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हाथरस : आइना तुम बनो तो संवर जाएंगे, जिंदगी आपके नाम कर जाएंगे...
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कवि सम्मेलन में जिला पंचायत सदस्य रामेश्वर पहलवान का स्वागत करते आयोजक। संवाद
- फोटो : SIKANDHRA RAHU
संवाद न्यूज एजेंसी, सिकंदराराऊ।
विमल साहित्य संवर्धक संस्था के बैनर तले शनिवार को ग्राम बरामई में ‘ग्राम्य काव्योत्सव’ कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। दूर-दराज से आए कवियों ने काव्य पाठ कर ग्रामीणों का मनोरंजन किया। शुभारंभ मां सरस्वती के छवि चित्र के समक्ष अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
कासगंज के वरिष्ठ गीतकार डॉ. अजय अटल ने सरस्वती पेश की। लखनऊ की कवियित्री हेमा पांडेय ने आइना तुम बनो तो संवर जाएंगे, जिंदगी आपके नाम कर जाएंगे, सुनाई। रायबरेली के कवि डॉ. गोविंद गजब ने रखने को मान प्रेम का सब जानते हुए, भगवान भी सोने का हिरन ढूंढ रहे हैं, सुनाकर तालियां बटोरीं।
वरिष्ठ कवि ग़ाफिल स्वामी ने चलें हम सत्य के पथ पर, बहाएं प्रेम की गंगा, तिरंगा हाथ में लेकर वतन के गीत गाएं हम, सुनाई। सबरस मुरसानी ने ऊंचा है हिंद गगन से जोशीला पवन अगन से, न उलझो इस वतन से नहीं मर जाओगे कसम से, सुनाकर तालियां बटोरीं।
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व्यंग्यकार देवेंद्र दीक्षित शूल ने सबसे बड़ी दफा, रफा-दफा, चमचागीरी की दुकान नफाही नफा, सुनाई। हास्य कवि मणि मधुकर मूसल ने सौभाग्यशाली मूसल का कितना है ये जनम, मूसल लगा है देखो दाऊ जी के हाथ मे, सुनाई। विश्राम सिंह ने कविता कविता करते करते एक कवि का नाम हो गया, कविता तुलसी सी पावन हुई कवि भी सालिगराम हो गया, सुनाई।
अध्यक्षता डायट प्राचार्य अलीगढ़ कवि धर्मेंद्र विद्रोही ने की एवं संचालन शिवम कुमार आजाद ने किया। संयोजक अवशेष कुमार विमल और आयोजक ग्राम प्रधान संतोष यादव थे। मुख्य अतिथि के रूप में जिला महामंत्री भाजपा जिला युवा मोर्चा सोमेश यादव, विशिष्ट अतिथि जिला पंचायत सदस्य रामेश्वर पहलवान मौजूद रहे।
कवि मनोज नागर, विवेकशील राघव, उन्नति भारद्वाज, पंकज पंडा, अवनीश यादव, राजकिशोर राज आदि ने भी काव्यपाठ किया। इस मौके पर हरपाल सिंह यादव, महेश संघर्षी, डॉ. शरीफ अली, त्रिभुवन शर्मा, अरविंद भारद्वाज, देवा राजपूत, अमीर सिंह यादव, संजीव यादव, विशाल चौधरी, मोहित कुमार, शुभाष कुमार, अखिलेश यादव, राजन सिंह, अजय कुमार आदि लोग उपस्थित रहे।
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विमल साहित्य संवर्धक संस्था के बैनर तले शनिवार को ग्राम बरामई में ‘ग्राम्य काव्योत्सव’ कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। दूर-दराज से आए कवियों ने काव्य पाठ कर ग्रामीणों का मनोरंजन किया। शुभारंभ मां सरस्वती के छवि चित्र के समक्ष अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
कासगंज के वरिष्ठ गीतकार डॉ. अजय अटल ने सरस्वती पेश की। लखनऊ की कवियित्री हेमा पांडेय ने आइना तुम बनो तो संवर जाएंगे, जिंदगी आपके नाम कर जाएंगे, सुनाई। रायबरेली के कवि डॉ. गोविंद गजब ने रखने को मान प्रेम का सब जानते हुए, भगवान भी सोने का हिरन ढूंढ रहे हैं, सुनाकर तालियां बटोरीं।
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वरिष्ठ कवि ग़ाफिल स्वामी ने चलें हम सत्य के पथ पर, बहाएं प्रेम की गंगा, तिरंगा हाथ में लेकर वतन के गीत गाएं हम, सुनाई। सबरस मुरसानी ने ऊंचा है हिंद गगन से जोशीला पवन अगन से, न उलझो इस वतन से नहीं मर जाओगे कसम से, सुनाकर तालियां बटोरीं।
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व्यंग्यकार देवेंद्र दीक्षित शूल ने सबसे बड़ी दफा, रफा-दफा, चमचागीरी की दुकान नफाही नफा, सुनाई। हास्य कवि मणि मधुकर मूसल ने सौभाग्यशाली मूसल का कितना है ये जनम, मूसल लगा है देखो दाऊ जी के हाथ मे, सुनाई। विश्राम सिंह ने कविता कविता करते करते एक कवि का नाम हो गया, कविता तुलसी सी पावन हुई कवि भी सालिगराम हो गया, सुनाई।
अध्यक्षता डायट प्राचार्य अलीगढ़ कवि धर्मेंद्र विद्रोही ने की एवं संचालन शिवम कुमार आजाद ने किया। संयोजक अवशेष कुमार विमल और आयोजक ग्राम प्रधान संतोष यादव थे। मुख्य अतिथि के रूप में जिला महामंत्री भाजपा जिला युवा मोर्चा सोमेश यादव, विशिष्ट अतिथि जिला पंचायत सदस्य रामेश्वर पहलवान मौजूद रहे।
कवि मनोज नागर, विवेकशील राघव, उन्नति भारद्वाज, पंकज पंडा, अवनीश यादव, राजकिशोर राज आदि ने भी काव्यपाठ किया। इस मौके पर हरपाल सिंह यादव, महेश संघर्षी, डॉ. शरीफ अली, त्रिभुवन शर्मा, अरविंद भारद्वाज, देवा राजपूत, अमीर सिंह यादव, संजीव यादव, विशाल चौधरी, मोहित कुमार, शुभाष कुमार, अखिलेश यादव, राजन सिंह, अजय कुमार आदि लोग उपस्थित रहे।