोदन करेंगे।
इस नई व्यवस्था में डीलर प्वाइंट के पंजीयन में थोड़ा बदलाव भी किया गया है। इस बदलाव के तहत गाड़ी खरीदने वाले के पहले डिजिटल हस्ताक्षर व डॉक्यूमेंट को अपलोड किया जाएगा। उसके बाद गाड़ी का टैक्स जमा होगा। टैक्स जमा होते ही स्वत: नंबर का आवंटन हो जाएगा। नई व्यवस्था का पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू हो गई है।
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नई व्यवस्था में गाड़ी मालिक को गैर वीआईपी मनचाहा नंबर पाने के लिए एडवांस में बुकिंग करानी होगी। मालिक को दो पहिया वाहन के लिए एक हजार रुपये और चार पहिया वाहन के लिए पांच हजार रुपये अदा करनें होंगे। इस मामले में एआरटीओ प्रशासन नीतू सिंह का कहना है कि पंजीयन व्यवस्था में कुछ बदलाव किया गया है। जैसा आदेश होगा उस पर अमल किया जाएगा। संवाद
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