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हाथरस: जल संचयन के लिए लोगों को किया जाए जागरुक
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हाथरस: वर्षा जल संचयन के संबंा में कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक करते डीएम।
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
कलेक्ट्रेट सभागार में भू-जल सप्ताह अभियान के संबंध में डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार ने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में डीएम ने जल संचयन करने के लिए लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए।
डीएम ने कहा कि जिले में लगातार जल स्तर गिरता जा रहा है। भूजल सप्ताह के दौरान आम जनमानस को जल संरक्षित करने, वर्षा के जल का संचयन करने तथा भू-गर्भ में मौजूद जल का दोहन कम करने के लिए कार्यक्रमों के माध्यम से जागरूक करने के निर्देश संबंधित विभागीय अधिकारियों को दिए। डीएम ने कहा कि सरकारी भवनों, प्राईवेट स्कूलों, प्राईवेट अस्पतालों, औद्योगिक इकाइयों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए जाएं। कॉलोनियों, नगर निगम के पार्क और तालाब सहित निजी अवासों में भी रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने के लिए लोगों को जागरूक करें।
उन्होंने सभी ग्राम पंचायतों में सोखपिट बनवाने के भी निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि खेतों की मेड़बंदी, नहरों में चेकडैम निर्माण करने के साथ तालाबों की खुदाई और सफाई आदि कार्यों को कराया जाएं। डीएम ने गांव के छोटे तालाबों को पुनर्जीवित करने के साथ बड़े तालाबों को चिहिन्त कर आसपास के ग्रामीणों के जल संचयन के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए।
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सहायक अभियंता लघु सिंचाई ने बताया कि जनपद हाथरस में कुल 04 तहसील 07 विकास खंड हैं। जनपद का कुल क्षेत्रफल 1840 वर्ग किलोमीटर है। प्रतिवेदित क्षेत्रफल 148675 हेक्टयर है। सिंचित क्षेत्रफल 143951 हेक्टेयर है, जिसमें से 138002 हेक्टेयर निजी नलकूपों से सिंचित है। जिले के ब्लॉक मुरसान, सहपऊ, सासनी को अतिदोहित श्रेणी व ब्लॉक हाथरस को क्रिटिकल श्रेणी तथा विकास खण्ड सादाबाद एवं सिकंदराराऊ को सेमीक्रिटिकल श्रेणी में वर्गीकृत किया गया है।
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कलेक्ट्रेट सभागार में भू-जल सप्ताह अभियान के संबंध में डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार ने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में डीएम ने जल संचयन करने के लिए लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए।
डीएम ने कहा कि जिले में लगातार जल स्तर गिरता जा रहा है। भूजल सप्ताह के दौरान आम जनमानस को जल संरक्षित करने, वर्षा के जल का संचयन करने तथा भू-गर्भ में मौजूद जल का दोहन कम करने के लिए कार्यक्रमों के माध्यम से जागरूक करने के निर्देश संबंधित विभागीय अधिकारियों को दिए। डीएम ने कहा कि सरकारी भवनों, प्राईवेट स्कूलों, प्राईवेट अस्पतालों, औद्योगिक इकाइयों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए जाएं। कॉलोनियों, नगर निगम के पार्क और तालाब सहित निजी अवासों में भी रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने के लिए लोगों को जागरूक करें।
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उन्होंने सभी ग्राम पंचायतों में सोखपिट बनवाने के भी निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि खेतों की मेड़बंदी, नहरों में चेकडैम निर्माण करने के साथ तालाबों की खुदाई और सफाई आदि कार्यों को कराया जाएं। डीएम ने गांव के छोटे तालाबों को पुनर्जीवित करने के साथ बड़े तालाबों को चिहिन्त कर आसपास के ग्रामीणों के जल संचयन के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए।
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सहायक अभियंता लघु सिंचाई ने बताया कि जनपद हाथरस में कुल 04 तहसील 07 विकास खंड हैं। जनपद का कुल क्षेत्रफल 1840 वर्ग किलोमीटर है। प्रतिवेदित क्षेत्रफल 148675 हेक्टयर है। सिंचित क्षेत्रफल 143951 हेक्टेयर है, जिसमें से 138002 हेक्टेयर निजी नलकूपों से सिंचित है। जिले के ब्लॉक मुरसान, सहपऊ, सासनी को अतिदोहित श्रेणी व ब्लॉक हाथरस को क्रिटिकल श्रेणी तथा विकास खण्ड सादाबाद एवं सिकंदराराऊ को सेमीक्रिटिकल श्रेणी में वर्गीकृत किया गया है।