{"_id":"62605f4fb30b4c7e903bc2b1","slug":"hathras-notices-will-be-issued-to-secretaries-and-employment-servants-who-do-not-cooperate-in-development-works-hathras-news-ali2897387177","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाथरस : विकास कार्यों में सहयोग न करने वाले सचिवों व रोजगार सेवकों को जारी होंगे नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथरस : विकास कार्यों में सहयोग न करने वाले सचिवों व रोजगार सेवकों को जारी होंगे नोटिस
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
कलेक्ट्रेट सभागार में मनरेगा के माध्यम से कराए जा रहे विकास कार्यों, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन आदि की डीएम रमेश रंजन ने समीक्षा की। डीएम ने निर्धारित समयावधि में कार्यों को पूर्ण न कराने की दशा में संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में तैनात सेक्रेटरी तथा रोजगार सेवकों द्वारा सहयोग न किए जाने की दशा में नियमानुसार नोटिस जारी करते हुए ग्राम पंचायत में बैठकर सर्व सहमति के आधार पर सेवाएं समाप्त करने के निर्देश दिए।
मनरेगा के माध्यम से कराए जा रहे बड़े कार्यों के लिए लगाए जाने वाले मजदूरों के लिए 25 से 30 दिन का मस्टररोल जारी करने तथा मस्टररोल के अनुरूप मनरेगा मजदूरों को काम पर लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान यदि पाया जाता है कि जारी मस्टररोल से कम मजदूरों को काम पर लगाया गया है तथा उपस्थिति मस्टररोल के आधार पर दर्शाई गई है तो संबंधित की जिम्मेदारी तय करते हुए सेवाएं समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
पिछले सप्ताह की कार्य योजना के तहत लगभग 60 ग्राम पंचायतों में कार्य न कराए जाने तथा लगभग 40 से 50 ग्राम पंचायतों में औसत कार्य 10 दिन से कम होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित ग्राम पंचायतों के सेक्रेटरी तथा रोजगार सेवकों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान परियोजना निदेशक अश्वनी कुमार मिश्र ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में आवास निर्माण के लिए 151 का लक्ष्य प्राप्त हुआ था। जिसके सापेक्ष 138 आवासों का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है तथा शेष 10 आवासों में निर्माण कार्य चल रहा है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत बनाए जाने वाले समूहों तथा उनको दिए जाने वाले प्रशिक्षण की प्रगति संतोषजनक न होने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई।
विज्ञापन
कलेक्ट्रेट सभागार में मनरेगा के माध्यम से कराए जा रहे विकास कार्यों, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन आदि की डीएम रमेश रंजन ने समीक्षा की। डीएम ने निर्धारित समयावधि में कार्यों को पूर्ण न कराने की दशा में संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में तैनात सेक्रेटरी तथा रोजगार सेवकों द्वारा सहयोग न किए जाने की दशा में नियमानुसार नोटिस जारी करते हुए ग्राम पंचायत में बैठकर सर्व सहमति के आधार पर सेवाएं समाप्त करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
मनरेगा के माध्यम से कराए जा रहे बड़े कार्यों के लिए लगाए जाने वाले मजदूरों के लिए 25 से 30 दिन का मस्टररोल जारी करने तथा मस्टररोल के अनुरूप मनरेगा मजदूरों को काम पर लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान यदि पाया जाता है कि जारी मस्टररोल से कम मजदूरों को काम पर लगाया गया है तथा उपस्थिति मस्टररोल के आधार पर दर्शाई गई है तो संबंधित की जिम्मेदारी तय करते हुए सेवाएं समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
पिछले सप्ताह की कार्य योजना के तहत लगभग 60 ग्राम पंचायतों में कार्य न कराए जाने तथा लगभग 40 से 50 ग्राम पंचायतों में औसत कार्य 10 दिन से कम होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित ग्राम पंचायतों के सेक्रेटरी तथा रोजगार सेवकों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान परियोजना निदेशक अश्वनी कुमार मिश्र ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में आवास निर्माण के लिए 151 का लक्ष्य प्राप्त हुआ था। जिसके सापेक्ष 138 आवासों का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है तथा शेष 10 आवासों में निर्माण कार्य चल रहा है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत बनाए जाने वाले समूहों तथा उनको दिए जाने वाले प्रशिक्षण की प्रगति संतोषजनक न होने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई।