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हाथरस: भगवान जगन्नाथ हुए बीमार, दिया जा रहा काढ़ा
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
संपूर्ण जगत के नाथ भगवान श्री जगन्नाथ पौराणिक मान्यता के अनुसार ज्वर से ग्रसित हो गए हैं। भगवान के उपचार के लिए विभिन्न प्रकार की औषधियां जैसे लौंग, इलायची, काली मिर्च और मुलैठी आदि का काढ़ा बनाकर उपचार किया जा रहा है।
शहर की जैन गली में स्थित मंदिर में दो शताब्दी से अधिक विराजमान भगवान जगन्नाथ को भयंकर गर्मी से निजात दिलाने के लिए जेष्ठ मास की पूर्णिमा को 108 कलश से स्नान कराया गया, जिससे वह ज्वर से ग्रसित हो गए। भगवान जगन्नाथ के मंदिर में इन दिनों पूजा-अर्चना शंख, घंटा और घड़ियाल आदि बाद्य यंत्र प्रतिबंधित हो गए हैं। भगवान जगन्नाथ पीड़ा सहन करते हुए आराम कर रहे हैं।
भगवान की आरती आदि भी नहीं की जा रही है। भगवान के स्वस्थ होने के उपरांत भगवान भक्तों को दर्शन देंगे। महंत आचार्य राजकुमार ने सभी भक्तों से अपील है कि भगवान जगन्नाथ का स्मरण कर भजन करें, जिससे वह स्वस्थ होकर 23 जून को मंगलवार को भक्तों पर कृपा करेंगे। अपनी पीड़ा को हरण करते हुए भक्तों की पीड़ा का हरण करेंगे।
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संपूर्ण जगत के नाथ भगवान श्री जगन्नाथ पौराणिक मान्यता के अनुसार ज्वर से ग्रसित हो गए हैं। भगवान के उपचार के लिए विभिन्न प्रकार की औषधियां जैसे लौंग, इलायची, काली मिर्च और मुलैठी आदि का काढ़ा बनाकर उपचार किया जा रहा है।
शहर की जैन गली में स्थित मंदिर में दो शताब्दी से अधिक विराजमान भगवान जगन्नाथ को भयंकर गर्मी से निजात दिलाने के लिए जेष्ठ मास की पूर्णिमा को 108 कलश से स्नान कराया गया, जिससे वह ज्वर से ग्रसित हो गए। भगवान जगन्नाथ के मंदिर में इन दिनों पूजा-अर्चना शंख, घंटा और घड़ियाल आदि बाद्य यंत्र प्रतिबंधित हो गए हैं। भगवान जगन्नाथ पीड़ा सहन करते हुए आराम कर रहे हैं।
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भगवान की आरती आदि भी नहीं की जा रही है। भगवान के स्वस्थ होने के उपरांत भगवान भक्तों को दर्शन देंगे। महंत आचार्य राजकुमार ने सभी भक्तों से अपील है कि भगवान जगन्नाथ का स्मरण कर भजन करें, जिससे वह स्वस्थ होकर 23 जून को मंगलवार को भक्तों पर कृपा करेंगे। अपनी पीड़ा को हरण करते हुए भक्तों की पीड़ा का हरण करेंगे।
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